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  11. <title>Jawani Tales</title>
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  14. <description>Antarvasna Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स स्टोरी</description>
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  31. <title>कोरोना लॉकडाउन में माँ की चूत चुदाई &#8211; Maa Ki Chudai Ki Kahani</title>
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  33. <dc:creator><![CDATA[Jawani Tales]]></dc:creator>
  34. <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 11:40:32 +0000</pubDate>
  35. <category><![CDATA[Antarvasna Sex Stories]]></category>
  36. <category><![CDATA[Desi Sex Story]]></category>
  37. <category><![CDATA[Hindi Sex Story]]></category>
  38. <category><![CDATA[Mother Son Sex]]></category>
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  40.  
  41. <description><![CDATA[Maa Ki Chudai Ki Kahani &#8211; दोस्तो ये सच्ची घंटा है, जो अभी भी हुई है। मेरे घर में मेरी विधवा माँ अनिता और मैं विनय, मेरी छोटी बहन निधि और मेरे दादा जी रहते हैं। मेरे पापा की कैंसर की वजह से मौत हो गई थी, और इस बात को 6 साल हो गए...]]></description>
  42. <content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://jawanitales.com/maa-ki-chudai-ki-kahani/"><strong>Maa Ki Chudai Ki Kahani</strong></a> <strong>&#8211;</strong> दोस्तो ये सच्ची घंटा है, जो अभी भी हुई है। मेरे घर में मेरी विधवा माँ अनिता और मैं विनय, मेरी छोटी बहन निधि और मेरे दादा जी रहते हैं।</p>
  43. <p>मेरे पापा की कैंसर की वजह से मौत हो गई थी, और इस बात को 6 साल हो गए हैं। मेरी माँ की उमर 37 साल है, पर इस उमर की भी 30 साल लगती है।</p>
  44. <p>उनका सेक्सी फिगर साइज़ 33-29-33 है, उनके स्तन और गांड एक दम परफेक्ट हैं। ज़्यादातार वो घर में नाइटी ही पहनती है, और अगर उसे बाहर जाना होता तो वो सफ़ेद साड़ी पहनती थी।</p>
  45. <p>पापा के जाने के बाद मेरी माँ ने सब कुछ छोड़ दिया था, अब वो ना ही ब्रा पहनती थी और ना ही पैंटी पहनती थी। इसलिए उनके आम बहुत ही मस्त दिखते हैं।</p>
  46. <p>मैं अपनी मां बहुत पहले से ही दवाना हूं, पर जब से पापा गए थे। मुझे अपनी माँ अब तरस सा आ रहा था, उसकी जवानी मेरे बाप ने बरबाद कर दी थी।</p>
  47. <p>मेरे दादा ने काफ़ी बार उन्हें दूसरी शादी के लिए बोला था, पर ये समाज क्या कहेगा इस बात उन्हें डर था। अभी वो सब दर्द भूल कर करती थी।</p>
  48. <p>पर कोरोना की वजह से हुआ यूं कि दादा और बहन गांव में अटक गए थे। अब यहां मैं और मां ही रह गए थे, और इसी बीच हम दोनों पास में आ गए।</p>
  49. <p>एक दिन सुबह मेरी आँख खुली तो माँ नंगी थी, वो और कबर्ड में से कपड़े निकल रही थी। माँ का नंगा जिस्म देख कर मेरा लंड टाइट हो गया।</p>
  50. <p>माँ की चूत झांटो से भरी हुई थी, उनके स्तन लटके हुए थे। माँ ने अपनी चूत को खुजाया और उन्हें अपनी नाइटी डाल ली, अब उन्हें मेरी तरफ देखा तो मैंने झट से अपनी आंख बंद कर ली।</p>
  51. <p>Are You looking for &#8220;<a href="https://bangalorestreetgirl.com/" target="_blank" rel="noopener"><b>Bangalore Escorts</b></a>&#8221; ?</p>
  52. <h2 style="text-align: center;">कोरोना लॉकडाउन में माँ की चूत चुदाई &#8211; Maa Ki Chudai Ki Kahani</h2>
  53. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter wp-image-380 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-1024x470.webp" alt="Holi Sex Story" width="640" height="294" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-1024x470.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-300x138.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-768x353.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-1536x705.webp 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-850x390.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story.webp 1842w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  54. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai Ki Kahani</strong></p>
  55. <p>पर माँ ने मेरी पैंट में बाना हुआ तंबू देख लिया था। अब मुझे मां को देख कर गंदे ख्याल आने लग गए, मां भी भारी जवान में विधवा हुई थी।</p>
  56. <p>उसकी चूत की आग अभी भी जिंदा थी, डॉफर को ऐसी ही मां की गोद में पड़े हुए टीवी देख रहा था। मैं माँ के पैसे की खुशबू लेना चाहता था।</p>
  57. <p>इसलिए मैं भगवान में सर रख कर माँ की पसीने से भरी नाभि की गंध ले रहा था। माँ ने मेरा हाथ पकड़ कर मेरे बढ़ते हुए नाखुन देख कर मुझे डांट रही थी।</p>
  58. <p>वो अंजाने में मेरी उंगलियों को अपनी छती को लगा रही थी। मेरे हाथ उनके स्तन पर लग रहे थे, मेरे अंदर अब कुछ कुछ हो रहा था।</p>
  59. <p>मुझे समझ नहीं आ रहा था, कि माँ जान बुझ कर रही है या ये अंजन में हो रहा है। इसका एहसास नहीं हो रहा था, पर मेरा तंबू बन गया था।</p>
  60. <p>अब मुझ पर नियंत्रण नहीं हो रहा था, और मैं भूल गया था कि ये औरत मेरी माँ है। मुझे मेरी हवस की वजह से बस ये लग रहा था, कि मुझे इस घटिया बदन की औरत को बस चोदना है।</p>
  61. <p>मैंने थोड़ी हिम्मत की और माँ के स्तनों को पकड़ कर टीवी देखने लग गया। जब माँ ने मुझे देखा तो मैं टीवी देख रहा था। मैंने ऐसे रिएक्ट किया कि जैसे मैंने अंजाने में ये सब किया है।</p>
  62. <p>माँ ने मुझे कुछ नहीं कहा, ये देख कर अब मेरी हिम्मत बढ़ गई थी। अब मैं उनके स्तनों को हल्के हल्के दबा रहा था, माँ ने मेरा हाथ पकड़ लिया और उसे साइड में कर दिया, अब माँ खुद पीछे हो कर बड़ी बड़ी सांस लेने लग गयी।</p>
  63. <p>माँ अब गरम हो गई थी ये मैं साफ देख रहा था। माँ के स्तन इतने मुलायम थे कि ऐसा लग रहा था कि मैं कपास को दबा रहा हूँ।</p>
  64. <p>अब मैं माँ के निपल्स को ढूंढ रहा था। निपल्स मिलते ही मैंने हाथ से निचोड़ना शुरू कर दिया। अब माँ अपने हौंथ चबाने लग गई।</p>
  65. <p>अब मैं माँ को ही देख रहा था, और माँ ने मुझे देखा और हम दोनों की आँखों में हवा भरी हुई थी। मैंने मां की पेठ को पकड़ कर अपनी और उन्हें झुकना चाहा।</p>
  66. <p>माँ खुद झुक कर अब वेसे हो गई, क्योंकि कोई माँ अपने बच्चे को दूध पिलाती है। अब वो मेरे बालों को सहलाने लग गई, मैं नाइटी के ऊपर से ही माँ के स्तनों को चूस रहा था।</p>
  67. <p>मुझसे उनकी नाइटी के बटन अब खुल नहीं रहे थे, माँ ने खुद ही अपने बटन को खोल कर अपने स्तनों को बाहर निकाल लिया।</p>
  68. <p>अब वो मुझे खुद एक बच्चे की तरह अपना दूध पिलाने लग गई। अब उनके मुँह से अहह अहह सी कर रही थी, और वो अपनी झंग हिला हिला कर मुझे ऊपर कर रही थी।</p>
  69. <p>जेसे कोई छोटे बच्चे के साथ करता है, मेरे सर को लगता है संभल रही थी। मैं तो पूरा लगा हुआ था, अंदर जो था उसे मैं चूस रहा था।</p>
  70. <p>अब माँ मुझे ज्यादा देर तक एक स्तन नहीं चूसवा रही थी, वो बारी बारी एक स्तन को मेरे मुँह में डाल रही थी। मैं आधे घंटे से ऐसा ही कर रहा था।</p>
  71. <p>अब माँ उठ कर बाथरूम में चली गई, और जब मैं पीछे जा कर उन्हें चुपके से देखा तो माँ अपनी चूत में उंगली कर रही थी। मैं भी अब बाहर से अपना लंड हिलाने लग गया, और फिर झड़ कर मैं भी सो गया।</p>
  72. <p>शाम को मां ने चाय बना कर मुझे उठाया, मां मुझे अब एक बांध अलगा ही नजरिये से देख ही थी। जेसे एक औरत अपने पति को देखती है, और वह मुझसे ऐसा व्यवहार कर रही थी।</p>
  73. <p>शाम के खाने के समय मैंने देखा कि माँ की नाइटी के बटन खुले थे। माँ जब झुक कर मुझे खाना परोस रही थी, तो माँ का एक स्तन बाहर आ रहा था।</p>
  74. <p>अब मेरा लंड टाइट हो गया था, और मैंने खाना खाया ये मुझे ही पता है। फ़िर माँ ने बिस्तर लगा लिया और हम दोनों हमें पार कर गए। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मैं माँ की गोदी में चला गया।</p>
  75. <p><a href="https://snehaoswal.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-370 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-1024x534.webp" alt="Baap Beti Ki Chudai ki Kahani" width="640" height="334" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-1024x534.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-300x156.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-768x400.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-1536x801.webp 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-850x443.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani.webp 1734w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  76. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai Ki Kahani</strong></p>
  77. <p>माँ ने भी मुझे लिया और अपने स्तन बाहर निकाल कर मुझे चुसवाने लग गयी। अब मैं अपने हाथ नीचे ले कर जा रहा था, मैंने मैक्सी से ही उनकी चूत रगड़नी शुरू कर दी।</p>
  78. <p>धीरे-धीरे मैं उनकी मैक्सी को ऊपर कर रहा था, अब मैंने उनकी कमर ऊपर तक कर ली। पर वो उनकी गांड के नीचे दबी हुई थी, तो मैं उनके कान में बोला &#8211; माँ मैक्सी उतारी ना।</p>
  79. <p>माँ उठ कर अब नंगी हो कर वो फिर से लेट गई। अब मैं भी नंगा हो गया और मैं उनके ऊपर चढ़ गया। माँ से अब नहीं जा रहा, और वो बस अहह अहह कर रही थी।</p>
  80. <p>मैं माँ को चूम रहा था, और जैसे ही मैंने माँ के होठों को पकड़ा तो माँ ने मुझे कस कर पकड़ा और हम दोनों शुरू हो गए।</p>
  81. <p>हम दोनों एक दूसरे की जिंदगी को चूस रहे थे, मां अब शुद्ध जोश में आ गई थी।</p>
  82. <p>माँ – बेटा अब घंटा नहीं जा रहा है, अब मुझे तू शादी दे दे बेटा।</p>
  83. <p>मैं- मां इतनी भी क्या जल्दी है, अभी तो पूरी रात पड़ी है। आज मैं आपको अपनी पत्नी बना कर प्यार दूंगा।</p>
  84. <p>इतना बोल कर मैंने उनकी नाभि को चटाना शुरू कर दिया। अब मैं धीरे-धीरे नीचे गया और उनकी झांटों की वजह से मुझे समझ नहीं आया कि उनकी चूत का दाना खराब हो गया है।</p>
  85. <p>माँ ने अपनी चूत के होंथ फेला लिए, तो मैंने अपनी जीब हमें डाल दी। अब माँ अपनी गांड उठा कर मेरा सर अपनी चूत पर दबा रही थी, अब उसने मेरे सर को अपने पैरो से लॉक कर लिया।</p>
  86. <p>मैंने माँ के हाथ पकड़ कर अपना लंड रखा, और माँ मेरे लंड को हिलाने लग गयी।</p>
  87. <p>मैं- मां इसे चूसो ना.</p>
  88. <p><strong>Maa Ki Chudai Ki Kahani &#8211; </strong>अब माँ मेरा लंड लॉलीपॉप की तरह चूसने लग गयी, और उठ कर वो मेरे ऊपर बैठ गयी। अब वो आहा आहा कर रही थी, और धीरे धीरे मेरा लंड अंदर रगड़ रही थी।</p>
  89. <p>मुझे तो अब ऐसा लग रहा था, कि मैं सवार हो गया हूं। मैंने उनके बाल पकड़े और मेरे मुँह के पास अपना मुँह करके वो मुझे चूमने लग गई।</p>
  90. <p>अब मैंने जगह से ढकने शुरू कर दिए, माँ एक दम से चिल्ला रही थी। अब वो रोने लगी थी, अब मैं रुका और वो बोली &#8211; बेटा अब मत रुक, मुझे चोद कर तू पूरी कर दे। आज मेरे बेटे तू मेरी सारी प्यास को बुझा दे, अब रुकना मत।</p>
  91. <p>मैंने माँ को नीचे पलटा और मैं उनके ऊपर आ कर उन्हें चोदने लग गया। अब मेरी माँ मेरी कमर पर अपनी नखुन गाड़ रही थी, मैं भी माँ के स्तनों को मसल रहा था।</p>
  92. <p>मैं – मेरी माँ आज से मैं तुझे हर रोज़ चोदूंगा, अब तू मेरी ना है ना माँ?</p>
  93. <p>माँ – आहा आ हान.</p>
  94. <p>अब हम दोनों शुद्ध पसीने से भीग गए थे, मैंने अंदर ही अपना पानी छोड़ दिया। मां ने मुझे पकड़ कर अब अपने ऊपर ही रखा और 10 मिनट के बाद एक बूंद भी बाहर नहीं आई।</p>
  95. <p>फिर वो नंगी ही मेरे साथ लेट गई, सुबह उठा तो माँ की नाइटी में नाश्ता बना रही थी। मां जा कर उनके पीछे से किस करने लग गया, और वो बोली- चल हट दूर हो जा शैतान, नहा कर नाश्ता कर ले। और अभी मुझे काम कर दे, इसके बाद रात को करना जो करना है।</p>
  96. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><strong>Bangalore Escorts</strong></a></p>
  97. <p><strong><a href="https://www.angelsharma.in/" target="_blank" rel="noopener">Delhi Escorts</a></strong></p>
  98. <p><a href="https://www.angelsharma.in/mahipalpur-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Mahipalpur Escorts</strong></a></p>
  99. <p><a href="https://www.angelsharma.in/aerocity-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Aerocity Escorts</strong></a></p>
  100. <figure id="attachment_290" aria-describedby="caption-attachment-290" style="width: 640px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://pbescorts.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="wp-image-290 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Hindi-Kahani-1024x533.webp" alt="Maa Ki Chudai Ki Kahani" width="640" height="333" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Hindi-Kahani-1024x533.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Hindi-Kahani-300x156.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Hindi-Kahani-768x400.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Hindi-Kahani-850x443.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Hindi-Kahani.webp 1532w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a><figcaption id="caption-attachment-290" class="wp-caption-text"><strong>Maa Ki Chudai Ki Kahani </strong></figcaption></figure>
  101. ]]></content:encoded>
  102. </item>
  103. <item>
  104. <title>मम्मी के काले जामुन चूसे &#8211; Maa Bete Ki Sex Story</title>
  105. <link>https://jawanitales.com/maa-bete-ki-sex-story/</link>
  106. <dc:creator><![CDATA[Jawani Tales]]></dc:creator>
  107. <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 11:38:34 +0000</pubDate>
  108. <category><![CDATA[Antarvasna Sex Stories]]></category>
  109. <category><![CDATA[Family Sex Story]]></category>
  110. <category><![CDATA[Hindi Sex Story]]></category>
  111. <category><![CDATA[Mother Son Sex]]></category>
  112. <guid isPermaLink="false">https://jawanitales.com/?p=455</guid>
  113.  
  114. <description><![CDATA[Maa Bete Ki Sex Story &#8211; मेरा नाम सरोज है। मैं अभी 23 साल का हूं। मेरी मम्मी का नाम अनिता है। उनकी उम्र 37 साल है। वह गोरी-चिट्टी दिखने में बहुत ही आकर्षक है। मम्मी मेरी बहुत ही खूबसूरत है। उनकी खूबसूरती से पड़ोस की सारी आंटीयां जलती हैं। मम्मी के पड़ोस में कोई...]]></description>
  115. <content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://jawanitales.com/maa-bete-ki-sex-story/"><strong>Maa Bete Ki Sex Story</strong></a> <strong>&#8211;</strong> मेरा नाम सरोज है। मैं अभी 23 साल का हूं। मेरी मम्मी का नाम अनिता है। उनकी उम्र 37 साल है। वह गोरी-चिट्टी दिखने में बहुत ही आकर्षक है। मम्मी मेरी बहुत ही खूबसूरत है। उनकी खूबसूरती से पड़ोस की सारी आंटीयां जलती हैं।</p>
  116. <p>मम्मी के पड़ोस में कोई भी उनके दोस्त नहीं है। वह हमेशा ही घर पर रहती है, और अकेले ही मार्केट में चली जाती थी। पापा बिजनेस के सिलसिले में ज्यादातर बाहर ही रहते थे।</p>
  117. <p>मेरा गाव उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिला मे पड़ता है। जहां खेती करके जीवन चलता है। पर मेरे परिवार की स्थिति अच्छी है, इसलिए मम्मी थोड़ा सज-सवर के रहती है। मम्मी जिस दिन टाइट सलवार सूट पहन कर मार्केट में निकलती थी। उस दिन सारे दुकानदारों की नज़र एक बार मम्मी पर जरूर पड़ती थी, और वह अपनी जीभ होंठों पर फिराने लगते थे।</p>
  118. <p>1 दिन की बात है। मैं और मम्मी घर पर ही थे। बहुत ही तेज उस दिन धूप निकली हुई थी, और गर्मी थी। मेरा घर पर मन नहीं लग रहा था। मैं सोच रहा था दोस्त के घर चला जाऊं, परंतु मम्मी ने मुझे सख्त मना किया था, कि धूप में कहीं नहीं जाना है।</p>
  119. <p>Are You looking for &#8220;<a href="https://bangalorestreetgirl.com/" target="_blank" rel="noopener"><b>Bangalore Escorts</b></a>&#8221; ?</p>
  120. <h2 style="text-align: center;">मम्मी के काले जामुन चूसे &#8211; Maa Bete Ki Sex Story</h2>
  121. <p><a href="https://jhescorts.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-380 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-1024x470.webp" alt="Maa Bete Ki Sex Story" width="640" height="294" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-1024x470.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-300x138.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-768x353.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-1536x705.webp 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story-850x390.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Holi-Sex-Story.webp 1842w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  122. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Bete Ki Sex Story</strong></p>
  123. <p>मम्मी उस दिन सफेद रंग की सलवार-सूट पूरी तरह से टाइट पहनी हुई थी। मैं देखा कि मम्मी की टाइट सलवार सूट से उनकी जवानी पूरी तरह से झलक रही थी।</p>
  124. <p>मम्मी मेरे सामने ही पलंग पर लेटी हुई थी। उनकी बड़ी सी गांड मेरी तरफ थी। मैं वहीं बगल में कुर्सी पर बैठ कर मोबाइल चला रहा था, और मम्मी सो रही थी। तभी भीषण गर्मी में काले-काले बादल कहीं से आ गए, और तुरंत आंधियां शुरू हो गई। आंधियों के तेज आवाज से मम्मी की नींद टूट गई, और वह तुरंत बाहर की ओर गयी।</p>
  125. <p>मम्मी ने बाहर कपड़े सूखने के लिए डाले हुए थे, उसे ही उठाने चली गई। मैं भी उनके साथ गया, तो बाहर देखा कि हल्की-हल्की बारिश बड़ी बूंदों के साथ शुरू हो गई। मम्मी ने मुझे सख्त निर्देश दिया कि तुम अंदर चले जाओ, बाहर भीग जाओगे। मैं अंदर ही रहा और मम्मी को देख रहा था। मम्मी कपड़े उठा रही थी, और तेज हवा और बारिश ने मम्मी के पूरे कपड़ों को भिगो दिया।</p>
  126. <p>मम्मी जो कपड़े सुखाने के लिए डाली थी, उसे तो बचा ली। परंतु खुद भीग गई थी। उनकी टाइट सलवार सूट पूरी तरह से गीली होकर उनके कटीले बदन से चिपक गए थे। सफेद सलवार सूट होने की वजह से उनका बदन साफ झलक रहा था। मुझे तो उनके दो काले-काले जामुन नज़र आने लगे। मम्मी ने दुपट्टा नहीं डाला हुआ था। उनके चूचियों पर कमीज़ के अंदर से ही काले जामुन झलक रहे थे।</p>
  127. <p>बारिश और तेज ठंडी हवा ने मम्मी के बदन में आग लगा दी थी। जिसकी वजह से मम्मी के दोनों बूब्स कड़क हो गए थे, और उनके बूब्स के ऊपर के काले जामुन सलवार के अंदर से ही बाहर की ओर साफ नज़र आ रहे थे। मैं लगातार मम्मी के काले जामुन को देख रहा था। तब मम्मी ने यह भाप लिया, कि मैं उनके काले जामुन के दर्शन कर रहा हूं। तब मम्मी ने झट से वहां से चली गई बाथरूम की ओर।</p>
  128. <p>जब मम्मी बाथरूम की ओर जा रही थी, तब मैं उनके दोनों बड़े-बड़े चूतड़ों को देख कर मेरा तो पूरी तरह से लंड ही खड़ा हो गया। मैं भी वहां से तुरंत ही अपने रूम में चला आया। मैं सोने की कोशिश करने लगा, परंतु मुझे नींद नहीं आ रही थी। बार-बार मम्मी के काले जामुन मेरी आंखों के सामने आ रहे थे। मन कर रहा था कि उनके दोनों काले जामुन को बारी-बारी से चूस लूं।</p>
  129. <p><a href="https://neharikapatel.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-370 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-1024x534.webp" alt="Baap Beti Ki Chudai ki Kahani" width="640" height="334" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-1024x534.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-300x156.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-768x400.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-1536x801.webp 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani-850x443.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-ki-Kahani.webp 1734w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  130. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Bete Ki Sex Story</strong></p>
  131. <p>शाम को बारिश रूकी। बारिश काफी अच्छी खासी हो गई थी अगल-बगल के खेतों में पानी भर आया था। शाम को पापा भी घर वापस आ गए थे, और दो दिनों के लिए घर पर ही रहने वाले थे।</p>
  132. <p>मेरा तो बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा था। जब से मैंने मम्मी के काले जामुन को देखा था, तब से मन कर रहा था कि कब उनको चूस लूं। जब भी मम्मी मेरे सामने आती, तब मुझे उनके काले जामुन ही नज़र आते।</p>
  133. <p>शाम को मैं और पापा खाने के लिए बैठे हुए थे, और मम्मी हम दोनों को भोजन कराने के लिए आई। मम्मी लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी, और बहुत ही जबरदस्त लग रही थी। मम्मी खाना देते हुए पापा को देख कर मुस्कुरा रही थी। पापा भी उन्हें देख कर मुस्कुरा रहे थे। मैं उन दोनों की बातों को समझ नहीं पा रहा था।</p>
  134. <p>फिर मैं खाना खा कर अपने रूम में सोने चला गया। लगभग 1 घंटे बाद मुझे पेशाब लगी, तो मैं निकल कर बाथरूम की ओर जाने लगा। तुम मुझे किचन से आवाज आई।</p>
  135. <p>मम्मी बोल रही थी: छोड़िए ना, क्या कर रहे हो? सरोज देख लेगा तो क्या सोचेगा? आप कमरे में जाओ मैं थोड़ी देर में काम खत्म करके आ रही हूं आपके पास?</p>
  136. <p>पापा: सरोज सो गया है। मैं केवल 2 दिनों के लिए छुट्टी पर आया हूं। मुझे दो दिन तो खुल कर प्यार करने दो मेरी रानी।</p>
  137. <p>पापा वहीं पर किचन में मम्मी को खड़े-खड़े पीछे से चूमने लगे। उनके कानों के पास चूम रहे थे। मम्मी बेचारी सिहार उठी, “ऊऊओह्ह्ह छोड़िए ना आम्म्म्म।”</p>
  138. <p>पापा ने मम्मी को घुमाया, और उनके होंठों पर अपने होंठ रख चूसने लगे। पापा ने मम्मी को किचन के सेट पर बैठाया, उनकी साड़ी को कमर तक उठा कर नीचे बैठ कर मम्मी की चूत को चूसने लगे। मुझे मम्मी की चूत तो नहीं दिखाई दे रही थी, परंतु मम्मी के चेहरे देख कर ऐसा लग रहा था जैसे मम्मी पूरी तरह से चुदवाने के लिए आतुर हो रही थी।</p>
  139. <p>फिर पापा मम्मी को गोद में लिए, और अपनी कमरे में लेकर चले गए, और कमरे को बंद कर दिया। मैं उस रात कुछ नहीं देख पाया, और चुप-चाप जाकर सो गया।</p>
  140. <p>सुबह-सुबह जब उठा तो मुझे जोरों की पेशाब लगी थी। मैं झट से उठा और आंखों को मीचते हुए बाथरूम में जा घुसा। बाथरूम में घुसते ही मुझे मम्मी पूरी तरह से नंगी दिखी। वह बाथरूम में नंगी नहा रही थी। उन्होंने झट से अपने आपको ढकने की कोशिश की, परंतु वह ढक ना सकी। उनकी दोनों चूचियां मेरे सामने हवा में लहरा रही थी। उनकी चूची के ऊपर के काला जामुन देख कर मेरा लंड पूरी तरह से टाइट हो गया।</p>
  141. <figure id="attachment_299" aria-describedby="caption-attachment-299" style="width: 640px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://diyaoswal.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="wp-image-299 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Hindi-Chudai-Kahani--1024x533.webp" alt="Hindi Chudai Kahani" width="640" height="333" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Hindi-Chudai-Kahani--1024x533.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Hindi-Chudai-Kahani--300x156.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Hindi-Chudai-Kahani--768x400.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Hindi-Chudai-Kahani--850x443.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Hindi-Chudai-Kahani-.webp 1532w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a><figcaption id="caption-attachment-299" class="wp-caption-text"><strong>Maa Bete Ki Sex Story</strong></figcaption></figure>
  142. <p>मैंने अंदर कुछ नहीं पहना था, तो पैंट के ऊपर से लंड का उभार पूरी तरह से साफ नजर आ रहा था, और मम्मी की नज़र तो मेरे लंड पर ही टिकी हुई थी, और मेरी नज़र मम्मी की चूचियों पर। मम्मी अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को छुपा ली थी।</p>
  143. <p>कुछ देर हम दोनों एक-दूसरे को ऐसे ही घूरते रहे, कि तभी बाहर से पापा की आवाज हुई। मम्मी घबरा गई और वहां पास पड़ा तोलियां को उठा कर बाहर निकल गई। मैं चुप-चाप वहां पेशाब किया और बाहर आ गया। तब देखा कि मम्मी साड़ी पहन कर तैयार हो गई, और पापा को खाना खिलाने लगी।</p>
  144. <p>फिर मम्मी ने मुझे आवाज दिया कि, “सरोज बेटा फ्रेश हो जा, और आ अपने पापा के साथ बैठ कर नाश्ता कर ले। उसके बाद कॉलेज चले जाना।</p>
  145. <p>मम्मी एक-दम नॉर्मल बिहेव कर रही थी, जैसे कुछ ना हुआ हो। मैं मम्मी से नज़रें नहीं मिला पा रहा था, परंतु मम्मी का कॉन्फिडेंस देख कर मेरे अंदर भी कॉन्फिडेंस आ गया, और मैं भी मम्मी से नज़रें मिला पा रहा था। फिर मैंने नाश्ता किया और कॉलेज के लिए निकल गया।</p>
  146. <p><a href="https://preetykaur.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-200 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-1024x468.png" alt="Family Sex Stories in Hindi" width="640" height="293" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-1024x468.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-300x137.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-768x351.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-1536x702.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-850x389.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi.png 1894w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  147. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Bete Ki Sex Story</strong></p>
  148. <blockquote class="wp-embedded-content" data-secret="K9bPY4JKaY"><p><a href="https://jawanitales.com/baap-beti-chudai/">पापा ने मुझे पीछे से चोदा &#8211; Baap Beti Chudai</a></p></blockquote>
  149. <p><iframe class="wp-embedded-content" sandbox="allow-scripts" security="restricted"  title="&#8220;पापा ने मुझे पीछे से चोदा &#8211; Baap Beti Chudai&#8221; &#8212; Jawani Tales" src="https://jawanitales.com/baap-beti-chudai/embed/#?secret=Zj3wDZQHZL#?secret=K9bPY4JKaY" data-secret="K9bPY4JKaY" width="600" height="338" frameborder="0" marginwidth="0" marginheight="0" scrolling="no"></iframe></p>
  150. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><strong>Bangalore Escorts</strong></a></p>
  151. <p><strong><a href="https://www.angelsharma.in/" target="_blank" rel="noopener">Delhi Escorts</a></strong></p>
  152. <p><a href="https://www.angelsharma.in/mahipalpur-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Mahipalpur Escorts</strong></a></p>
  153. <p><a href="https://www.angelsharma.in/aerocity-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Aerocity Escorts</strong></a></p>
  154. ]]></content:encoded>
  155. </item>
  156. <item>
  157. <title>नंगी होकर बेटे की तमन्ना पूरी की &#8211; Maa Bete Ki Sex Kahani</title>
  158. <link>https://jawanitales.com/maa-bete-ki-sex-kahani/</link>
  159. <dc:creator><![CDATA[Jawani Tales]]></dc:creator>
  160. <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 11:21:26 +0000</pubDate>
  161. <category><![CDATA[Antarvasna Sex Stories]]></category>
  162. <category><![CDATA[Desi Sex Story]]></category>
  163. <category><![CDATA[Family Sex Story]]></category>
  164. <category><![CDATA[Hindi Sex Story]]></category>
  165. <category><![CDATA[Mother Son Sex]]></category>
  166. <guid isPermaLink="false">https://jawanitales.com/?p=451</guid>
  167.  
  168. <description><![CDATA[Maa Bete Ki Sex Kahani &#8211; में मेरे और मेरी बेटी के पीरियड एक साथ शुरू हुए तो मैंने अपने बेटे से पैड लाने को कहा. तब उसने बताया कि उसने कभी कोई नंगी लड़की नहीं देखी. हैलो दोस्तो, मेरा नाम प्रीति है और मैं जीवन की एक सच्ची घटना बताने जा रही हूँ. अगर...]]></description>
  169. <content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://jawanitales.com/maa-bete-ki-sex-kahani/"><strong>Maa Bete Ki Sex Kahani</strong></a> <strong>&#8211;</strong> में मेरे और मेरी बेटी के पीरियड एक साथ शुरू हुए तो मैंने अपने बेटे से पैड लाने को कहा. तब उसने बताया कि उसने कभी कोई नंगी लड़की नहीं देखी.</p>
  170. <p>हैलो दोस्तो, मेरा नाम प्रीति है और मैं जीवन की एक सच्ची घटना बताने जा रही हूँ. अगर कोई गलती हो जाए तो आप क्षमा कर दीजिएगा.</p>
  171. <p>ये मेरे जीवन की एक ऐसी Maa Bete Ki Sex Kahani है जिसे पढ़कर आप खुद ही समझ जाएंगे कि यह सच है या कोरी गप है.</p>
  172. <p>यह बात 26 जुलाई 20235 की है. मेरा घर उत्तर प्रदेश के कानपुर में है और तब मेरी उम्र अभी 35 साल की थी.<br />
  173. मेरी फैमिली में 4 सदस्य हैं. मेरे हज़्बेंड बैंगलोर में जॉब करते हैं. मेरी एक बेटी और एक बेटा है.</p>
  174. <p>मेरी शादी 20 साल की उम्र में ही हो गई थी.<br />
  175. शादी के अगले नौ महीने में ही मैं एक बेटे की मां बन गई थी और अगले साल पुनः एक बेटी को जन्म दिया था.<br />
  176. यह मेरे साथ मेरे बेटे के सेक्स की कहानी है.</p>
  177. <p>Are You looking for &#8220;<a href="https://bangalorestreetgirl.com/" target="_blank" rel="noopener"><b>Bangalore Escorts</b></a>&#8221; ?</p>
  178. <h2 style="text-align: center;">नंगी होकर बेटे की तमन्ना पूरी की &#8211; Maa Bete Ki Sex Kahani</h2>
  179. <p><a href="https://puneescortspage.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-203 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Long-Sex-Story-1024x468.png" alt="Maa Bete Ki Sex Kahani" width="640" height="293" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Long-Sex-Story-1024x468.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Long-Sex-Story-300x137.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Long-Sex-Story-768x351.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Long-Sex-Story-1536x702.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Long-Sex-Story-850x389.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Long-Sex-Story.png 1894w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  180. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Bete Ki Sex Kahani</strong></p>
  181. <p>बेटे की उम्र 21 साल की है और बेटी की उम्र 20 साल की है.</p>
  182. <p>हुआ कुछ ऐसा कि 26 तारीख को हमारे यहां बारिश बहुत तेज हो रही थी. उस दिन घर पर पति नहीं थे.<br />
  183. हम 3 लोग ही घर में थे.</p>
  184. <p>उस दिन मुझे और मेरी बेटी तान्या को पीरियड आ गए थे.</p>
  185. <p>शाम 6 बजे का वक्त था, उस समय भी बारिश तेज हो रही थी.<br />
  186. घर पर पैड नहीं थे.</p>
  187. <p>मुझे उस समय तक यह नहीं पता था कि मेरी बेटी तान्या को भी पीरियड होना शुरू हो गए हैं.</p>
  188. <p>उसने भी मुझे शाम को ही बताया कि मॉम मुझे पीरियड आ गए हैं.<br />
  189. मैंने कहा- मुझे भी आज ही आए हैं.</p>
  190. <p>सनी को पीरियड के बारे में कुछ पता नहीं था.<br />
  191. तभी वह मेरे पास आकर बोला- तान्या दीदी, आज पकौड़े बना लो.<br />
  192. मैंने कहा- नहीं, आज नहीं बन सकते हैं.</p>
  193. <p>वह बोला- आज क्यों नहीं बनेंगे?<br />
  194. मैंने कहा- घर पर बेसन नहीं है.<br />
  195. वह बोला- ठीक है.</p>
  196. <p>फिर शाम का खाना बनाया तो मैंने और तान्या ने 2 रोटी ही खाईं क्योंकि हम दोनों को ही मासिक धर्म के समय होने वाला दर्द बहुत तेज हो रहा था.</p>
  197. <p>सनी बोला- आज तुम लोगों ने खाना कम क्यों खाया है?<br />
  198. मैंने कहा- आज मन नहीं था.<br />
  199. तान्या ने भी यही बहाना बना दिया.</p>
  200. <p>थोड़ी देर के बाद तान्या बोली- मॉम पैड मंगवा दो, बहुत ब्लीडिंग हो रही है.<br />
  201. तो मैंने कहा- किससे मंगवाऊं बेटा, ऐसा कर कि आज हम नीचे बिना कपड़े पहने ही लेट जाएंगे.<br />
  202. उसने ओके कह दिया.</p>
  203. <figure id="attachment_120" aria-describedby="caption-attachment-120" style="width: 640px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://sweetysharma.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="wp-image-120 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-1024x509.png" alt="Naukrani Sex" width="640" height="318" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-1024x509.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-300x149.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-768x382.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-1536x763.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-850x422.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex.png 1888w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a><figcaption id="caption-attachment-120" class="wp-caption-text"><strong>Maa Bete Ki Sex Kahani</strong></figcaption></figure>
  204. <p>जब कभी मुझे या मेरी बेटी तान्या को पीरियड होते हैं, तो उस दिन हम लोग नीचे बिना कपड़े पहने सो जाते हैं.<br />
  205. मैंने अपनी बेटी से कहा कि तान्या तुम आज मेरे रूम में ही लेट जाना. हम दोनों एक ही जगह सो जाएंगे.</p>
  206. <p>तो तान्या बोली- मम्मी मुझे शर्म आ रही है.<br />
  207. मैंने उसको बहुत समझाया तो वह मान गई.</p>
  208. <p>सनी दूसरे कमरे में लेट गया और तान्या ओर मैं एक ही कमरे में थे.<br />
  209. मैंने तान्या से कहा कि पैड नहीं है, तो तुम कोई पुरानी पैंटी पहन लो और मेरे बेड पर लेट जाओ.</p>
  210. <p>वह थोड़ी देर एक पुरानी पैंटी पहन कर आई और मेरे बाजू में लेट गई.</p>
  211. <p>कुछ देर बाद सनी की आवाज आई.<br />
  212. तो मैं उधर गई.</p>
  213. <p>उसने कहा- आज तुम दोनों को हो क्या गया है. एक ही रूम में सो रही हो और मुझसे बात भी नहीं कर रही हो?<br />
  214. मैंने उसे बताया कि आज हम दोनों को पीरियड आए हैं इसलिए!</p>
  215. <p>वह बोला कि तो एक कमरे में क्यों सो रही हो?<br />
  216. तो मैंने साफ साफ बोला कि आज घर में पैड नहीं हैं और बाहर बारिश हो रही है, इसलिए हम दोनों एक ही बेड पर सो जाएंगे ताकि ज़्यादा कपड़े गंदे ना हो’.</p>
  217. <p>सनी बोला- लाओ मुझे पैसे दो, मैं पैड लेकर आता हूँ … अब तो बारिश भी धीमी हो गई है.<br />
  218. फिर रात को नौ बजे वह बाजार गया और पैड के 4 पैकेट ले आया.</p>
  219. <p>वह घर आकर बोला- मुझे पहले क्यों नहीं बताया, मैं तभी ला देता.<br />
  220. मैंने कहा- उस वक्त अगर तुम मना कर देते तो बहुत टेंशन हो जाती.</p>
  221. <p>सनी बोला- मॉम इसके लिए मैं मना नहीं करता.<br />
  222. वह अपने कमरे में चला गया.</p>
  223. <p><a href="https://ishadas.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-40 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Kamwali-Bai-Sex-Story-in-Hindi-1024x561.png" alt="Kamwali Bai Sex Story in Hindi" width="640" height="351" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Kamwali-Bai-Sex-Story-in-Hindi-1024x561.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Kamwali-Bai-Sex-Story-in-Hindi-300x164.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Kamwali-Bai-Sex-Story-in-Hindi-768x421.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Kamwali-Bai-Sex-Story-in-Hindi-1536x841.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Kamwali-Bai-Sex-Story-in-Hindi-850x466.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Kamwali-Bai-Sex-Story-in-Hindi.png 1884w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  224. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Bete Ki Sex Kahani</strong></p>
  225. <p>अब मैं अपने कमरे में आई तो मैंने तान्या को बताया कि सनी अभी पैड लाया है, लो … तुम भी लगा लो.<br />
  226. फिर हम दोनों ने पैड लगा लिए और सनी के पास आ गए.</p>
  227. <p>कुछ देर तक हम तीनों बातें करते रहे.</p>
  228. <p>तभी सनी बोला- तुम दोनों को एक साथ ही पीरियड आता है क्या?<br />
  229. तान्या बोली- मुझे खुद आज ही पता चला है कि मम्मी को भी पीरियड आज ही है.</p>
  230. <p>इसी तरह की बातों के बाद हम तीनों अपने अपने कमरे में सोने चले गए.</p>
  231. <p>मुझे रात 3 बजे टॉयलेट जाना था और पैड भी बदलना था.</p>
  232. <p>सनी का कमरा वॉशरूम के सामने ही है.<br />
  233. उसके कमरे की खिड़की खुली थी.</p>
  234. <p>तभी मैंने देखा कि सनी न्यूड होकर सो रहा है.</p>
  235. <p>मैं पहले तो हिचकिचाई पर फिर मैं सनी के कमरे में गई.<br />
  236. मैंने उसको चादर उढ़ाई और उसके कमरे के दरवाजे बंद करके वापस चली आई.</p>
  237. <p>फिर सुबह के टाइम सनी मार्केट गया था, तब तान्या बोली कि मम्मी आज सनी को क्या हुआ था. वह रात को पूरा नंगा सो रहा था!</p>
  238. <p>मैंने मन में कहा कि मुझे तो पहले ही पता था. वैसे आज तो वह नंगा सो रहा था, लेकिन आज तक तो ऐसे वह कभी नहीं सोता था.</p>
  239. <p>सामने से मैं बोली कि हां मैंने भी आज ही ऐसा देखा था. मैं उसके ऊपर चादर भी डालकर आई थी.<br />
  240. तान्या- मैं बताऊं मॉम कल जब वह सो रहा था, तब वह झड़ भी गया था. उसको पता ही नहीं था.<br />
  241. मैं चुप रही.</p>
  242. <p>कुछ देर बाद सनी मार्केट से वापस आ गया.<br />
  243. उसके कुछ देर बाद हम सब साथ में लूडो खेल रहे थे.</p>
  244. <p>तभी मैंने पूछा कि सनी कल तुम्हें कौन सा सपना आया था?<br />
  245. वह कुछ समझा नहीं.</p>
  246. <p>उसने मेरी बात को नजरअंदाज करते हुए कह दिया कि मुझे कोई सपना नहीं आया था.<br />
  247. तान्या मुझसे बोली कि मम्मी रात को गेट तो बंद कर ही लिया करो!</p>
  248. <p>अब वह समझ गया कि किस मुद्दे पर बात हो रही है.<br />
  249. मैंने फिर से कहा- सनी कल तुम्हें क्या हो गया था? वैसे मैं रोज नाइट में देखने जाती थी लेकिन कल तुम न्यूड क्यों सो रहे थे?</p>
  250. <p>सनी बोला- सॉरी मम्मी!<br />
  251. मैंने बोला- वैसे न्यूड सोना कोई ग़लत बात नहीं है, पर ऐसा क्या हुआ कि तुम कल इस तरह से सो रहे थे?</p>
  252. <p>सनी इस बात पर शर्मा गया और बोला- चलो छोड़ो ना इन बातों को!<br />
  253. मैंने कहा- बेटा नंगे सोना कोई ग़लत बात नहीं, पर ऊपर से कुछ डालकर सोना चाहिए था ना, अगर कल घर पर कोई गेस्ट होता, तो वह क्या समझता कि ये कैसा लड़का है?</p>
  254. <p>सनी ने धीमे से कहा- मम्मी वह कल मेरा मन बहुत बिगड़ गया था तो मैंने पॉर्न वीडियोस देखी थी और मैं नंगा होकर देख रहा था. फिर मुझे नींद आ गई और मैं वैसे ही नंगा सो गया. लेकिन अब ऐसा कभी नहीं होगा.<br />
  255. मुझे मालूम था कि तान्या भी कभी कभार पॉर्न वीडियो देखती है.</p>
  256. <p>इसलिए मैंने सनी और तान्या से कहा कि आज से तुम लोग वीडियोज नहीं देखोगे. मुझे पता है कि तुम लोग अपने रूम के गेट को बंद करके नंगे होकर देखते हो, इसलिए अब से गेट भी बंद नहीं होंगे. मैं सबको चैक करूंगी.<br />
  257. तभी सनी बोला कि कल रात को मैं एक बजे टॉयलेट गया था, तो मैंने तान्या को पैंटी में देखा था पैड के साथ, उस टाइम तान्या केवल पैंटी में थी, तो मैं टॉयलेट चला गया और उसके बाद आकर सो गया.</p>
  258. <p>उसी टाइम तान्या बोली- मॉम ने मुझे न्यूड सोने को बोला था.<br />
  259. फिर हम तीनों इसी तरह की बातें करते रहे.</p>
  260. <p>कुछ देर बाद तान्या के जाने पर सनी मुझसे बोला कि पीरियड कितने दिनों तक चलता है?<br />
  261. मैं बोली- क्यों पूछ रहे हो?</p>
  262. <p>सनी बोला कि एक दिन मुझे तान्या को न्यूड देखने की इच्छा है.<br />
  263. मैं बोली- तुम तान्या को न्यूड क्यों देखना चाहते हो?</p>
  264. <p>सनी बोला- मॉम मैं यह सब काफी समय से चाहता था कि किसी को न्यूड देखूँ!<br />
  265. मैंने कहा- वह तो तुम्हारी बड़ी दीदी है ना, उसके बारे ऐसा कैसे सोच सकते हो?</p>
  266. <p>सनी बोला- मॉम प्लीज आज आपने पूछा, तो मैंने अपने मन की बात बता दी. मैं बहुत दिनों से पढ़ाई में भी ध्यान नहीं लगा पा रहा हूँ. बस रोज रात को नंगी लड़की के ड्रीम आते हैं और रोज मैं झड़ भी जाता हूँ.<br />
  267. मैं बोली- तो अब तक क्यों नहीं बताया?</p>
  268. <p>सनी बोला- मुझे डर लग रहा था कि कहीं आप मुझे ग़लत ना समझो या मेरे साथ मार पीट न कर दो.<br />
  269. मैं उसे पुचकार कर बोली- बेटा, ये उम्र ही ऐसी है. यही हालत तान्या की भी होगी. अभी तुमको गंदे सपने आएंगे, फिर कुछ दिन बाद नहीं आएंगे. यही बात तान्या बोल रही थी.</p>
  270. <p>सनी ने कहा- मॉम आज आप मुझसे अच्छे से पूछ रही हैं, तो मुझे अपने मन की बात बताने में शर्म नहीं लग रही है. अगर आप वैसे पूछतीं तो बहुत शर्म लगती.<br />
  271. मैं बोली- बेटा मैं तुम्हारी मां हूँ. मुझे तो ये बात बहुत पहले ही पता थी कि तुमको ऐसा होगा. क्योंकि मैं भी तो ऐसी उम्र से आई हूँ.</p>
  272. <p>वह चुप होकर मेरी तरफ ऐसे देखने लगा मानो वह मुझसे मेरी जवानी की बात सुनना चाहता हो.<br />
  273. मैंने सनी से कहा- ओके, तुमको नंगा देखने को या सेक्स करने का भी मन करता है न!</p>
  274. <p>सनी ने कहा- हां मॉम, सेक्स का भी मन करता है और मैं हर रोज अपने उसको हिला कर खुद को ठंडा कर लेता हूँ. कभी कभी तो मैं आपकी पैंटी या तान्या की पैंटी देखकर भी अपना हिला लेता हूँ.<br />
  275. मैंने कहा- ऐसा क्यों करते हो?</p>
  276. <p>सनी बोला- मन नहीं मानता था!<br />
  277. मैंने कहा- और क्या करते थे?</p>
  278. <p>उसने बताया कि जब आप नहाती थीं या तान्या नहाती थी, तब बाथरूम के गेट के नीचे से झांक कर भी देखता था. मगर कभी सही से नहीं देख पाया था.<br />
  279. मैंने सनी से कहा- मेरी पैंटी कभी कभार जहां मैं रखती थी, वहां क्यों नहीं मिलती थी … और ऐसा ही तान्या की पैंटी के साथ भी होता था, तब क्या तुम ही यह सब करते थे?</p>
  280. <p>वह बोला- मॉम जब मन करता था तो मैं आपकी पैंटी या ब्रा … या तान्या के कपड़ों को चाटता था और फिर उसी में अपना हिला कर झड़ जाता था. झड़ने के बाद ही मुझे शांति मिलती थी.<br />
  281. मैंने कहा- हां काफी बार मैंने अपनी पैंटी की गीली देखी थी, पर मैंने ऐसा कभी नहीं सोचा था कि तुम ऐसा भी करोगे!</p>
  282. <p>वह कुछ नहीं बोला.</p>
  283. <p>मैं- ठीक है, अब तुम खुल कर यह बताओ कि तुम्हारे मन में क्या है!<br />
  284. वह बोला कि मुझे ना नंगी लड़की को देखना है!</p>
  285. <p>मैं बोली- मुझे देखोगे?<br />
  286. सनी बोला- आप नहीं, तान्या को दिखा दो प्लीज!</p>
  287. <p>मैं उसकी न्यूड सिस्टर गरम बात सुनकर सनाका खा गई.</p>
  288. <p>दोस्तो, इस सेक्स कहानी के अगले भाग में आपको विस्तार से लिखूँगी कि मैं अपने बेटे के सामने किस तरह से नंगी हुई और हम दोनों मां बेटी ने अपने बेटे व भाई को किस तरह से संतुष्ट किया.</p>
  289. <p><a href="https://lovetonights.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-24 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Anty-ki-Chudai-Hindi-Sex-Story-1024x561.png" alt="Anty ki Chudai Hindi Sex Story" width="640" height="351" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Anty-ki-Chudai-Hindi-Sex-Story-1024x561.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Anty-ki-Chudai-Hindi-Sex-Story-300x164.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Anty-ki-Chudai-Hindi-Sex-Story-768x421.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Anty-ki-Chudai-Hindi-Sex-Story-1536x841.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Anty-ki-Chudai-Hindi-Sex-Story-850x466.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Anty-ki-Chudai-Hindi-Sex-Story.png 1884w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  290. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Bete Ki Sex Kahani</strong></p>
  291. <blockquote class="wp-embedded-content" data-secret="3Ht4PB0I5j"><p><a href="https://jawanitales.com/baap-beti-ki-chudai-kahani/">नशे में अब्बू ने अम्मी की जगह मुझे चोदा &#8211; Baap Beti Ki Chudai Kahani</a></p></blockquote>
  292. <p><iframe class="wp-embedded-content" sandbox="allow-scripts" security="restricted"  title="&#8220;नशे में अब्बू ने अम्मी की जगह मुझे चोदा &#8211; Baap Beti Ki Chudai Kahani&#8221; &#8212; Jawani Tales" src="https://jawanitales.com/baap-beti-ki-chudai-kahani/embed/#?secret=OLfmG1KB6k#?secret=3Ht4PB0I5j" data-secret="3Ht4PB0I5j" width="600" height="338" frameborder="0" marginwidth="0" marginheight="0" scrolling="no"></iframe></p>
  293. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><strong>Bangalore Escorts</strong></a></p>
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  296. <p><a href="https://www.angelsharma.in/aerocity-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Aerocity Escorts</strong></a></p>
  297. ]]></content:encoded>
  298. </item>
  299. <item>
  300. <title>तीर्थ घुमाने लाकर माँ को चोदने लगा बेटा &#8211; Maa Sex Story</title>
  301. <link>https://jawanitales.com/maa-sex-story/</link>
  302. <dc:creator><![CDATA[Jawani Tales]]></dc:creator>
  303. <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 11:14:55 +0000</pubDate>
  304. <category><![CDATA[Antarvasna Sex Stories]]></category>
  305. <category><![CDATA[Desi Sex Story]]></category>
  306. <category><![CDATA[Family Sex Story]]></category>
  307. <category><![CDATA[Mother Son Sex]]></category>
  308. <guid isPermaLink="false">https://jawanitales.com/?p=447</guid>
  309.  
  310. <description><![CDATA[Maa Sex Story &#8211; मैं उत्तर भारत के एक ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखता हूँ. मेरी दो बहनें और एक भाई है. अपने भाई बहिनो में मैं सबसे बड़ा हूँ. हम चारो भाई बहिनो की शादी हो चुकी है. मैं अपनी पत्नी और 4 वर्ष के बेटे के साथ अपने माता पिता के साथ ही...]]></description>
  311. <content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://jawanitales.com/maa-sex-story/"><strong>Maa Sex Story</strong></a> <strong>&#8211;</strong> मैं उत्तर भारत के एक ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखता हूँ. मेरी दो बहनें और एक भाई है. अपने भाई बहिनो में मैं सबसे बड़ा हूँ. हम चारो भाई बहिनो की शादी हो चुकी है. मैं अपनी पत्नी और 4 वर्ष के बेटे के साथ अपने माता पिता के साथ ही रहता हूँ.</p>
  312. <p>मेरे पिताजी का अच्छा ख़ासा बिज़नेस है. हमने इंजिनियरिंग प्रॉडक्ट्स की डिस्ट्रिब्युटरशिप ले रखी है और हम दोनो बाप बेटे मिलकर कारोबार चलते हैं. कारोबार से अच्छा पैसा आ जाता है. जो हमारे लिए पर्याप्त है. मेरा छोटा भाई अपने परिवार के साथ विदेश में रहता है.</p>
  313. <p>ये बात दिसंबर की है, तब उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही थी. उन दिनों जाड़ों में हमारा कारोबार थोड़ा सुस्त चल रहा था. इसी दौरान मेरी माँ ने दक्षिण भारत में तिरुपति और रामेश्वरम जाने की इच्छा जाहिर की. 15 जनवरी, को त्योहार के दिन वो वहाँ मंदिर में दर्शन करना चाह रही थी.</p>
  314. <p>मेरे पिताजी की तबीयत ठीक नही थी तो उन्होने मुझसे माँ के साथ जाने को कहा. मेरा जाने का मन नही था तो मैं टालमटोल करने लगा. मैं थोड़ा परिवारिक आदमी हूँ और परिवार से दूर यात्रा करने का मेरा मन नही हो रहा था.</p>
  315. <p>लेकिन माँ ने जाने की ज़िद पकड़ ली तो मुझे भी मजबूरन हामी भरनी पड़ी. फिर ये निर्णय लिया गया की जब मौसम थोड़ा ठीक होगा तब हम दोनो माँ बेटे जाएँगे. मेरी टाल मटोल देखकर मेरी पत्नी मुझे चिढ़ाती रही की तुम अपने पुत्र होने का कर्तव्य नही निभा रहे हो और तुम्हें अपनी माँ को उनकी इच्छानुसार दर्शन के लिए ले जाना चाहिए.</p>
  316. <p>जब मौसम थोड़ा ठीक हुआ तो हमने अपने शहर से देल्ही के लिए ट्रेन का सफ़र किया और फिर देल्ही एयरपोर्ट से दक्षिण भारत में मदुरै के लिए फ्लाइट पकड़ी. वहाँ से हमने एक कार बुक कराई जो पूरी यात्रा के लिए हमने अपने पास रखी.</p>
  317. <p>Are You looking for &#8220;<a href="https://bangalorestreetgirl.com/" target="_blank" rel="noopener"><b>Bangalore Escorts</b></a>&#8221; ?</p>
  318. <h2 style="text-align: center;">तीर्थ घुमाने लाकर माँ को चोदने लगा बेटा &#8211; Maa Sex Story</h2>
  319. <figure id="attachment_287" aria-describedby="caption-attachment-287" style="width: 640px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://midnightfinder.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="wp-image-287 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-1024x457.webp" alt="Chudai Ki Hindi Kahani" width="640" height="286" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-1024x457.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-300x134.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-768x342.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-1536x685.webp 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-850x379.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani.webp 1812w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a><figcaption id="caption-attachment-287" class="wp-caption-text"><strong>Maa Sex Story</strong></figcaption></figure>
  320. <p>दक्षिण भारत में मौसम अच्छा था. हम पहले रामेश्वरम गये और फिर वहाँ से तिरुपति गये. तिरुपति में माँ ने मुझसे सर के बाल सफाचट करवाने को कहा. मैंने भी इस यात्रा का आनंद लिया था तो बिना किसी लाग लपेट के माँ की इच्छा अनुसार सर शेव करवा लिया.</p>
  321. <p>तिरुपति दर्शन के बाद हमारी वापसी यात्रा शुरू हुई. जो कार हमने यात्रा के शुरू में मदुरै से बुक करवाई थी, उसी से हम बंगलोर पहुँच गये. तकरीबन 4:30 pm पर हम बंगलोर पहुँचे और सीधे चान्सररी पेविलियन जो की मेरा फेवरेट होटेल है, वहाँ आ गये. लंबी धार्मिक यात्रा अब संपन्न हो चुकी थी. रूम में आकर नहाने के बाद मैंने थोड़ा आराम कर लिया.</p>
  322. <p>फिर पीने के मूड से मैं होटेल की बार में चला गया. माँ अभी आराम कर रही थी, थकान से उसे नींद आ गयी थी. मैंने रूम की चाभी ली और चुपचाप चला आया ताकि माँ की नींद डिस्टर्ब ना हो. बार में थोड़ा पीने के बाद मुझे अपने बीवी बच्चों की याद आने लगी. घर की याद आने पर मेरा मूड ऑफ हो गया.</p>
  323. <p>फिर मैंने माँ को फोन किया की आपने डिनर कर लिया. माँ बोली बेटा मैं तो तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ. मुझे शरम आई की मैं यहाँ बार में मज़े कर रहा हूँ और रूम में माँ मेरा इंतज़ार कर रही है. मैंने कहा, मैं आ रहा हूँ और फटाफट रूम में आ गया. जब मैंने चाभी से रूम खोला तो माँ वहाँ नही थी.</p>
  324. <p>फिर बाथरूम से माँ के भजन गाने की आवाज़ आई तो मैं समझ गया माँ नहाने गयी है. मैं सोफे में बैठ के टीवी देखने लगा. करीब 10 मिनिट बाद माँ ने आवाज़ लगाई,” सोनू मेरी नाइटी पकड़ा दो.”(सोनू मेरा घर का नाम है).</p>
  325. <p>मैंने बेड से नाइटी उठाई और बाथरूम के दरवाज़े पर जाकर माँ को आवाज़ लगाई. माँ ने थोड़ा सा दरवाज़ा खोला और नाइटी पकड़ने के लिए अपना हाथ दरवाज़े से बाहर निकाला. मैं नाइटी पकड़ाने के लिए थोड़ा आगे को आया और उसी क्षण से मेरी दुनिया बदल गयी.</p>
  326. <p>बाथरूम ऐसे बना हुआ था की उसमे बाई तरफ शावर था और दाई तरफ वॉश बेसिन और ड्रेसर था. जब माँ ने दरवाजे के पीछे छिपकर सिर्फ़ हाथ बाहर निकाला तो सामने मिरर में मुझे वो पूरी नंगी दिखाई दी. आगे बताने से पहले मैं अपनी माँ के बारे में बता दूं.</p>
  327. <p>मेरी माँ की उमर लगभग 52 – 53 वर्ष है और वो कोई हुस्न की परी या ऐसी कुछ नही है. वो एक साधारण हाउसवाइफ है. उमर के हिसाब से ही उसकी कमर पर चर्बी चढ़ी हुई है. यहाँ की औरतों की अपेक्षा उसकी हाइट थोड़ी ज़्यादा है, 5’5 की बड़ी चूचियां, और चौड़े नितंब जो इस उमर की औरतों के होते हैं. देखने में वो साधारण ही है पर उसका रंग एकदम साफ है, बिल्कुल गोरी चिट्टी है.</p>
  328. <p>दरवाज़े पर खड़े होकर जब मैंने माँ को एकदम नग्न देखा तो मैं देखता ही रह गया. उसकी बड़ी बड़ी गोरी चूचियां जो 50 की उमर पार करने के बाद भी ज़्यादा झुकी हुई नही थी. जवान लड़कियों के जैसे ऊपर को भी नही थी पर ज़्यादा ढली हुई भी नही थी.</p>
  329. <p>माँ दरवाज़े के पीछे थोड़ा साइड में होकर खड़ी थी तो मुझे चूचियों के बीच में गुलाबी ऐरोला और मोटे निपल भी दिख रहे थे. उसकी जांघें बड़ी बड़ी और मांसल थी और लंबी गोरी टाँगे मुझे दिखी. साइड में होने से उसकी नाभि के नीचे का v शेप वाला भाग मिरर में नही दिख रहा था. मैं हाथ में नाइटी पकड़े मिरर में माँ को नग्न देख रहा था तभी माँ की आवाज़ से मुझे होश आया.</p>
  330. <p>माँ थोड़ा झुंझलाते हुए बोली,” क्या कर रहे हो, नाइटी देते क्यों नही.”</p>
  331. <p>उसे पता ही नही था की मैंने मिरर में उसे नंगी देख लिया है. मैंने उसे नाइटी पकड़ाई और फिर टीवी देखने लगा. अब मेरे मन में मिलीजुली भावनाए आने लगी. एक तरफ तो जो मैंने देखा उससे मैं उत्तेजित हो गया था और दूसरी तरफ अपनी माँ के बारे में ऐसा सोचने से मुझे गिल्टी फीलिंग भी आ रही थी.</p>
  332. <p>मुझे अपने ऊपर बहुत शरम आई लेकिन माँ की वो नग्न छवि जो मैंने मिरर में देखी वो मेरे मन से हट ही नही रही थी. मेरे दिमाग़ का एक हिस्सा कह रहा था की अपनी माँ को नग्न देखकर उत्तेजित होना ग़लत बात है, तो दूसरा हिस्सा वही नग्न छवि दिखाकर मुझे फिर से उत्तेजित कर दे रहा था.</p>
  333. <p>माँ को लेकर मेरे मन में पहले कभी कोई ग़लत बात नही रही इसलिए अब जो मेरे दिमाग़ में चल रहा था वो मेरे लिए असहनीय हो गया. माँ के बारे में कुछ सेक्स कहानियाँ मैंने पढ़ी थी पर मैं सोचता था की ये परवर्ट लोगों की फैंटसीज हैं और कुछ नही. कोई अपनी माँ के साथ कैसे संबंध बना सकता है?</p>
  334. <p>लेकिन अब मुझे क्या हुआ था. क्यूँ मेरे मन में अपनी माँ के नग्न रूप को देखकर उत्तेजना आई? टीवी के आगे बैठकर मैं यही सब सोच रहा था, तभी माँ अपनी स्लीवलेस वाइट कॉटन नाइटी पहनकर बाथरूम से बाहर आई. नाइटी से सिर्फ़ उसकी बाहें दिख रही थी बाकी पूरा बदन ढका हुआ था.</p>
  335. <p>अपने गीले बालों में जो उसकी आधी पीठ तक पहुँच रहे थे, वो मुझे सुंदर लग रही थी. उसकी तरफ देखते हुए मुझे फिर वही नग्न छवि दिखाई देने लगी. लाख कोशिश करने पर भी अब माँ को देखने पर वही नग्न छवि मेरी आँखो के आगे आ जा रही थी.</p>
  336. <p>माँ ने नहाकर ब्रा नही पहनी थी इसलिए जब वो चलती तो उसकी बड़ी चूचियां इधर उधर हिल रही थी. पहले की बात होती तो मैं कभी इस तरफ ध्यान नही देता पर अब सब कुछ बदल चुका था. मैं अब माँ को ध्यान से देख रहा था.</p>
  337. <p>माँ शीशे के आगे खड़ी होकर बाल बनाने लगी और उसके हाथ हिलाने से हिलती हुई चूचियों को मैं देखने लगा. तभी माँ ने कहा की डिनर ऑर्डर कर दो तो मैं होश में आया. माँ ने कहा की उसे हल्का खाना खाने का मन है, तो मैंने सिर्फ़ सलाद और सूप ऑर्डर कर दिए. फिर हम टीवी में न्यूज़ देखते हुए डिनर करने लगे.</p>
  338. <p>मेरा दिमाग़ अभी भी कहीं खोया हुआ था और मैं टीवी की तरफ खाली देख रहा था, उसमे क्या आ रहा था क्या नही मुझे कुछ पता नही. तभी माँ की आवाज़ मेरे कानो में पड़ी. उसने कुछ कहा पर ध्यान कहीं और होने से मुझे साफ सुनाई नही दिया. मुझे ऐसा लगा जैसे माँ की आवाज़ कहीं दूर से आ रही है.</p>
  339. <p>अब माँ थोड़ी इरिटेट हो गयी और नाराज़गी से बोली,” तुम्हें इतना नही पीना चाहिए कि सामनेवाला क्या कह रहा है ये भी तुम्हें सुनाई ना दे.”</p>
  340. <p>उसकी झिड़की से मैं एकदम से चौंक गया. उसे क्या पता था की मैंने ज़्यादा पिया नही है बल्कि कुछ देखा है, जिससे मेरा मन विचलित हो गया था.</p>
  341. <p>मैं बोला,” आई ऍम सॉरी अम्मा. पीने से नही बल्कि सफ़र की वजह से मैं थक गया हूँ. इसलिए आपकी बात नही सुनी.”</p>
  342. <p>फिर मैंने माँ की तरफ देखा और सीधी मेरी नज़र उसकी क्लीवेज पर पड़ी, जो उसकी नाइटी के गले से ब्रा ना होने से दिख रही थी. ज़्यादा नही दिख रहा था पर जब वो सूप पीने को आगे को झुकती तो चूचियों का उपरी हिस्सा दिख जा रहा था.</p>
  343. <p><a href="https://zarakhaan.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-165 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-1024x561.png" alt="Baba Sex Story" width="640" height="351" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-1024x561.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-300x164.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-768x421.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-1536x842.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-850x466.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story.png 1868w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  344. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Sex Story</strong></p>
  345. <p>अपने को माँ की चूचियों को ताकते पाकर मुझे अपने को थप्पड़ मारने का मन हुआ लेकिन कितनी भी कोशिश कर लूँ पर मैं माँ के बदन को तकने से अपने को नही रोक पा रहा था. एक ही दिन में ना जाने मुझे क्या हो गया था. आज 33 वर्ष की उमर में पहली बार माँ को ऐसे देख रहा था जो पहले हमेशा मेरे लिए पूजनीय माँ रही थी.</p>
  346. <p>तभी माँ ने मेरा ध्यान टीवी में आ रही न्यूज़ की तरफ दिलाया की उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है और ज़्यादातर एयरपोर्ट कोहरे की वजह से अगले कुछ दिन के लिए बंद हैं. टीवी में देल्ही एयरपोर्ट में परेशान पैसेंजर्स को दिखाया जा रहा था जिनकी फ्लाइट्स कैंसिल हो गयी थी.</p>
  347. <p>अब मुझे मौका मिल गया. मैंने माँ पर खीझ उतारते हुए कहा,” देखो अम्मा, मैंने पहले ही कहा था की इस बार मौसम बहुत खराब है, यात्रा पर नही जाते हैं पर आपने मेरी एक नही सुनी . अब देख लो टीवी में. लोग एयरपोर्ट में पड़े हुए परेशान हैं. फ्लाइट्स कैंसिल हो गयी हैं.”</p>
  348. <p>माँ शांत स्वर में बोली,” सोनू, जब तुम्हारा एक्सीडेंट हुआ था तो मैंने प्रार्थना की थी की अगर तुम जिंदा बच गये तो मैं तिरुपति और रामेश्वरम के दर्शन करने जाऊँगी. तुम क्या सोचते हो की तुम अगर मेरे साथ नही आते तो मैं यहाँ नही आती ? मैं तब भी आती और अकेली ही आती.”</p>
  349. <p>माँ की बात सुनकर मुझे बुरा लगा और मैंने उनसे अपनी खीझ उतारने के लिए माफी माँगी. कुछ समय पहले की बात है मैं बाथरूम में गिर पड़ा था और किसी चीज़ से सर टकराने से वहीँ बेहोश हो गया. मेरे सर से खून बहता रहा. और जब मुझे हॉस्पिटल ले जाया गया तो काफ़ी देर हो गयी थी और बहुत सारा खून बह गया था.</p>
  350. <p>करीब 15 दिन लगे थे मुझे ठीक होने में. माँ उसी एक्सीडेंट की बात कर रही थी. मेरे माफ़ी मांगने पर माँ उठी और मेरे पास बैठ गयी. प्यार से मुस्कुराते हुए उसने मेरा सर पकड़कर अपनी छाती से लगा लिया. कुछ देर के लिए मैं दुनिया को भूल गया और एक बच्चे की तरह उससे लिपटकर सिसकने लगा.</p>
  351. <p>मुझे रोते देखकर माँ ने मुझे और कसकर अपने से चिपटा लिया और कुछ कहकर मुझे चुप कराने की कोशिश करने लगी. उसने क्या बोला मैं अपने सिसकने की वजह से नही सुन पाया. माँ सोच रही थी की मैं इसलिए गिल्टी फील कर रहा हूँ की मैंने उसकी यात्रा के लिए मना किया था, जबकि माँ ये यात्रा मेरे लिए ही कर रही थी.</p>
  352. <p>लेकिन मेरे रोने का कारण कुछ और ही था. मुझे बहुत गिल्टी फीलिंग आ रही थी की माँ मेरे एक्सीडेंट की वजह से ये यात्रा कर रही है, और मैं उस पूजनीय माँ को नग्न देखने के बाद उत्तेजित हो रहा था, उसके बदन को ताक रहा था.</p>
  353. <p>लगभग 10 मिनिट बाद मैं शांत हुआ और मुझे होश आया तो मैंने पाया की मेरा सर माँ की छाती पर टिका हुआ है. होश में आते ही फिर वही ख्याल आने लगे. उसकी नाइटी थोड़ी नीचे को हो गयी थी तो मेरी आँखों को नाइटी के गले से माँ की चूचियां ऊपर से दिखने लगी.</p>
  354. <p>मेरा दायां गाल तो चूची पर ही दबा हुआ था. मैंने दोनो हाथों से माँ को आलिंगन किया हुआ था. और जिस हाथ से माँ के दाएं कंधे को पकड़ा हुआ था, उस हाथ की कुहनी माँ की दायीं चूची के निपल पर दब रही थी. मेरे ऊपर फिर से वासना हावी हो गयी और मैं सारी दुनियादारी भूलकर जैसे ही अपने होंठ माँ की नाइटी के गले से झांकती चूचियों पर लगाने को हुआ तभी माँ ने मुझे सीधा कर दिया और बोली,” सोनू अब सो जाते हैं.”</p>
  355. <p>माँ उठी और सोने चली गयी. बेड पर लेटते ही वो खर्राटे लेने लगी. माँ के सो जाने के बाद मैं सोफे पर बैठे हुए आज दिन में जो घटित हुआ उसके बारे में सोचने लगा. एक ही दिन में मैं ‘अच्छा सोनू’ से ‘बुरा सोनू’ बन चुका था. मैं वही पर बैठे हुए, बाथरूम में पानी से भीगी हुई पूरी नंगी माँ की छवि को याद करते हुए, मूठ मारने लगा.</p>
  356. <p>फिर जब मुझे लगा कि अब मेरा निकलने वाला है तो मैं बाथरूम की तरफ चल दिया. जब मैं सोफे से उठा तो मैंने एक नज़र अम्मा के ऊपर डाली. अम्मा दायीं तरफ करवट लेकर सोई हुई थी. उसका बायां घुटना मुड़ा हुआ था जिससे नाइटी खिसककर जांघों के ऊपरी भाग तक आ गयी थी.</p>
  357. <figure id="attachment_129" aria-describedby="caption-attachment-129" style="width: 640px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://bangalorerussianescorts.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="wp-image-129 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-ki-Chudai-1024x509.png" alt="Naukrani ki Chudai" width="640" height="318" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-ki-Chudai-1024x509.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-ki-Chudai-300x149.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-ki-Chudai-768x382.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-ki-Chudai-1536x763.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-ki-Chudai-850x422.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-ki-Chudai.png 1888w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a><figcaption id="caption-attachment-129" class="wp-caption-text"><strong>Maa Sex Story</strong></figcaption></figure>
  358. <p>शायद रूम हीटिंग की वजह से नींद में उसको गर्मी महसूस हुई होगी और माँ ने रज़ाई से पैर बाहर निकाल दिए थे. माँ की पूरी टाँगे नीचे से लेकर, जहाँ से नितंबों का उभार शुरू होता है, वहाँ तक पूरी नंगी थी. मैं बाथरूम जाना छोड़कर वहीं पर खड़ा माँ की नग्नता को देखने लगा.</p>
  359. <p>फिर मेरा हाथ मेरे लंड पर चला गया और बेशरम बनकर मैंने वहीं बेड के पास खड़े होकर मूठ मारना शुरू कर दिया. फिर जब मेरे लंड ने वीर्य की पिचकारी छोड़ी तो आनंद से मेरी आँखे बंद हो गयी थी. रोकने की कोशिश करने के बावजूद एक हल्की सी आह मेरे मुँह से निकल गयी.</p>
  360. <p>फिर मुझे आशंका हुई की कहीं मेरा वीर्य माँ के जांघों के ऊपर तो नही पड़ गया है ? इस ख़याल से मुझे एक अजीब सी उत्तेजना आई, लेकिन थोड़ी घबराहट भी हुई. एक बार मैंने सोचा की लाइट ऑन करके देखूं, फिर मैंने बेडरूम की लाइट ऑन करने के बजाय बाथरूम का दरवाज़ा खोल दिया.</p>
  361. <p>बाथरूम से लाइट की रोशनी में देखा वीर्य की कुछ बूंदे माँ की जांघों के अंदरूनी हिस्से पर पड़ी थी. मैंने सोचा अगर पोंछ दूँ और माँ उठ गयी तो परेशानी में पड़ जाऊंगा. या फिर ऐसे ही रहने दूँ, ये अपनेआप थोड़ी देर में सूख जाएगा और सुबह माँ उठकर नहा लेगी तो धुल जाएगा.</p>
  362. <p>इन दोनो में से मुझे एक चुनना था, या तो पोंछ दूँ या फिर ऐसे ही रहने दूँ. लेकिन माँ की जांघों पर हाथ फेरने की मेरी इच्छा ने मुझे रिस्क लेने पर मजबूर कर दिया. मैंने एक छोटा सा टावल लिया और फर्श पर झुक गया. धीरे से मैंने टावल से वीर्य को पोंछ दिया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.</p>
  363. <p>झुकने पर मुझे परफ्यूम की सी महक आई. मेरे ख़याल से माँ ने पसीने की गंध को दूर करने के लिए परफ्यूम यूज़ किया होगा. वो खुशबू माँ की जांघों के ऊपरी हिस्से पर नाक लगाने से आ रही थी. मैं कुछ देर तक बैठे हुए उस खुशबू को सूंघता रहा.</p>
  364. <p>अब मुझे माँ के साथ संभोग करने की तीव्र इच्छा होने लगी. लेकिन आश्चर्यजनक रूप से मुझे इसमे गंदा या ग़लत कुछ भी महसूस नही हो रहा था. वो मेरे लिए अब भी पूजनीय माँ थी. वहीं फर्श पर बैठे हुए ही मुझे नींद आ गयी. पता नही कैसे जब मेरी नींद खुली तो मैंने देखा की माँ अब सीधी लेटी हुई सो रही थी.</p>
  365. <p>उसकी टाँगे अभी भी पूरी ऊपर तक खुली हुई थी. रज़ाई उसने पूरी एक तरफ को फेंक दी थी. मैं खड़ा हुआ और कुछ देर तक माँ को देखता रहा फिर बेड में सोने के लिए लेट गया. लेकिन नींद नही आ रही थी. मैं सोचने लगा जब हम घर पहुँच जाएँगे तो घर पर परिवार के सभी लोग होंगे और मुझे माँ के साथ अकेले रहने का मौका नही मिलेगा.</p>
  366. <p>और माँ को ऐसे सोए देखना तो दुर्लभ ही हो जाएगा. मैं सोचने लगा कुछ दिन और घर से दूर कैसे रहा जाए. एक ख़याल मन में आया की खराब मौसम का सहारा लेकर वापसी यात्रा को थोड़ा लंबे रास्ते से ले जाऊं जिससे कुछ और रात मुझे माँ के साथ होटेल में काटने को मिले. यही सब सोचते हुए मैं सो गया.</p>
  367. <p>सुबह जब नींद खुली तो माँ साड़ी पहन रही थी. लाल रंग के बॉर्डर वाली सफेद सिल्क की साड़ी में माँ अच्छी लग रही थी. मेरी नज़र उसके ब्लाउज पर पड़ी. ब्लाउज के अंदर उसकी बड़ी चूचियों का शेप दिख रहा था. जब तक वो साड़ी पहनते रही मैं ध्यान से उसे देखता रहा. फिर मैं उठ गया और जाने को तैयार होने लगा.</p>
  368. <p>होटेल वालों ने कार से हमें एयरपोर्ट पहुँचा दिया. वहाँ पता चला की हमारी जेट एयरवेज की फ्लाइट कैंसिल हो गयी है. हमने जेट के स्टाफ से किसी और फ्लाइट में सीट देने के लिए पूछा तो उन्होने मना कर दिया. मैंने पिताजी को फोन किया तो उन्होने कहा की टिकट का रिफंड ले लो और जब मौसम खुल जाए तो फ्लाइट ले लेना.</p>
  369. <p>मैंने बाकी एयरलाइन्स के काउंटर पर भी पूछताछ की, इस सब में 5 pm हो गया और हम बुरी तरह से थक चुके थे. इंडियन एयरलाइन के काउंटर पर एक अधेड़ उमर की लेडी ने मुझे 3 दिन बाद का टिकट लेने को कहा. इससे पहले जो फ्लाइट्स जाएँगी उनमे पैसेंजर्स की भीड़ देखते हुए टिकट मिलना मुश्किल होगा.</p>
  370. <p>या फिर रोज़ रोज़ एयरपोर्ट आकर पता करो. मैंने उस लेडी की बात मान ली और उसने हमें 3 दिन बाद के टिकट दिए वो भी वेटलिस्टिंग में, लेकिन उसने कहा की सीट्स मिल जाएँगी तब तक. मैंने माँ को ये बात बताई तो उसका चेहरा लटक गया. मैंने उसे दिलासा दी,” अम्मा हम कोई जंगल में बिना खाना और पानी के भटक थोड़ी गये हैं. बंगलोर इतना बड़ा शहर है . हम आराम से कुछ दिन यहाँ गुजार सकते हैं.”</p>
  371. <p>माँ चेयर से उठी और कहने लगी सुबह से वेट करते करते मेरी कमर दर्द हो गयी है. पूरा दिन एयरपोर्ट में बैठे हुए वो थक गयी थी और मैं तो एक काउंटर से दूसरे काउंटर दौड़ने में ही था. माँ ने कहा होटेल में अब रूम खाली है की नही, पता तो करो.</p>
  372. <p>मैंने होटेल फोन किया की हम वापस आ रहे हैं तो उन्होने कहा की हमारी एक कार एयरपोर्ट पर किसी गेस्ट को छोड़ने गयी हुई है, उसके ड्राइवर से हम आपको होटेल वापस लाने को कह देते हैं. जब हम अपने रूम में पहुँचे तो 8 pm हो चुका था. सुबह से रात तक हम दोनो एयरपोर्ट में चक्कर लगाकर थक चुके थे. नहाने के बाद मैंने अम्मा से कहा, मैं अभी थोड़ी देर में आता हूँ.</p>
  373. <p>अम्मा मुस्कुरायी और बोली, ठीक है, लेकिन ज़्यादा मत पीना हाँ.</p>
  374. <p>मैंने कहा, हाँ अम्मा नही पियूँगा और रूम से बाहर आ गया.</p>
  375. <p>बार में आने के बाद मैं ड्रिंक करने लगा. अब मुझे अम्मा के साथ 3 दिन होटेल में बिताने थे. ड्रिंक करते हुए मैं सोचने लगा मैं अम्मा के साथ संभोग करने की अपनी इच्छा कैसे पूरी करुं. लेकिन कोई तरीका नही सूझ रहा था. थोड़ी देर बाद मैं वापस रूम में आ गया.</p>
  376. <p>माँ बेड में लेटकर टीवी देख रही थी. उसने एक स्लीवलेस नाइटी पहनी हुई थी जो उसके घुटनो तक उठी हुई थी. मैं माँ के सामने सोफे पर बैठ गया. फिर मैंने डिनर का ऑर्डर दे दिया. माँ टीवी देख रही थी और मैं चुपचाप माँ की सुंदरता को निहार रहा था.</p>
  377. <p>जैसे ही डोर बेल बजी तो मैं दरवाजा खोलने को उठा. अचानक माँ बेड से उठी और बाथरूम में चली गयी. जब वेटर डिनर देकर चला गया तो मैंने माँ को आवाज़ दी. जब माँ बाथरूम से बाहर आई तो मुझे एहसास हुआ की माँ वेटर के सामने रूम में क्यूँ नही रही.</p>
  378. <p><a href="https://bestescortsinbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-36 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Group-Sex-Story-in-Hindi-1024x561.png" alt="Group Sex Story in Hindi" width="640" height="351" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Group-Sex-Story-in-Hindi-1024x561.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Group-Sex-Story-in-Hindi-300x164.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Group-Sex-Story-in-Hindi-768x421.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Group-Sex-Story-in-Hindi-1536x841.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Group-Sex-Story-in-Hindi-850x466.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Group-Sex-Story-in-Hindi.png 1884w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  379. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Sex Story</strong></p>
  380. <p>जैसे ही डोर बेल बजी तो मैं दरवाजा खोलने को उठा. अचानक माँ बेड से उठी और बाथरूम में चली गयी. जब वेटर डिनर देकर चला गया तो मैंने माँ को आवाज़ दी. जब माँ बाथरूम से बाहर आई तो मुझे एहसास हुआ की माँ वेटर के सामने रूम में क्यूँ नही रही.</p>
  381. <p>उसने जो नाइटी पहनी थी वो उसके घुटनो से कुछ ही इंच नीचे तक थी और बड़े गोल गले वाली स्लीवलेस थी. उसने ब्रा पहनी हुई थी और उस बड़े गोल गले से क्लीवेज दिख रही थी. नये जमाने की औरतों के लिए तो ये कुछ भी नही था पर अम्मा शायद दूसरे आदमियों के सामने इस नाइटी में असहज महसूस कर रही थी. तभी वो वेटर के अंदर आने से पहले बाथरूम चली गयी.</p>
  382. <p>अम्मा ने बाथरूम से आकर मुझे अपनी नाइटी को देखते हुए पाया तो वो बोली,” बाकी सब गंदी हो गयी हैं, यही बची है. कल लांड्री के लिए कपड़े देने होंगे.”</p>
  383. <p>मैंने कहा,” कोई बात नही अम्मा. ठीक तो है.”</p>
  384. <p>डिनर करने के बाद मैंने बाथरूम जाकर बेड में लेटने के लिए बरमूडा पहन लिया. बाथरूम से आकर मैंने देखा माँ ने ब्रा उतार दी है और धोने के कपड़ो के ढेर में उसे रख रही है. मैं जब उसके पास खड़ा हुआ तो उसके बड़े गले के अंदर झाँकने पर चूचियां साफ दिख रही थी. वास्तव में अम्मा के लिए वो नाइटी सही नही थी.</p>
  385. <p>तभी अम्मा बोली,” सोनू तुम्हारे पास कोई पेनकिलर है तो दो, एयरपोर्ट में दिन भर कुर्सी में बैठने से मेरी कमर दर्द कर रही है.”</p>
  386. <p>मैंने दिक्लोफ़ेनाक और त्रिका पानी के साथ अम्मा को दी. फिर मैंने पूछा,” अम्मा चाय पियोगी?”</p>
  387. <p>उसने मना कर दिया तो मैंने अपने लिए चाय ली और बेड में बैठकर पीने लगा और फिर हम सो गये.</p>
  388. <p>लगभग 10 मिनिट बाद वो बोली,” सोनू बेटा, कमर दर्द से मुझे नींद नही आ रही है. मेरी कमर और पैरो में मालिश कर दोगे ?”</p>
  389. <p>मैंने कहा,” ठीक है अम्मा.”</p>
  390. <p>फिर मैंने बेड लैंप को स्विच ऑन कर दिया और माँ के पैरों के पास आ गया. माँ बायीं करवट लेकर मेरी बेड की तरफ लेटी हुई थी. उसकी छोटी नाइटी घुटनो तक खिसक गयी थी और बड़े गले से चूचियों का ऊपरी भाग बाहर निकला हुआ था. बेड लैंप की रोशनी अम्मा के ऊपर पड़ रही थी और फिर से मुझे अम्मा के साथ संभोग की इच्छा होने लगी.</p>
  391. <p>जब मैं उसके पैरों के पास बैठा तो वो पीठ के बल सीधी होकर लेट गयी. मैंने उसका पैर अपनी गोद में रख लिया और उसकी मालिश करने लगा. थोड़ी देर ऐसे ही पैरों की मालिश के बाद अम्मा को आराम महसूस हुआ. वो बोली, “सोनू बेटा, भगवान तुमको मेरी बाकी बची उमर दे दे. तुम्हारे जैसा सेवा करने वाला बेटा मिला है, मैं और तुम्हारे पिताजी भाग्यशाली हैं.”</p>
  392. <p>कोई और समय होता तो माँ का आशीर्वाद सुनकर मैं भावुक हो जाता. पर इस समय वासना मुझ पर हावी थी. मैं कुछ नही बोला. चुपचाप पैरों की मालिश करता रहा. कुछ देर बाद मैंने अम्मा से घुटने मोड़ने को कहा. अम्मा ने जब घुटने मोड़े तो अब उसके पैर उल्टा v की शेप में थे.</p>
  393. <p>जिससे नाइटी घुटनो से नीचे को जांघों की तरफ खिसक गयी थी. ये नज़ारा देखकर मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा. मैं उसकी टाँगों के पिछले भाग की मालिश करने लगा. अम्मा अभी भी हल्की आवाज़ में आशीर्वाद देती जा रही थी. हालाँकि उसकी आवाज़ इतनी धीमी थी की शब्द सुनाई नही दे रहे थे.</p>
  394. <p>शायद मेडिसिन और मालिश के असर से वो मुँह ही मुँह में बुदबुदा रही थी. फिर मैं थोड़ा सा खिसका और घुटने से नीचे को उसकी दायीं जाँघ की मालिश करने लगा. जब मेरा हाथ उसकी नाइटी तक पहुँचा तो मैं रुक गया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.</p>
  395. <p>मैं नाइटी को ऊपर करके और ऊपर तक जाँघ की मालिश करना चाह रहा था पर इतनी हिम्मत मुझमे नही थी की उसकी नाइटी ऊपर कर दूं. तो मैं घुटने से आधी जाँघ तक मालिश करने लगा. कुछ देर तक मैं ऐसे ही पंजो से घुटने तक और घुटने से आधी जाँघ तक मालिश करते रहा.</p>
  396. <p>फिर कुछ ऐसा हुआ जिसकी मुझे उम्मीद नही थी. अम्मा ने कहा,” भगवान सबको तुम्हारे जैसा बेटा दे.” और अपना बायां पैर सीधा कर दिया. अब उसका बायां पैर सीधा था और दायां पैर घुटने से मुड़ा हुआ खड़ा था. इससे मुझे उसकी जांघों के जोड़ तक दिखने लगा. अब मेरी धड़कने बहुत बढ़ गयी.</p>
  397. <p>मैंने जांघों के बिल्कुल ऊपरी हिस्से तक मालिश करना शुरू कर दिया. जिससे नाइटी और ऊपर खिसक गयी. मैं मालिश करते हुए अम्मा की मांसल जांघों पर ऊपर तक हाथ फिराने लगा. फिर ऐसे ही मैंने बायीं जाँघ की भी मालिश की.</p>
  398. <p>लगभग 15 मिनिट बाद अम्मा बोली,” सोनू अब मेरी कमर की मालिश कर दो.”</p>
  399. <p>और वो घूमकर पेट के बल लेट गयी. अब जो नज़ारा मेरे सामने था उसे देखकर मैं दंग रह गया. जब अम्मा उल्टा लेटी तो उसकी नाइटी उसके और ऊपर खिसक गयी. उसके पैर पूरे नंगे थे और जहाँ से नितंब शुरू होते हैं, उससे थोड़ा ऊपर तक सब खुला था.</p>
  400. <p>अब मैं अम्मा के ऊपर से आँखे हटा ही नही पा रहा था. उसकी गोरी जांघें और नितंबों का निचला हिस्सा मेरी आँखों के सामने था. नितंबों के बीच की दरार के निचले हिस्से से अम्मा की चूत का कुछ भाग भी दिख रहा था. थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही देखता रहा.</p>
  401. <p>फिर मुझे होश आया. मैंने सोचा खाली देखने से क्या होगा. मुझे कुछ करना होगा. लेकिन किस्मत कितनी देर तक मेरा साथ देगी. 33 वर्ष की उमर में अम्मा के साथ एक ग़लत हरकत और जिंदगी भर के लिए मैं श्रापित हो जाता. मेरी जिंदगी दांव पर लगी थी.</p>
  402. <p>लेकिन मैं उस मोड़ पर पहुच चुका था जहाँ पर मेरी इच्छाओं ने मुझे वश में कर लिया और मैंने अपने को दांव पर लगा दिया. बिना ज़्यादा सोचते हुए मैं अम्मा की जांघों के दोनो तरफ पैर रखकर उसकी कमर और पीठ को उंगलियों से दबाने लगा.</p>
  403. <p>अंगूठे और उंगलियों से कमर को दबाकर मालिश करने से उसकी नाइटी थोड़ा थोड़ा करके और ऊपर होने लगी और कुछ देर बाद अम्मा के बड़े बड़े गोरे नितंब आधे नंगे हो गये. मैं उसकी पीठ और कमर को उंगलियों और अंगूठे से दबाकर मालिश करता रहा पर मैंने उसके खुले हुए नितंबों को नही छुआ.</p>
  404. <p>अब मेरा लंड पूरा मस्त होकर तन चुका था और बरमूडा के कोने से सुपाड़ा बाहर झाँक रहा था. मैं अम्मा के नितंबों की तरफ थोड़ा ऊपर खिसकर पीठ की मालिश करने लगा. मैं अपनी तरफ से पूरी सावधानी बरत रहा था और अच्छी मालिश कर रहा था ताकि अम्मा को आराम महसूस हो. क्या पता आगे क्या होने वाला था ?</p>
  405. <p>धीरे धीरे मैंने अम्मा की नाइटी कमर तक खिसका दी. अब अम्मा के विशाल नितंब पूरे नंगे थे. फिर मैंने हिम्मत करके नाइटी के अंदर हाथ डालकर उसकी कमर और पीठ के निचले हिस्से पर हाथ फिराते हुए मालिश शुरू कर दी. मैं आगे झुक के मालिश कर रहा था और मेरा लंड अम्मा के नंगे नितंबों पर फिसल रहा था.</p>
  406. <p>अब मैं बहुत उत्तेजित हो गया था. संभोग की मेरी इच्छा तीव्र हो चुकी थी. अब मेरा धैर्य जवाब देने लगा था. मैंने हाथ कमर से नीचे उसके नितंबों पर भी फेरने शुरू कर दिए. फिर मैं रीड की हड्डी पर मालिश करते हुए अम्मा के कंधों की मालिश करने लगा.</p>
  407. <p>अम्मा की बड़ी चूचियां उसके शरीर से दबी हुई थी और साइड्स से कुछ हिस्सा दोनो तरफ निकला हुआ था. साइड्स पर हाथ फिराते हुए मैंने उन पर भी हाथ फेर दिया. अम्मा ने हल्के से ऊऊऊओ…ह की आवाज़ निकाली.</p>
  408. <p>मैं घबरा गया और जल्दी से हाथ हटाकर उसके कंधों की मालिश करने लगा. तभी मेरा लंड फिसलकर अम्मा के नितंबों के बीच दरार में चला गया. लंड से प्री-कम निकल रहा था और वो अम्मा के विशाल नितंबों के बीच घुस गया.</p>
  409. <p>मुझे बहुत उत्तेजना हो रही थी और मेरे लंड के अम्मा के नितंबों के बीच घुसने से बहुत आनंद महसूस हो रहा था. दवाई और मालिश का असर उस पर हुआ था लेकिन मेरे ख़याल से अब अम्मा को भी पता चल चुका था. लेकिन शायद वो शॉक और ऐम्बर्रेसमेंट से कुछ बोल नही पाई.</p>
  410. <p>अपने नितंबों के बीच अपने बेटे का लंड महसूस करके वो अवाक रह गयी होगी. लेकिन मैं अब सारी सीमाएँ लाँघ चुका था. मुझे बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा था. मैं अपने लंड को अम्मा के नितंबों के अंदर रगड़ने लगा. मुझे लगा अब मेरा वीर्य निकल जाएगा.</p>
  411. <p>वासना पूरी तरह मुझ पर हावी हो चुकी थी. मेरा पूरा ध्यान सिर्फ़ अम्मा के साथ संभोग पर था. मैंने अपना बरमूडा नीचे खिसका दिया और अम्मा की नाइटी उसकी गर्दन तक ऊपर खींच दी. अब अम्मा पीछे से पूरी नंगी थी. मैं अम्मा के ऊपर लेट गया.</p>
  412. <p>मैं अम्मा की गर्दन को चूमने लगा, उसकी बाँहों को चूमा और साइड्स से उसकी चूचियों को मलने लगा. मैंने अपने लंड को पकड़ा और नितंबों के बीच और अंदर घुसाने की कोशिश की. मुझे एक छेद में अपना लंड घुसता महसूस हुआ.</p>
  413. <p><a href="https://cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-16 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-1024x561.png" alt="Couple Sex Story in Hindi" width="640" height="351" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-1024x561.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-300x164.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-768x421.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-1536x841.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-850x466.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi.png 1884w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  414. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Sex Story</strong></p>
  415. <p>मैंने थोड़ा और ज़ोर लगाया. लेकिन फिर मुझे महसूस हुआ वो अम्मा की चूत का छेद नही बल्कि उसकी गांड का छेद था. लेकिन मैं कोई परवाह ना करते हुए अंदर घुसाने को ज़ोर लगाने लगा. तभी अम्मा का बदन काँपा और वो आश्चर्य भरे स्वर में चिल्लाई,” आइईई…माँ, सोनुउऊउउ…ये क्या .“</p>
  416. <p>अम्मा पलटने की कोशिश करने लगी. मैं अपने हाथों पर उठ गया और उसे मेरे नीचे सीधा हो जाने दिया. जैसे ही वो सीधी हुई, मैं फिर से उसके ऊपर लेट गया. अम्मा ने मुझे देखा, उसकी आँखो में अविश्वास और शॉक के भाव थे. मेरे हाथ अम्मा की चूचियों पर थे और मेरा लंड उसकी चूत के ऊपर था.</p>
  417. <p>मैं अम्मा की चूचियां दबाने लगा और मुझे लगा की मेरा वीर्य निकलने वाला है तो मैं उसकी चूचियों को पकड़े हुए, अपने नितंब उठाकर अम्मा के ऊपर धक्के मारने लगा. लंड चूत के अंदर नही गया था, मैं खाली ड्राइ हमपिंग कर रहा था, कुछ ही धक्कों में मेरे लंड से इतने दिनों का जमा किया हुआ वीर्य निकलकर अम्मा की नाभि के पास पेट में गिरने लगा.</p>
  418. <p>अम्मा ने मेरा वीर्य अपने पेट पर गिरते महसूस किया. उसने अपनी आँखे बंद करके, एक गहरी सांस ली और बोली,” ये क्या किया तुमने.”</p>
  419. <p>मुझे इतना तेज ओर्गास्म आया की कुछ पल के लिए मुझे होश ही नही रहा. मैं अम्मा की चूचियों के बीच मुँह घुसाए लेटा रहा. जब मुझे होश आया तो मैं ऐम्बर्रेसेड और घबराया हुआ था. मुझे समझ नही आया अब कैसे रियेक्ट करूँ.</p>
  420. <p>मेरी दुनिया अब बदल चुकी थी. अम्मा के साथ मेरा संबंध अब बदल चुका था. क्या अम्मा के साथ पवित्र रिश्ता नष्ट हो जाएगा या फिर ये और भी मजबूत रिश्ते की शुरुआत थी? धीरे धीरे मुझे अपनी स्थिति का आभास हुआ. मैं अम्मा के ऊपर लेटा हुआ था और अम्मा के पेट में गिरा हुआ वीर्य गोंद की तरह से हमारे बदन को आपस में चिपकाए हुए था.</p>
  421. <p>मेरे लंड उसके पेट के निचले हिस्से में दबा हुआ था. अम्मा की छोटी छोटी झाँटे मुझे लंड के आख़िरी सिरे पर चुभ रही थी. अब फिर से मेरा लंड खड़ा होने लगा. मेरे दिमाग़ से उलझने निकल गयी और अम्मा के साथ संभोग करने की इच्छा ज़ोर मारने लगी.</p>
  422. <p>मैंने सर उठाकर देखा, अम्मा की नाइटी उसके गले तक ऊपर थी. उसने अपना मुँह बायीं तरफ को मोड़ा हुआ था और उसकी आँखे बंद थी. बायां हाथ उसने अपनी चूचियों के ऊपर रखा था और दायां हाथ उसके कंधे से पीछे था और उसकी अंगुलियां मेरी अंगुलियों से मिली हुई थी.</p>
  423. <p>मुझे ध्यान ही नही था की मैंने अम्मा का दायां हाथ ऐसे पकड़ रखा है. मैंने उसका हाथ छोड़ दिया और उसके बायीं तरफ बेड पर खिसक गया और सर उठाकर अम्मा को देखने लगा. बेड लैंप की धीमी रोशनी में मैंने देखा अम्मा उठने की कोशिश कर रही थी.</p>
  424. <p>वो अपनी कोहनियों के सहारे थोड़ा उठी और सीधे मेरी आँखों में झाँका. उसकी बड़ी बड़ी आँखें मुझे किसी सागर के जैसे लगी. मैं उन्हे चूमने को बढ़ा. उसने अपना चेहरा घुमा लिया. मैंने उसका चेहरा पकड़ा और थोड़ा ज़ोर लगाकर अपनी तरफ घुमाया. फिर मैंने अपनी आँखे बंद करके अम्मा की आँखे चूम ली.</p>
  425. <p>तभी अम्मा बोली,” सोनू अब रहने दो, जो हुआ उसे भूल जाओ.”</p>
  426. <p>फिर वो बेड से उतरने को हुई. मैंने अपने दाएं हाथ को उसकी छाती पर लपेटा और उसे उठने नही दिया. फिर मैंने उसकी कोहनिया सीधी कर दी और उसे फिर से लिटा दिया. अम्मा ने विरोध किया पर मैंने ज़ोर लगा के उसे लिटा दिया.</p>
  427. <p>फिर मैं अम्मा के होठों को चूमने लगा. मैंने उसके होठों को अपनी जीभ से खोलने की कोशिश की लेकिन उसने अपने होंठ नही खोले. फिर मैं बारी बारी से उसके ऊपरी और निचले होंठ को चूमने लगा. मैंने अपना बायां हाथ अम्मा की गर्दन के नीचे डाला हुआ था और दाएं हाथ से मैं उसकी चूचियां दबाने लगा. इससे उसकी सिसकारी निकल गयी.</p>
  428. <p>अम्मा ने बहुत ज़ोर लगाकर मुझे ऊपर हटाया और बोली,”ऊफ़ सोनू, कुछ शरम करो बेटा, मैं तुम्हारी माँ हूँ. यहीं रुक जाओ और आगे मत बढ़ो.”</p>
  429. <p>फिर बोली, ”सीमा(मेरी पत्नी) और बच्चे के बारे में सोचो बेटा. मैं क्या मुँह लेकर जाऊँगी उनके सामने. मान जाओ सोनू.”</p>
  430. <p>अम्मा के उठने बैठने और लेटने से उसकी बड़ी चूचियां खूब हिल डुल रही थी, उनको देखकर मैं मस्त हो जा रहा था. अम्मा ने मेरे कंधे पकड़े हुए थे अपने से दूर हटाने के लिए. मैंने ज़ोर लगाकर अपने कंधों से अम्मा के हाथ हटाए और झुककर निपल मुँह में भर लिया और उसे चूसने लगा.</p>
  431. <p>दूसरे निपल को मैंने अपने अंगूठे और उंगली के बीच दबा लिया और उसे घुमाने लगा. मेरी छेड़छाड़ से अम्मा के दोनो निपल तनकर टाइट हो गये. अम्मा अपना सर दायीं बायीं तरफ हिलाने लगी और उसके मुँह से हल्की सिसकारी भी निकल जा रही थी.</p>
  432. <p>उसने फिर से मुझे कंधे पकड़कर अपने ऊपर से हटाना चाहा, लेकिन मैं उसकी चूचियों और निपल से छेड़छाड़ करते रहा. कुछ समय बाद अम्मा ने मुझे धक्का देना बंद कर दिया और आँखे बंद किए हुए,”मत करो सोनू……हे भगवान…उफफफफ्फ़…” ऐसे बोलने लगी.</p>
  433. <p>शायद अब उसका शरीर उसके दिमाग़ से अलग दिशा में रियेक्ट कर रहा था. अब उसका विरोध हाथों से नही हो रहा था, वो सिर्फ़ आँखे बंद किए हुए ‘मत करो’ बड़बड़ा रही थी. क्या उसके अंदर की औरत की कामइच्छा जाग गयी थी या सामाजिक मान्यताओ, बंधनो के विपरीत जाकर अपने सगे बेटे द्वारा माँ के नंगे बदन को स्पर्श किए जाने से वो रोमांचित महसूस कर रही थी ?</p>
  434. <p>मैंने अपने पैर के पंजे से अम्मा की टाँगे फैला दी और उसके ऊपर लेट गया. मेरे लंड ने अम्मा की चूत को छुआ. अम्मा के मुँह से ज़ोर से आवाज़ निकली,” अरे …….”.</p>
  435. <p>मैं थोड़ा ऊपर खिसक गया अब मेरा लंड अम्मा की नाभि पर आ गया. मैंने अपनी हथेलियों में अम्मा का चेहरा पकड़ा और उसे अपने मुँह की तरफ घुमाया. अम्मा ने आँखे खोल दी और सीधे मेरी आँखो में झाँका.</p>
  436. <p>“अम्मा, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ. आज मुझे मत रोकिए. मैं औरत नही माँ और देवी के रूप में आपको पाना चाहता हूँ.”</p>
  437. <p>“सोनू अब इससे आगे मत बढ़ो, सब बर्बाद हो जाएगा. तुम इतने छोटे नही हो की इसका परिणाम ना समझ सको. माँ से संभोग नही किया जाता. तुम्हारी यौन इच्छा ने तुमको पागल कर दिया है. बेटा अपने ऊपर काबू रखो. ये पाप मत करो.”</p>
  438. <p>“कुछ नही बदलेगा अम्मा. ये तो मानव प्रेम की पराकाष्ठा है. जिस संभोग में सृष्टि की रचना निहित है वो पाप कैसे हो सकता है ? मेरा आपके साथ संभोग वासना नही पूजा है.”</p>
  439. <p>“चुप रहो सोनू. ये प्रेम नही वासना है. माँ और बेटे के प्रेम में ऐसे संबंध नही होते. तुम मेरे शरीर से अपनी काम इच्छा शांत करना चाहते हो और उसके लिए ये तार्क़ दे रहे हो. तुम कैसे भूल सकते हो की मैं तुम्हारी माँ हूँ. जिस योनि को तुम भोगना और अपमानित करना चाहते हो वही तुम्हारे जन्म की कारक है.”</p>
  440. <p>“अम्मा, माँ और बेटे का प्यार ही निस्वार्थ होता है. संभोग तो प्रेमियों के प्रेम की पराकाष्ठा है. फिर माँ बेटे के बीच यदि ये हो तो बुरा क्यूँ है ? बेटा तो माँ के शरीर से ही बना है फिर वही शरीर बेटे के लिए अप्राप्य क्यूँ है ? आपकी योनि का भोग और अपमान तो मैं सोच भी नही सकता. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.</p>
  441. <p>सिर्फ़ योनि ही क्यों मैं तो आप से संपूर्ण प्रेम की याचना कर रहा हूँ. ऐसी पूर्णता जो एक माँ ही बेटे को दे सकती है. ऐसा निस्वार्थ काम पति-पत्नी, प्रेमी-प्रेमिका या किसी और संबंध में संभव नही. स्त्री और पुरुष के बीच केवल माँ और बेटे का संबंध ही पूर्ण है बाकी हर तरफ तो वासना और स्वार्थ ही है.”</p>
  442. <p>अम्मा ने कुछ जवाब देने के लिए होंठ खोले, लेकिन मैंने उसको मौका नही दिया. मैंने उसके होठों से अपने होंठ चिपका दिए और अपनी जीभ उसके मुँह में घुसा दी. अम्मा ने अपना मुँह दूसरी तरफ घुमाना चाहा पर मेरे हाथों की पकड़ ने उसे चेहरा घुमाने नही दिया.</p>
  443. <p>थोड़ी देर बाद वो शांत पड़ गयी. मैंने उसके गाल चूमे फिर गर्दन चूमी और फिर से होठों को चूमने लगा. अब वो पहले के जैसे अपने होंठ टाइट बंद नही कर रही थी, मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ पर अब वो होंठ खुले रख रही थी. मेरे चूमने का वो कोई जवाब नही दे रही थी पर विरोध भी नही कर रही थी.</p>
  444. <p>अम्मा मेरी बाँहो में थी उसके बदन पर सिर्फ़ एक कपड़ा था जो मैंने उसकी गर्दन तक ऊपर खींच दिया था. एक तरह से वो पूरी नंगी ही थी. अम्मा ने अब समर्पण कर दिया था, उसको थोड़ी उत्तेजित और कोई विरोध ना करते देखकर मैंने उसे किसी प्रेमी की तरह अपनी बाँहों में पकड़ा और उसके बदन को हर जगह चूम लिया.</p>
  445. <p>अम्मा चुपचाप आँखे बंद किए लेटी थी और मेरे चूमने से किसी किसी समय उसकी सिसकारी निकल जा रही थी. फिर मैंने उसकी नाइटी गर्दन से ऊपर खींचने की कोशिश की उसने थोड़ा विरोध किया पर मैं नही माना और नाइटी निकालकर बेड पर रख दी. अब अम्मा पूरी तरह से नंगी थी. फिर मैंने अपनी टीशर्ट भी निकाल दी और नंगा हो गया.</p>
  446. <p>मेरे टीशर्ट उतारते समय अम्मा चाहती तो उठकर बेड से उतर कर जा सकती थी. लेकिन वो शांत लेटी रही ना ही उसने अपने अंगो को छुपाने या ढकने की कोशिश की. इससे मेरी हिम्मत बढ़ गयी, मुझे लगा की अब अम्मा भी मेरा साथ दे रही है. और मेरे अंदर जो थोड़ा बहुत अपराधबोध था वो खत्म हो गया.</p>
  447. <p>फिर मैं अम्मा की चूचियों को हाथों से सहलाने लगा और उनके ऐरोला पर जीभ घुमाने लगा. दोनो चूचियों के बीच की घाटी को भी मैंने चूमा और अपने दोनो गालों पर अम्मा की चूचियों का मुलायम स्पर्श महसूस किया. फिर मैं नीचे की तरफ बढ़ा और नाभि के पास पेट को चूमा. नाभि को चूमते ही अम्मा के बदन में कंपकंपी हुई.</p>
  448. <p>मैं थोड़ा और नीचे बढ़ा और अम्मा के शेव किए झाँटों के छोटे छोटे बाल मुझे चेहरे पर चुभे. अम्मा ने तुरंत अपनी जांघें चिपका ली. फिर भी चूत की दरार के उपरी हिस्से पर मैंने जीभ लगाई. फिर मैंने अम्मा की जाँघो को ढीला पड़ते महसूस किया. एक हाथ से अम्मा की एक चूची को दबाए हुए दूसरे हाथ की बड़ी वाली उंगली मैंने अम्मा की चूत में डाल दी.</p>
  449. <p>अम्मा का बदन काँपा और वो चीखी,” सोनूनूनू………..तुम पागल हो गये हो क्या ?”</p>
  450. <p>उसकी चूत पूरी गीली थी, जिससे पता चलता था की वो भी उत्तेजित हो रखी थी. मैंने उसकी बात का कोई जवाब नही दिया और उंगली को चूत के अंदर बाहर करने लगा. एक अंगुली से उसकी क्लिट को भी रगड़ने लगा.</p>
  451. <p>वो थोड़ा रिलैक्स हुई तो मैंने उसकी जांघें थोड़ा फैला दी और अपनी जीभ से उसकी क्लिट को छेड़ने लगा. मैंने अपने होठों में अम्मा की चूत के बड़े होठों को लिया और उन्हे चूमा और दांतो से थोड़ा खींचा. फिर मैं उसकी चूत के अंदर जीभ डालकर अम्मा का कामरस पीने लगा.</p>
  452. <p>अम्मा के मुँह से हल्की सी चीख निकली,” ऊऊ…उूउउफफफफ्फ़……..सोनू, ये क्या हो गया तुम्हें. क्या कर दिया तुमने.”</p>
  453. <p>मैंने उसकी क्लिट को होठों में पकड़कर खींचा और उसकी चूत के फूले हुए होठों को भी होठों से पकड़कर बाहर को खींचा.</p>
  454. <p>“ऊऊओ….ऊऊओफफ्फ़…हे भगवान…मुझसे बर्दाश्त नही हो रहा, क्या करूँ मैं.” अम्मा सिसकी.</p>
  455. <p>फिर अम्मा ने अपना हाथ मेरे सर पे रखा और उसे सहलाने लगी. फिर धीरे से मेरे गाल छुए. मैं सोच रहा था अम्मा अब मुझे धक्का देकर अपनी चूत से मेरा मुँह हटा देगी. लेकिन उसने मुझे नही हटाया. शायद मेरा वैसा करना उसे भी अच्छा लग रहा था. इससे मेरे मन को शांति मिली.</p>
  456. <p>मैं बीच की दो अंगुली डालकर तेज़ी से अम्मा की चूत में अंदर बाहर करने लगा. और साथ ही साथ उसकी क्लिट को अपनी जीभ से छेड़ता रहा. अब अम्मा की साँसे भारी हो चली थी. मैंने महसूस किया की अम्मा थोड़ा थोड़ा अपने नितंबों को ऊपर को कर रही थी.</p>
  457. <p><a href="https://nehamari.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-200 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-1024x468.png" alt="Family Sex Stories in Hindi" width="640" height="293" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-1024x468.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-300x137.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-768x351.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-1536x702.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi-850x389.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Family-Sex-Stories-in-Hindi.png 1894w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  458. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Sex Story</strong></p>
  459. <p>अगर मेरी पत्नी होती तो उत्तेजना में अपने नितंबों को ऊपर उछालकर मेरे मुँह पर रगड़ देती लेकिन अम्मा शरम से ऐसा नही कर पा रही थी. लेकिन फिर भी हल्का नेचुरल मूवमेंट मैंने महसूस किया. अम्मा की चूत से बहुत कामरस निकल रहा था. और उसकी गंध से मैं पागल हुआ जा रहा था.</p>
  460. <p>अचानक अम्मा ने अपने घुटने उल्टा v शेप में मोड़ लिए और अपने पैरों के पंजों के बल पर अपनी गांड को मेरे मुँह और अंगुलियों पर (जो उसकी चूत के अंदर थी) तीन चार बार उछाला . उसने अपनी चूत को मेरे मुँह पर दबाया . उसको बहुत तेज ओर्गास्म आ गया था. फिर वो झड़ गयी.</p>
  461. <p>“आआआ……ऊऊहह……सोनू, कहीं का नही छोड़ा तूने मुझे.”</p>
  462. <p>झड़ने के बाद अम्मा की चूत से रस बहने लगा और मैंने सब रस चाट लिया. फिर अचानक से उसने अपनी टाँगे मेरी पीठ में लपेट दी और मुझे टाँगों से जकड़ लिया.</p>
  463. <p>उसके मुँह से एक चीख निकली,” हे ….ईए…..… हे ईश्वर …..ये क्या हो गया …”</p>
  464. <p>मुझे उसकी आवाज़ घुटी घुटी लगी. मैंने उसकी चूत से अपना सर ऊपर उठाकर उसके चेहरे की ओर देखा. उसने तकिये को अपने चेहरे पर दबा रखा था. उसका बदन काँपने लगा. और फिर से चूत रस बहाते हुए वो एक बार और झड़ गयी.</p>
  465. <p>फिर वो कोहनियों के बल उठकर बेड में बैठ गयी. मेरा चेहरा उसकी जांघों के बीच दबा हुआ था. लेकिन उसके बैठने से मैं अम्मा की चूत तक नही पहुँच पा रहा था. फिर अम्मा ने कुछ ऐसा किया जिस पर मुझे विश्वास ही नही हुआ.</p>
  466. <p>अम्मा कोहनी के बल पीछे को झुकी, उसने अपनी जांघें फैलाई और अपने नितंबों को थोड़ा उठाकर मेरे मुँह के पास अपनी चूत लगा दी. अपने दूसरे हाथ से उसने मेरा सर अपनी चूत पर दबा दिया. मैंने दोनो हाथों से अम्मा के नितंबों को पकड़ा और चूत से बहते रस को चाट लिया.</p>
  467. <p>फिर मैंने अम्मा के चूतरस से भीगी हुई अंगुली को उसकी गांड के छेद में डाल दिया. अम्मा ने थोड़ा अपने को उठाया और अपनी चूत को मेरे मुँह पर धकेला. मैंने गांड के छेद के अंदर उंगली अंदर बाहर करनी शुरू की.</p>
  468. <p>अम्मा चिल्लाई,”आइईई………ईई…, कुछ बाकी नही रखोगे क्या ?”</p>
  469. <p>फिर उसने थोड़ा और रस बहाया, वो थोड़ा कांपी और फिर शांत पड़ गयी. उसका ओर्गास्म खत्म हो चुका था. वो फिर से बेड पर पीछे को धड़ाम से लेट गयी.</p>
  470. <p>“सोनू मेरे बच्चे, क्यूँ किया तुमने ये ? एक पल ने सारा कुछ बदल दिया.” फिर वो हल्के हल्के सुबकने लगी.</p>
  471. <p>मेरा हाथ अभी भी उसके नितंबों के नीचे दबा था. फिर मैंने अपनी उंगली गांड से बाहर निकल ली. अम्मा की गीली हो गयी जांघों के अंदरूनी हिस्से को मैं चूमने और चाटने लगा. मैं उसके पैरों के बीच से उठा और नीचे जाकर उसके पैर के अंगूठे को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा.</p>
  472. <p>फिर मैं उसके पैरों को चूमते हुए ऊपर को बढ़ा. जब मैं अम्मा के घुटनो के पास पहुँचा तो उसने थोड़ा सा अपनी टाँगे फैला दी. और मैं उसकी जांघों पर हाथ फिराने लगा. फिर मैं और ऊपर को बढ़ा. और अपना मुँह अम्मा की चूत पर रख दिया.</p>
  473. <p>अम्मा फिर थोड़ा हिली और उसने अपनी जांघें थोड़ी फैलाई. मैंने फिर से उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया. अम्मा की साँसे फिर से भारी होने लगी. उसके होठों से सिसकारियाँ निकलने लगी. वो फिर से अपने नितंबों को हल्के से ऊपर को करने लगी.</p>
  474. <p>“मेरी जान मत लो बेटा. सोनू अब बस भी करो.”</p>
  475. <p>मैं ऊपर की ओर बड़ा और अम्मा की साइड में लेट गया. मैंने अपना बायां हाथ अम्मा की गर्दन के नीचे डाला और दाएं हाथ से उनके कंधे को धीरे धीरे सहलाने लगा. फिर मैंने साइड से चूची को चूमा और निपल को होठों में भर लिया.</p>
  476. <p>मेरे चूसने से अम्मा के निपल सख़्त होने लगे. अम्मा के मुँह से हल्की सी ऊओ…ऊवू की आवाज़ निकली लेकिन उन्होने मुझे रोका नही. फिर मैं थोड़ा खिसका और अम्मा का दायां हाथ जो उन्होने अपने पेट पर रखा हुआ था, उसको पकड़कर अपने लंड पर लगाया.</p>
  477. <p>अम्मा ने पहले तो लंड को पकड़ा फिर झटक दिया. अम्मा ने कुछ सेकेंड्स के लिए ही मेरे लंड को पकड़ा, लेकिन जिस आनंद की अनुभूति मुझे हुई उसे मैं शब्दों में बयान नही कर सकता. अम्मा ने अपना चेहरा दूसरी तरफ किया हुआ था और वो चुपचाप थी.</p>
  478. <p>अब मैंने आगे बढ़ने का निश्चय किया और मैं अम्मा के ऊपर आ गया. अम्मा समझ गयी, उसने उठने की कोशिश की लेकिन मैंने उसे टाइट पकड़े रखा और अपने होंठ उसके होठों से मिला दिए. कुछ पल बाद वो शांत हो गयी और उसने अपने होंठ खोल दिए.</p>
  479. <p>उसने मेरा स्वागत किया या समर्पण कर कर दिया, मुझे नहीं मालूम. मैंने उसकी चूचियों को सहलाया, निपल को चूसा, ऐरोला पर जीभ फिराई और उसे चूमा और चाटा. फिर मैंने अपना हाथ नीचे ले जाकर अपने लंड को अम्मा की गीली चूत की दरार पर रगड़ना शुरू किया.</p>
  480. <p>अम्मा ने दोनो हाथ पीछे ले जाकर बेड का हेडबोर्ड पकड़ लिया और चिल्लाई,” सोनू ये मत कर बेटा. मैं हाथ से तुम्हारा कर दूँगी पर बेटा अब इस सीमा को मत लाँघ.”</p>
  481. <p>मैंने अम्मा को ओर्गास्म दिलाया था और अब अम्मा उसके बदले मुझे हस्तमैथुन का प्रस्ताव दे रही थी. इसका मतलब ये था की वो ये महसूस या कबूल कर रही थी की उसे ओर्गास्म आ चुका है तो सोनू को भी ओर्गास्म निकालने की ज़रूरत है. उसका ये प्रस्ताव ही मुझे प्रोत्साहित करने के लिए काफ़ी था. अब मुझे चुनाव करना था, या तो मैं उसका प्रस्ताव स्वीकार कर लूँ या फिर अम्मा मेरी इच्छा के आगे समर्पण कर दे.</p>
  482. <p>मुझे जवाब ना देते देखकर अम्मा बोली,” सोनू बहुत पछताओगे बेटा, बाद में. मान जाओ.”</p>
  483. <p>मैंने अम्मा के होठों को चूमा और बोला,” अगर ऐसे ही करना है तो मुँह से कर दीजिए.”</p>
  484. <p>अम्मा ने कहा,”नहीं, लाओ हाथ से कर दूं.” और फिर अपना हाथ नीचे ले जाकर मेरे लंड को पकड़ लिया. मैंने थोड़ी सी जगह दी और अम्मा ने हाथ से मूठ मारनी शुरू कर दी. मैंने महसूस किया की अम्मा अनमने ढंग से हस्तमैथुन नही कर रही थी बल्कि वास्तव में वो मेरे लंड को सहला रही थी और सहलाते हुए सिसकियाँ ले रही थी.</p>
  485. <p>इससे मैं और भी उत्तेजित हो गया. मैंने थोड़ी देर तक अम्मा को ऐसे ही करने दिया. मैं उसकी चूचियों को मुँह में भरकर चूसने लगा और उसकी चूत में उंगली डालकर तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा. अम्मा सिसकारियाँ ले रही थी, उसके मुँह से निकलती उन सिसकारियों से मैं उत्तेजना से पागल हो गया. मैंने उसकी कलाई पकड़ी और अपने लंड से उसका हाथ हटा दिया और फिर से उसके ऊपर आ गया.</p>
  486. <p>अम्मा बोली, “तुम नही मानोगे?”</p>
  487. <p>लेकिन उसके बोलने की टोन से मुझे लगा की असलियत में वो चाहती है की मैं आगे बढूं, क्या उसका विरोध दिखावे के लिए ही था और वो चाहती थी की मैं आगे बढूं या फिर मैंने ग़लत समझा ? जो भी हो. मुझे मालूम था यही सही समय है.</p>
  488. <p>मैंने अपने घुटनो से अम्मा की टाँगे फैला दी और उसकी जांघों के नीचे अपने घुटने रख दिए. इसे उसकी जांघें मेरी जांघों के ऊपर आ गयी. मैंने अपने लंड को अम्मा की चूत की दरार की पूरी लंबाई में ऊपर से नीचे तक रगड़ना शुरू किया. अम्मा की आँखे बंद थी और साँसे इतनी भारी थी की उसकी चूचियां ज़ोर ज़ोर से हिल रही थी. मैं अब रुक नही सका.</p>
  489. <p>अम्मा की चूत के फूले हुए होठों को अलग करते हुए लंड को मैंने चूत के छेद पर लगा दिया. उसकी चूत की गर्मी से ऐसा लग रहा था जैसे मैंने किसी स्टोव में लंड को रख दिया है. जैसे ही मैंने अंदर घुसाने को धक्का दिया, अम्मा ने झटके से ऊपर को खिसकने की कोशिश की, होनी को टालने का ये उसका अंतिम प्रयास था.</p>
  490. <p>“सोनूऊ….नहीं……रुक जाओ बेटा. मान जाओ…..ना…नहीं……आआहह…..आअहह….ऊऊऊ…उउउफ़फ्फ़ माँ..”</p>
  491. <p>एक धक्के से मैंने समाज के सबसे पवित्र माने जाने वाले बंधन को तोड़ दिया. आधी लम्बाई तक लंड अंदर जा चुका था. मैं रुका और लंड को वापस बाहर खींचा और फिर एक झटके में जड़ तक अंदर घुसा दिया.</p>
  492. <p>अम्मा सिसकी,”ऊऊऊहह..……मा.”</p>
  493. <p>मैं कुछ पल के लिए रुका. अपनी आँखे बंद की और आनंद की उस भावना को महसूस किया. अम्मा की गहरी और गरम चूत की दीवारों ने मेरे लंड को जकड़ रखा था. चूत के अंदर बहुत मुलायम महसूस हो रहा था. फिर मैंने आँखे खोलकर अम्मा को देखा. बड़ा मनमोहक दृश्य था.</p>
  494. <p>उसकी जांघें फैली हुई थी, टाँगे मुड़ी हुई थी. और उसके छोटी छोटी साँसे लेने से उसकी छाती और पेट हिल रहे थे. उसने अपनी बाँहे ऊपर उठा रखी थी और हाथों से बेड का हेडबोर्ड पकड़ रखा था. जिससे उसकी चूचियां ऊपर को उठी हुई थी.</p>
  495. <p>उसके बड़े निपल ऊपर को तने हुए आमंत्रण दे रहे थे. बेड लैंप की हल्की रोशनी में उसका पूरा गोरा नग्न बदन चमक रहा था. मैं थोड़ा आगे को झुका, उसकी जांघों को थोड़ा और ऊपर उठाया और अम्मा के दोनो तरफ अपने हाथ रख दिए.</p>
  496. <p>फिर थोड़ा और नीचे सर झुकाकर मैंने अम्मा की नाभि को चूमा. फिर धीमे लेकिन लंबे स्ट्रोक लगाकर अम्मा की चुदाई करने लगा. मैंने नीचे देखा, जहाँ पर हमारे जिस्म एक में मिल रहे थे, मेरा लंड चूत के रस से पूरा भीगा हुआ था. मैं लंड को पूरा बाहर निकालकर फिर तेज झटके से अंदर घुसाकर धक्के मारने लगा. अम्मा का पूरा बदन मेरे धक्कों से हिलने लगा. वो ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी.</p>
  497. <p>“हे माँ, उफ़फ्फ़ तुम कितने निर्दयी हो.”</p>
  498. <p>मुझे मालूम था ऐसे तेज तेज करने से मैं ज़्यादा देर तक नही ठहर पाऊँगा. इसलिए मैं अम्मा के बदन पर लेट गया और फिर धीमे लेकिन गहरे धक्के लगाने लगा. मैंने उसकी चूचियों को मुँह मे भर लिया और चूसने लगा. मेरे चूसने और काटने से चूचियां लाल हो गयी.</p>
  499. <p>मैंने अपना चेहरा ऊपर बढ़ा के अम्मा के होठों को चूमा. अम्मा अब कोई विरोध नही कर रही थी, विरोध का दिखावा भी नही. जैसे ही मेरे होठों ने उसके होठों को छुआ उसने मेरी जीभ का स्वागत करने के लिए अपने होंठ खोल दिए. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.</p>
  500. <p>अब मैं सहारे के लिए अम्मा के कंधों को पकड़कर चुदाई करने लगा. हर धक्के के साथ कुछ अजीब सी फीलिंग आ रही थी. मैंने कभी खुद को इतना उत्तेजित और इतना आनंदित नही महसूस किया था. अब इस पोज़िशन मे मैं तेज तेज शॉट नही लगा पा रहा था.</p>
  501. <p>और जड़ तक लंड नही घुस पा रहा था क्यूंकी मैं आगे को झुका हुआ था. तभी अचानक अम्मा ने अपनी जांघें ऊपर की ओर फैला दी, जिससे मेरे लिए ज़्यादा जगह बन गयी और उसकी चूत के ऊपर उठने से मेरा लंड अब जड़ तह गहरा घुसने लगा.</p>
  502. <p>इससे हमारे बीच की रही सही शरम भी ख़त्म हो गयी, मुझे मालूम चल गया था की अम्मा भी अच्छे से चुदाई चाह रही है. मैंने दुगने उत्साह से धक्के लगाने शुरू कर दिए. मैंने अपना सर उठाया और धीरे से कहा,” आई लव यू अम्मा.”</p>
  503. <p>अम्मा ने एक सिसकारी लेकर उसका जवाब दिया. मेरे हर धक्के से उसके मुँह से ऊवू……आआअहह…की आवाज़ें निकल रही थी. हर धक्के के साथ उसके बदन से मेरे बदन के टकराने से ठप ठप ठप की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी. अम्मा के मुँह से निकलती ऊओ…आअहह….उफ़फ्फ़ माँ …की आवाज़ों का संगीत मुझे और भी उत्तेजित कर दे रहा था.</p>
  504. <p>अम्मा भी अब कामोन्माद में थी. उसकी जीभ उसके मुँह में घूम रही थी. अम्मा ने मेरा निचला होंठ अपने मुँह में दबा लिया और उसे चूसने लगी. उसके दांतो के अपने होंठ पर गड़ने से मुझे पता चल गया की अम्मा अपने दूसरे ओर्गास्म के करीब है.</p>
  505. <p>अपनी धार्मिक माँ को कामोन्माद में इतना उत्तेजित देखना मेरे लिए हैरान करने वाला था. मैंने उसके बदन के निचले भाग के हल्के हल्के मूवमेंट को महसूस किया. और अपने धक्कों को उस के हिसाब से एडजस्ट कर दिया. ऐसा करने से अम्मा बहुत उत्तेजित हो गयी. उसने बेड का हेडबोर्ड छोड़ दिया और अपनी बाँहे मेरी पीठ पर लपेट ली.</p>
  506. <p>अब वो मुझे बेतहाशा चूमने लगी और मेरे हर धक्के का जवाब अपने नितंबों को ऊपर उछालकर देने लगी. जब मैं ऊपर को आ रहा होता था तो वो नीचे पड़ी रहती थी लेकिन जब मैं नीचे को जाता था तो वो अपने नितंब उठाकर पूरा मेरे लंड को अपने अंदर ले लेती थी. फिर उसका बदन अकड़ने लगा. मैं समझ गया अब अम्मा को ओर्गास्म आने वाला है.</p>
  507. <p>फिर अम्मा ने अपने हाथों से मेरे नितंबों को पकड़ लिया उसके नाख़ून मेरे माँस में गड़ रहे थे. वो मेरे नितंबों को पकड़कर अपनी चूत पर ज़ोर ज़ोर से पटककर धक्के देने लगी. अब वो मेरे पर भारी पड़ने लगी थी.</p>
  508. <p>उसने मजबूती से अपने पैर बेड पर रखे हुए थे और मेरे नितंबों तो कसके पकड़कर वो नीचे से इतनी तेज धक्के मार रही थी की मुझे उसका साथ देने में मुश्किल होने लगी. मेरे नितंबों पर गडते उसके नाख़ून दर्द करने लगे थे. अपने ओर्गरस्म के आने से पहले अम्मा कामोन्माद से बहुत ही उत्तेजित हो गयी थी.</p>
  509. <p>फिर वो चीखी,” ओह सोनूउऊउउ…सम्भालो हमको…आआअररररज्ग्घह……”</p>
  510. <p>वो झड़ने लगी, मैं भी झड़ने ही वाला था. मैंने बेरहमी से अम्मा की चूचियां मसल डाली, उसके कंधों पर दाँत गड़ा दिए. और पूरी तेज़ी से धक्के मारने लगा.</p>
  511. <p>अम्मा चीखी,”ऊूउउ…उफ़फ्फ़…मेरी जान ही ले लोगे क्या ..”</p>
  512. <p>फिर अम्मा ने अपनी कमर उठाकर टेढ़ी कर दी और एक चीख उसके मुँह से निकली,”आऐईयईई…….ईईईईईए….मा…”</p>
  513. <p>उसकी तेज चीख से मैं घबरा गया, कोई सुन ना ले. मैंने उसका मुँह अपने मुँह से बंद कर दिया. अम्मा ने अपनी जाँघो को मेरे नितंबों पर लपेट कर मुझे जकड़ लिया. तभी मेरा वीर्य निकल गया. मैं धक्के लगाते रहा और अम्मा की चूत को अपने वीर्य से भर दिया.</p>
  514. <p>अम्मा का बदन काँपने लगा. फिर वो शांत पड़ गयी और झड़ने के बाद मैं भी शांत होकर उसके ऊपर ही लेट गया. मेरा लंड अभी भी अम्मा की चूत के अंदर था. अम्मा अपना मुँह मेरी गर्दन के पास लाई और हल्के से मेरी गर्दन चूमने लगी. अपने हाथ से वो मेरे नितंबों को सहलाने लगी.</p>
  515. <p>वो देर तक मेरे कंधे, मेरी पीठ को सहलाती रही. मैं उसके ऊपर पड़े हुए ही सोने लगा. उसके सहलाने से मेरी आँखे बंद होने लगी. तभी वो हिली और अपने दायीं तरफ खिसकने लगी. मैं उसके ऊपर से उठकर उसके बगल में लेट गया. मैंने अम्मा को देखा, वो मुझको ही देख रही थी. आँसू भरी आँखो से सीधे उसने मेरी आँखो में झाँका. उसने मुझे अपनी तरफ खींचा और अपनी बड़ी छाती में मेरा चेहरा छुपा लिया.</p>
  516. <p>“कैसे हो गया ये सब बेटा? तूने तो मार ही डाला मुझे सोनू. अब क्या होगा ?”</p>
  517. <p>अपनी इच्छा पूरी हो जाने के बाद अब वास्तविकता से सामना था. अम्मा की बात का मेरे पास कोई जवाब नही था. मैं भी उतना ही कन्फ्यूज़ और चिंतित था. बात को जारी रखने की मेरी हिम्मत नही थी. इसलिए मैंने अपनी बाँहो को अम्मा के बदन में लपेटा.</p>
  518. <p>उसकी चूचियों के बीच की घाटी को चूमा. और अम्मा की छाती में चेहरा छुपा के किसी बच्चे की तरह सुरक्षित महसूस करते हुए सो गया. सुबह जल्दी मेरी नींद खुल गयी, बाहर अभी उजाला नही हुआ था. मैं बेड में लेटे हुए ही रात में हुई घटना के बारे में सोचने लगा.</p>
  519. <p>लेकिन मैं कुछ भी ठीक से नही सोच पा रहा था, दिमाग़ में कई तरह के विचार आ रहे थे. मुझे बहुत अपराधबोध हो रहा था लेकिन इस बात से भी मैं इनकार नही कर सकता था की जिस आनंद की मुझे अनुभूति हुई थी वैसी पहले कभी नही हुई.</p>
  520. <p>मैंने खुद से स्वीकार किया की अम्मा का इस घटना में कोई हाथ नही है, ये सब मेरी वजह से ही हुआ है. मेरी ही वजह से अम्मा इस पाप की भागीदार बनी, जिसके बारे में हमारे समाज में सोचा भी नही जा सकता. यही सब सोचते हुए मुझे फिर से नींद आ गयी.</p>
  521. <p>सुबह बेड के हिलने से मेरी नींद खुली. मैं खिड़की की तरफ मुँह करके सोया हुआ था और अम्मा की तरफ मेरी पीठ थी. अम्मा के हिलने डुलने से मुझे लगा की वो बेड से उठ रही है. माँ ने बेड साइड लैंप ऑन किया. मैंने सामने दीवार पर लगे मिरर में देखा अम्मा बेड में पीछे टेक लगाकर बैठी है और उसने अपना चेहरा हाथों से ढका है.</p>
  522. <p>फिर वो सुबकने लगी और उसकी आँखो से आँसू बहने लगे. बीच बीच में वो, हे प्रभु ! हे ईश्वर ! भी जप रही थी. मुझे बहुत बुरा लगा. क्या करूँ समझ नही आया इसलिए मैं चुपचाप वैसे ही लेटे रहा. मैंने फिर से मिरर में देखा तो, मेरे अंदर का जानवर फिर से सर उठाने लगा.</p>
  523. <p><a href="https://rentadolls.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-180 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Chut-Chudai-ki-Kahani-1024x561.png" alt="Chut Chudai ki Kahani" width="640" height="351" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Chut-Chudai-ki-Kahani-1024x561.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Chut-Chudai-ki-Kahani-300x164.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Chut-Chudai-ki-Kahani-768x421.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Chut-Chudai-ki-Kahani-1536x842.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Chut-Chudai-ki-Kahani-850x466.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Chut-Chudai-ki-Kahani.png 1868w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  524. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Sex Story</strong></p>
  525. <p>मिरर में माँ की बड़ी छाती दिख रही थी. कुछ घंटे पहले रात में इन चूचियों को मैंने खूब चूसा था पर अभी नज़ारा कुछ और ही था. जब माँ ने अपने हाथों से चेहरा ढका था तो मिरर में कुछ दिख नही पा रहा था पर जब उसने अपनी आँखे पोछी और हाथ नीचे कर दिए तो अम्मा की गदराई हुई छाती मुझे दिखने लगी.</p>
  526. <p>मुझे इस बात पे हैरानी हुई की माँ की चूचियां ज़्यादा ढली हुई नही थी. वो बड़ी बड़ी और गोल थी और उन्होने अपना आकार बरकरार रखा था. माँ ने अपना सर पीछे को किया हुआ था और उसके गहरी साँसे लेने से उसकी चूचियां हल्के से हिल रही थी. उसके कंधे, उसकी उठी हुई ठोड़ी, सब कुछ एकदम परफेक्ट था.</p>
  527. <p>फिर वो सीधी होकर बैठ गयी और हाथ पीछे ले जाकर अपने बाल बाँधने लगी. उसने एक नज़र मेरी तरफ देखा. क्या मैंने उसे मुस्कुराते हुए देखा ? हाँ, वो मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी. फिर मैंने उसका हाथ अपने सर पे महसूस किया. उसने प्यार से मेरा सर सहलाया फिर मेरे गाल को सहलाया.</p>
  528. <p>“ये तूने क्या कर डाला मेरे बच्चे “, अम्मा बोली.</p>
  529. <p>मैंने मिरर में देखा अम्मा मेरे ऊपर झुक रही है. मैंने सोए हुए का नाटक करते हुए आँखे बंद कर ली. मैंने अम्मा की गरम साँसे अपनी गर्दन पर महसूस की. अम्मा ने अपने होंठ मेरी बाई कनपटी पर रख दिए और कुछ देर तक ऐसे ही वो अपने हाथ से मेरा सर सहलाती रही.</p>
  530. <p>फिर उसने अपने होंठ हटाए और वो बेड से उठने लगी. मैंने अपनी आँखे खोली और मिरर में देखा लेकिन तब तक वो बेड से उठ चुकी थी. मैंने कान लगाकर सुनने की कोशिश की, बाथरूम का दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आई. अम्मा बाथरूम में चली गयी है समझकर मैं जैसे ही सीधा लेटने को हुआ वो अचानक मिरर में मुझे दिख गयी.</p>
  531. <p>मैंने जल्दी से आँखे बंद कर ली. फिर थोड़ी सी खोलकर देखा. अम्मा घूमकर मेरी बेड की साइड में आई और फर्श से अपनी नाइटी उठाने लगी, जो मैंने रात में उतार कर फेंक दी थी. नाइटी को अपनी छाती से लगाकर वो सामने मिरर में अपने नंगे बदन को देखने लगी, उसकी पीठ मेरी तरफ थी.</p>
  532. <p>वो दृश्य पागल कर देने वाला था. माँ अपनी पूरी नग्नता के साथ मिरर के सामने खड़ी थी. उसने अपनी नाइटी बेड में रख दी और अपने को देखा. वो थोड़ी साइड में घूमी और अपने को मिरर में देखने लगी. ऐसा ही उसने दूसरी तरफ घूमकर किया.</p>
  533. <p>फिर उसने अपनी चूचियों के नीचे हाथ रखे और उन्हे थोड़ा ऊपर उठाया, फिर थोड़ा हिलाया. चादर के अंदर ही मेरा पानी निकलने को हो गया. वो थोड़ी देर तक अपने को ऐसे ही मिरर में निहारती रही. शायद वो गर्व महसूस कर रही होगी की अभी भी उसका बदन ऐसा है की वो उसका जवान बेटा भी उस पर लटटू हो गया.</p>
  534. <p>फिर वो थोड़ा पीछे हटी, मिरर में अपना पूरा बदन देखने के लिए. अब वो मेरे बिल्कुल करीब थी. उसके बदन से उठती खुशबू को मैंने महसूस किया. उसके पसीने और चूतरस की मिली जुली खुशबू से मैं मदहोश हो गया. कमरे में आती हुई सूरज की रोशनी मे उसका नंगा बदन चमक रहा था.</p>
  535. <p>कुछ समय के लिए मैं दुनिया को भूलकर अपनी देवी जैसी माँ को देखते रहा. उसकी टांगों और जांघों का पिछला भाग जो मेरी आँखों के सामने था, बिल्कुल गोरा और मांसल था. कमर से नीचे को उसके विशाल नितंब फैले हुए थे जो माँ के हिलने के साथ ही हिल डुल रहे थे.</p>
  536. <p>उसकी चूत के बड़े फूले हुए होठों से उसकी गुलाबी क्लिट ढक सी गयी थी. ज्यादातर गोरी औरतों की चूत भी काले रंग की होती है लेकिन उसकी गोरी थी. नाभि के नीचे वो उभरा हुआ भाग बड़ा ही मादक दिख रहा था. मुझे लगा मेरी प्यारी अम्मा रति का अवतार है. एक आदमी को जो चाहिए वो सब उसमे था. लंबी टाँगे, अच्छा आकार लिए हुए चूचियां, बाहर को निकले हुए विशाल नितंब और नाभि के नीचे उभरा हुआ वो भाग.</p>
  537. <p>मैं अम्मा को देखने में डूबा हुआ था तभी अम्मा झुकी और बेड से अपनी नाइटी उठाने लगी. उसके झुकने से उसके नितंबों के बीच की दरार से मुझे उसकी चूत दिखी. अब मेरा लंड पूरा मस्त हो चुका था. मेरा मूड हुआ की मैं वहीं पर ही अम्मा को चोद दूं. लेकिन इससे पहले की मैं उठ पाता अम्मा ने नाइटी अपने बदन पर डाल ली और वहाँ से चली गयी.</p>
  538. <p>फिर बाथरूम का दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आई. मैंने बाथरूम से पानी गिरने की आवाज़ का इंतज़ार किया. फिर मैं उठ गया और टीशर्ट और शॉर्ट पहन लिया. कमरे में अकेला होने के बाद फिर से मेरे दिमाग़ में उथल पुथल होने लगी. मेरी इच्छाओं और नैतिकता के बीच द्वन्द्ध होने लगा.</p>
  539. <p>फिर मैंने सोचना छोड़कर दरवाज़ा खोला और बास्केट में से सुबह का अख़बार निकाल लिया. फिर नाश्ते का ऑर्डर देकर में अख़बार पढ़ने लगा. मौसम के बारे में लिखा था की उत्तर भारत में शीतलहर जारी है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से मुझे कोई खुशी नही हुई.</p>
  540. <p>एक रात पहले जो मुझे मौसम खराब होने पर होटेल में रुकने की खुशी थी, वैसा अब महसूस नही हो रहा था, पता नही क्यूँ. तब मुझे एहसास हुआ की कल रात माँ के साथ जबरदस्त चुदाई के बाद अब मेरे और उनके बीच एक चुप्पी सी छा गयी है, जिसे मैं बर्दाश्त नही कर पा रहा था और मैं इसे खत्म करना चाहता था.</p>
  541. <p>तभी बाथरूम का दरवाज़ा खुला और माँ सिर्फ़ ब्रा और पेटीकोट पहने हुए बाहर आई. मेरी तरफ देखे बिना वो सूटकेस मे से अपनी साड़ी निकालने लगी. वो थोड़ी देर खड़ी रही फिर उसने कुर्ता और पैजामा निकाल लिया. वो कभी कभार ही कुर्ता पैजामा पहनती थी.</p>
  542. <p>माँ की तरफ सीधे देखने की मेरी हिम्मत नही हुई इसलिए मैं आँखों के कोने से उसे देखता रहा. फिर मुझसे और टेंशन बर्दाश्त नही हुआ और मैं उठा और बाथरूम चला गया. बाथरूम में आकर मैंने देखा मेरा लंड मुरझा चुका है. अब मुझे उत्तेजना भी महसूस नही हो रही थी.</p>
  543. <p>मुझे कुछ समझ नही आ रहा था. तभी मैंने अम्मा को कुछ मैगज़ीन्स और अख़बार का ऑर्डर देते हुए सुना. अम्मा को थोड़ी बहुत अँग्रेज़ी ही आती थी. फिर मैं नहाने लगा. ठंडा पानी जब मेरे बदन पर पड़ा तो काँपते हुए मेरे दिमाग़ की उथल पुथल गायब हो गयी. फिर टीशर्ट और शॉर्ट पहनकर मैं रूम में आ गया.</p>
  544. <p>नाश्ता आ चुका था और अम्मा चाय डाल रही थी. मैंने रूम सर्विस को लांड्री के लिए कहा और खिड़की से बाहर झाँकने लगा. हमारे रूम के सामने नीचे स्विमिंग पूल था, मैं बच्चों को तैरते हुए देखने लगा. अम्मा ने नाश्ते के लिए बुलाया तो मैं उनके सामने बैठ गया.</p>
  545. <p>मैंने सीधे अम्मा की आँखो में देखा. उन्होने नज़रें घुमा ली और सैंडविच की प्लेट मेरी तरफ सरका दी. मैंने सैंडविच उठा लिया और खाने लगा. जब भी मैं अम्मा की ओर देखता की वो क्या सोच रही है तो वो अपनी नज़रें घुमा लेती.</p>
  546. <p>लेकिन मुझे ऐसा लग रहा था की जब मैं उसको नही देख रहा होता था तो वो मुझे देख रही होती थी. नाश्ता भी ख़तम हो गया और हमारे बीच टेंशन बना रहा. कोई कुछ नही बोला. नाश्ता खत्म होते ही, लांड्री के लिए वेटर आ गया. मैंने उसको कपड़ों का बैग दिया और अम्मा से पूछा,” अम्मा आपको कुछ और देना है लांड्री के लिए ?”</p>
  547. <p>अम्मा ने सिर्फ़ ‘नही’ कहा. फिर जैसे ही वेटर जाने को मुड़ा तो उन्होने सूटकेस से 2 नाइटी निकालकर लांड्री बैग में डाल दी.</p>
  548. <p>उसके जाते ही रूम साफ करने के लिए आया आ गयी. मैं बैठे हुए सोचने लगा, अब क्या किया जाए. रूम की सफाई करने के बाद आया ने ट्राली मे से 2 साफ चादर निकाली और बेड से पुरानी चादरें हटा दी. मैं आया को ऐसे ही देख रहा था तभी उसने पुरानी चादर को अपनी नाक पर लगाकर सूँघा.</p>
  549. <p>उसमे एक बड़ा सा दाग लगा हुआ था. मुझे इतनी शरम आई की मैंने मुँह फेर लिया और नीचे स्विमिंग पूल को देखने लगा. तभी आया अम्मा से कन्नड़ में कुछ बोलने लगी. मैं मुड़कर उसे देखने लगा, तभी वो टूटी फूटी हिन्दी मे धीमे से अम्मा से बोली,” भगवान अयप्पा के आशीर्वाद से आपको ऐसी बहुत सी रातें बिताने को मिले.”</p>
  550. <p>फिर ऐसा कहते हुए आया ने अम्मा को वो चादर पर लगा धब्बा दिखाया. अम्मा डर गयी. उसने सोचा रात मे जो हुआ, वो सब आया समझ गयी है. उसने जल्दी से 500 का नोट निकाला और आया के हाथ में थमा दिया. ताकि आया खुश हो जाए और अपना मुँह बंद रखे और अपने साथ काम करने वालों को कुछ ना बताए.</p>
  551. <p>आया ने खुश होकर वो नोट अपने माथे से लगाया और बोली,” भगवान तुम दोनो को खुश रखे.” और फिर वो चली गयी.</p>
  552. <p>उसके जाते ही अम्मा ने मुझे देखा, शरम से उसका पूरा चेहरा सुर्ख लाल हो गया था. मैं दौड़कर उसके पास गया और कंधों से उसे पकड़ लिया. अम्मा ने मेरी आँखों में देखा और अपनी नज़रें फर्श की तरफ झुका ली.</p>
  553. <p>मैंने अपने आलिंगन में अम्मा को कस लिया और वो सुबकने लगी. मैं कुछ भी नही बोल पाया और उसे अपने से चिपकाए रखा. फिर मैं उसे बेड के पास ले गया और बेड पर बिठा दिया. और उसकी पीठ बेड के हेडबोर्ड पर टिका दी. खुद उसके सामने बैठ गया.</p>
  554. <p>“तुमने मेरे साथ ऐसा क्यूँ किया ? क्या तुम्हारे मन में लंबे समय से मेरे लिए वासना थी या फिर मेरे व्यवहार में ऐसा कुछ था जिससे ये घटना हुई ?”</p>
  555. <p>मैं सीधे अम्मा की आँखो में नही देख पाया. मैं दूसरी तरफ देखता रहा.</p>
  556. <p>अम्मा ने मेरे कंधे पकड़कर मुझे अपनी तरफ घुमाया,” बताओ बेटा. कल रात जो हुआ उसके बारे में बहुत सी बातें करनी है, जाननी है.”</p>
  557. <p>मुझे चुप देखकर अम्मा ने मुझे ज़ोर से झिझोड़ दिया,” मुझसे बात करो बेटा. मैं बर्बाद हो गयी हूँ. हम दोनो ही इस घटना से प्रभावित हुए है.”</p>
  558. <p>“अम्मा, मैंने कभी आपको ऐसी नज़र से नही देखा. लेकिन जब आप बाथरूम में थी और आपने मुझसे नाइटी माँगी थी, जिस दिन हम बंगलोर आए थे…….” और फिर मैंने पूरी बात अम्मा को बता दी की कैसे कैसे मेरी काम इच्छा बढ़ती चली गयी.</p>
  559. <p>पूरी बात सुनकर वो अपने को दोष देने लगी और रोने लगी.</p>
  560. <p>मैंने कहा,” अम्मा ये बात सही है की उस दिन बाथरूम में आपको देखकर ही ये भावना मेरे अंदर आई. लेकिन जो कुछ हुआ उसके लिए आप अपने को दोषी क्यूँ ठहरा रही हैं. आपने तो होनी को टालने की पूरी कोशिश की थी लेकिन आप भी इंसान हैं और शारीरिक इच्छाओं के आगे आपने समर्पण कर दिया.”</p>
  561. <p>एक गहरी साँस लेकर वो बोली,” सोनू, सिर्फ़ एक पल की कमज़ोरी से मेरा सब कुछ छिन गया. हे ईश्वर! मैंने ऐसा होने कैसे दिया.”</p>
  562. <p>फिर सुबकते हुए वो कहने लगी, ”अपने ही बेटे की नज़रों में मैं अपना रुतबा खो चुकी हूँ. मैं अब वो माँ नही रही जो तुम्हारे लिए पूजनीय थी जिसकी तुम इज़्ज़त करते थे. आज से मैं तुम्हारी नज़रों मे ऐसी चरित्रहीन औरत हूँ जो इस उमर में भी अपनी टाँगे फैला देती है.”</p>
  563. <p>“अम्मा प्लीज़, ऐसा ना कहो. मैं अब आपको और भी ज़्यादा प्यार करता हूँ. आप ये बात समझ लो की बिना इज़्ज़त के प्यार नही हो सकता. आप मेरे लिए वो देवी हो जिसके चरणों में मेरा सब कुछ अर्पित है. प्यार, इज़्ज़त और ज़रूरत पड़ी तो मेरी जिंदगी भी. मैंने कभी अपनी माँ के साथ संभोग के लिए नही सोचा था लेकिन फिर भी ये हो गया. ये हमारे भाग्य में था. या तो हमें इसे स्वीकार कर लेना चाहिए या फिर रोते चिल्लाते रहें, कोसते रहें लेकिन भाग्य में जो होगा वो होकर रहेगा.”</p>
  564. <p>मेरी बात सुनकर अम्मा ने रोना बंद कर दिया और आश्चर्य से बोली,” क्या तुम मुझे ये समझाना चाहते हो की जो कुछ हुआ वो सही था और हमें इस पाप को करते रहना चाहिए ? अपनी काम इच्छाओं को सही ठहराने के लिए भाग्य का बहाना बनाना चाहिए ?”</p>
  565. <p>“अम्मा क्या सही है क्या ग़लत, इसका फ़ैसला मैं या आप नही कर सकते हैं. ये बस यूँ ही हो गया और मुझे इसका कोई अफ़सोस या दुख नही है. आप अपने को देखिए, आपने विरोध करने की कोशिश की थी लेकिन कही गहराई में आपके अंदर कुछ था जिसने आपके विरोध को कमज़ोर कर दिया और उसके बाद आपने भी यौनसुख का भरपूर आनंद लिया. अम्मा आप चाहे माने या ना माने लेकिन आपके अंदर भी कुछ ख़ालीपन या शून्य था जिसके बारे में आप खुद अंजान थीं.”</p>
  566. <p>“अम्मा मेरी आँखो में देखिए और मुझसे कहिये की जो कुछ हुआ उसके बाद आप मुझसे घृणा करती हैं और आप इसे जारी नही रखना चाहती हैं. मेरी सौगंध लीजिए अम्मा, उसके बाद मैं कभी आपको परेशान नही करूँगा. मेरे हृद्य मे आप मेरी काम की देवी की तरह रहेंगी लेकिन मैं आपसे फिर कभी संभोग के लिए नही कहूँगा. बताइए मुझे अम्मा.” मेरी आँखो से आँसू बहने लगे.</p>
  567. <p><a href="https://elizadarling.biz/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-158 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.47.42-AM-1024x561.png" alt="chut chudai ki kahani" width="640" height="351" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.47.42-AM-1024x561.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.47.42-AM-300x164.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.47.42-AM-768x421.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.47.42-AM-1536x842.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.47.42-AM-850x466.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.47.42-AM.png 1868w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  568. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Sex Story</strong></p>
  569. <p>अम्मा ने अपनी बड़ी बड़ी आँखो से मुझे देखा और बड़बड़ाई,” हे ईश्वर !” वो मुझे ऐसे ही देखती रही जैसे मुझे नही बल्कि मेरे अंदर मेरी आत्मा में कुछ देख रही हो. फिर मैं अम्मा के नज़दीक़ बैठ गया, अम्मा ने थोड़ा खिसककर मुझे जगह दी.</p>
  570. <p>मैंने अपनी बाँह अम्मा से लपेटकर उन्हे अपनी ओर खींचा. अम्मा ने मेरे कंधे पर अपना सर रख दिया और मेरी छाती पर अपनी बाँह लपेटकर मुझे पकड़ लिया. मैंने अम्मा के चेहरे को सहलाया तो उनके मुँह से एक सिसकारी निकली और मेरे बदन में अपना चेहरा छुपा लिया.अम्मा को अपने से लगाए हुए मैं बैठा रहा. उस समय कुछ ऐसी फीलिंग थी जैसा पहले कभी महसूस नही हुआ था. वो वासना नही थी, प्यार भी नही था, एक अजीब सी भावना थी, क्या था मुझे भी नही पता. अब मेरे अंदर कोई अपराधबोध या इच्छाओं के बीच संघर्ष नही रह गया था.</p>
  571. <p>सब साफ हो चुका था की मुझे अम्मा की पूजा और उनसे प्यार करने की अपनी दैवीय ज़िम्मेदारी को निभाना है. अम्मा और मेरे शारीरिक संबंध के बावजूद, अम्मा का रुतबा और उनके लिए इज़्ज़त पहले जैसी ही रही. अम्मा को ऐसे पकड़े रहने और उनकी चूचियों के मेरे बदन से दबने से मुझे उत्तेजना आ रही थी, लेकिन उसके माँ होने की भावना भी मेरे मन में आ रही थी. किसी भी औरत के साथ मैं इस अवस्था में होता तो उत्तेजना की भावना तो आती लेकिन वो एमोशनल फीलिंग नही आती जो अम्मा के साथ आ रही थी.</p>
  572. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><strong>Bangalore Escorts</strong></a></p>
  573. <p><strong><a href="https://www.angelsharma.in/" target="_blank" rel="noopener">Delhi Escorts</a></strong></p>
  574. <p><a href="https://www.angelsharma.in/mahipalpur-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Mahipalpur Escorts</strong></a></p>
  575. <p><a href="https://www.angelsharma.in/aerocity-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Aerocity Escorts</strong></a></p>
  576. ]]></content:encoded>
  577. </item>
  578. <item>
  579. <title>माँ ने गुस्से में गांड और चूत चुदाई- Maa Ki Chudai Kahani</title>
  580. <link>https://jawanitales.com/maa-ki-chudai-kahani/</link>
  581. <dc:creator><![CDATA[Jawani Tales]]></dc:creator>
  582. <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 11:04:32 +0000</pubDate>
  583. <category><![CDATA[Antarvasna Sex Stories]]></category>
  584. <category><![CDATA[Desi Sex Story]]></category>
  585. <category><![CDATA[Hindi Sex Story]]></category>
  586. <category><![CDATA[Mother Son Sex]]></category>
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  588.  
  589. <description><![CDATA[Maa Ki Chudai Kahani &#8211; मेरा नाम सोनू है। मैं कॉलेज में अन्तिम वर्ष में पढ़ता हूँ। मेरी उम्र 24 है। मैं बीच की छुट्टियों में मेरे गाँव गया। गाँव में हमारा बड़ा घर है। वहाँ मेरी माँ और पापा रहते हैं। मेरे पापा एक बिल्डर हैं, और माँ एक गृहिणी। हम बहुत अमीर घराने...]]></description>
  590. <content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://jawanitales.com/maa-ki-chudai-kahani/"><strong>Maa Ki Chudai Kahani</strong></a> <strong>&#8211;</strong> मेरा नाम सोनू है। मैं कॉलेज में अन्तिम वर्ष में पढ़ता हूँ। मेरी उम्र 24 है। मैं बीच की छुट्टियों में मेरे गाँव गया। गाँव में हमारा बड़ा घर है। वहाँ मेरी माँ और पापा रहते हैं। मेरे पापा एक बिल्डर हैं, और माँ एक गृहिणी। हम बहुत अमीर घराने से हैं। हमारे घर में नौकर-चाकर बहुत हैं।</p>
  591. <p>मैं मेरे गाँव गया। दोपहर में मेरे घर पहुँचा। खाना हुआ और थोड़ी देर सोया। शाम को माँ के साथ थोड़ी बातें कीं और गाँव घूमने चला गया। रात क़रीब मैं 8 बजे घर आया। माँ का मूड ठीक नहीं था। मैंने माँ को पूछा- माँ, पापा कहाँ हैं?</p>
  592. <p>माँ ने कुछ जवाब नहीं दिया। मेरी माँ बहुत गुस्से वाली है। वह जब गुस्से में होती है तब वह गन्दी गालियाँ भी देती है। लेकिन वह नौकरों के साथ ऐसा नहीं करती, गालियाँ नहीं देती।<br />
  593. माँ ने कहा- चल, तू खाना खा ले… आज अपना बेटा आया, फिर भी यह घर नहीं आए… तू खा… हम बाद में फार्म-हाउस पर जाएँगे… वहाँ पर तेरे पापा का काम चल रहा है…’</p>
  594. <p>मैंने खाना खाया और हम निकले। पापा ने मेरी माँ को स्कूटर दी थी। हमारा फार्म-हाउस हमारे घर से एक घन्टे पर ही था। माँ ने स्कूटर निकाली, मैं माँ के पीछे बैठ गया। हाँ मेरे माँ का नाम रीमा है, उसकी उम्र 45 है लेकिन वो सुन्दर है, वो एक सामान्य गृहिणी है… सेहत से तन्दरुस्त… थोड़ी मोटी सी।</p>
  595. <p>‘चलो चलें…’ माँ ने पंजाबी पोशाक पहनी थी… मैं माँ के पीछे था… हम चल दिए… मैंने मेरे हाथ से स्कूटर के पीछे टायर को पकड़ रखा था। माँ बीच-बीच में कुछ कह रही थी लेकिन कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। शायद बहुत ही गुस्से में थी.</p>
  596. <p>एक घन्टे में हम फार्म-हाउस पर पहुँच गए। फार्म-हाउस के दरवाज़े पर चौकीदार था। उसने माँ को टोका… और कहा- साहब यहाँ नहीं हैं… वो शहर गए हैं।’ वह हमें दरवाज़े के अन्दर जाने से रोक रहा था।</p>
  597. <p>माँ ने कहा- ठीक है।<br />
  598. और स्कूटर चालू की… हम थोड़ी ही आगे गए और माँ ने स्कूटर रोक दी। उसे कुछ शक हुआ… उसने मुझसे कहा- तू यहीं रुक, मैं आती हूँ।</p>
  599. <p>Are You looking for &#8220;<a href="https://bangalorestreetgirl.com/" target="_blank" rel="noopener"><b>Bangalore Escorts</b></a>&#8221; ?</p>
  600. <h2 style="text-align: center;">माँ ने गुस्से में गांड और चूत चुदाई- Maa Ki Chudai Kahani</h2>
  601. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-468 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani-1024x525.webp" alt="" width="640" height="328" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani-1024x525.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani-300x154.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani-768x394.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani-850x436.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani.webp 1277w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  602. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai Kahani</strong></p>
  603. <p>माँ बंगले की तरफ चली गई। और चौकीदार का ध्यान बचाकर अन्दर चली गई। बंगले में जाकर खिड़कियों में ताक-झाँक करने लगी। मैंने देखा कि माँ क्यों नहीं आ रही है, और मैं भी वहाँ चला गया। मैंने देखा- माँ बहुत देर तक वहाँ खड़ी थी और खिड़की से अन्दर देख रही थी। वह क़रीब 10-15 मिनट वहीं खड़ी थी। मैं थोड़ा आगे गया। माँ ने मुझे देखकर कहा- साले तुझे वहीं रुकने को कहा था तो तू यहाँ क्यों आया? चल वापिस चल, हमें घर जाना है।’ माँ को इतने गुस्से में मैंने कभी नहीं देखा था।</p>
  604. <p>मैं फिर से स्कूटर पर बैठ गया। रास्ते में बारिश चालू हुई। मेरे हाथ पीछे टायर पर थे। गाँव में रास्ते में लाईट नहीं थी। तभी माँ की गांड मेरे लण्ड को लगने लगी। मैं थोड़ा पीछे आया। लेकिन माँ भी थोड़ा पीछे आई और कहा- ऐसे क्यों बैठा है, ठीक से मुझे पकड़ कर बैठ।’<br />
  605. मैंने मेरे दोनों हाथ माँ के कन्धों पर रखे, लेकिन ख़राब रास्ते के कारण हाथ छूट रहे थे।<br />
  606. माँ ने कहा- अरे, पकड़, मेरी कमर को, और आराम से बैठ!</p>
  607. <p>मैंने माँ के कमर पर पकड़ा, लेकिन धीरे-धीरे मेरा हाथ उसकी चूचियोँ पर लगने लगे। वाह! उसकी चूचियाँ… क्या नरम-नरम मुलायम मखमल की तरह लग रहे थे। और मेरा लण्ड भी 90 डिग्री तक गया। वो मेरी माँ की गांड से चिपकने लगा। माँ भी थोड़ी पीछे आई। ऐसा लग रहा था कि मेरा लण्ड माँ की गांड में घुस रहा है।</p>
  608. <p>हमारा घर नज़दीक आया। हम उतर गए। क़रीब रात 11:45 को हम घर आए। माँ ने कहा- तू ऊपर जा… मैं आती हूँ।<br />
  609. माँ ऊपर आई… वो अभी भी गुस्से में लग रही थी। मालूम नहीं, वो क्यों बीच-बीच में कुछ गालियाँ भी दे रही थी। लेकिन वो सुनाई नहीं दे रहा था।</p>
  610. <p>माँ ने कहा- आ, मैं तुझे बिस्तर लगा दूँ।<br />
  611. उसने उसकी चुन्नी निकाली और वह मेरे लिए बिस्तर लगाने लगी। मैं सामने खड़ा था। वह मेरे सामने झुकी और मैं वहीं ढेर हो गया। उसकी चूचियाँ इतनी दिख रहीं थीं कि मेरी आँखें बाहर आने लगीं। उसकी वो चूचियाँ देखकर मैं पागल हो उठा। उसने काली ब्रा पहन रखी थी। उसकी निप्पल भी आसानी से दिख रही थी।<br />
  612. तभी माँ ने अचानक देखा और कहा- तू यहाँ सो जा।</p>
  613. <p><a href="https://jawanitales.com/maa-ki-chudai-kahani/"><strong>Maa Ki Chudai Kahani</strong></a> <strong>&#8211; </strong>लेकिन मेरा ध्यान नहीं था। वो सामने झुकी… और मेरा ध्यान उसकी चूचियों पर था। वो यह बात समझ गई और ज़ोर से चिल्लाई- सोनू, मैंने क्या कहा! सुनाई नहीं देता क्या? तेरा ध्यान किधर है? साले मेरी चूचियाँ देख रहा है?<br />
  614. यह सुनकर मैं डर गया लेकिन मैं समझ गया कि माँ को लड़कों की भाषा मालूम है।<br />
  615. उसने बिस्तर लगाया और कहा- मैं आती हूँ अभी!</p>
  616. <p>वह नीचे गई। मैंने देखा उसने हमारे बंगले के चौकीदार को कुछ कहा और ऊपर मेरे कमरे में आ गई। हम दोनों अभी बारिश की वज़ह से गीले थे। माँ मेरे कमरे में आई, दरवाज़े की कड़ी लगाई और उसने अपनी पंजाबी पोशाक की सलवार निकाल कर बिस्तर पर रख दी, मैं मेरी कमीज़ निकाल ही रहा था, इतने में माँ मेरे सामने खड़ी हो गई।</p>
  617. <p>माँ ने मेरी शर्ट की कॉलर पकड़ी और मुझे घसीट कर मेरे बाथरूम में ले गई। मेरे कमरे में ही एक बाथरूम था। माँ फिर बाहर गई और मेरे कमरे की बत्ती बन्द करके मेरे सामने आ के खड़ी हो गई। उसने मेरी तरफ देखा, एक कपड़ा लिया और मेरे बाथरूम की खिड़की के शीशे पर लगा दिया। इसके पीछ वज़ह होगी कि बाथरूम में रोशनी थी और खिड़की से कोई अन्दर ना झाँक सके।</p>
  618. <p>फिर से उसने मेरी ओर देखा… वो अभी भी गुस्से में लग रही थी। तुरन्त ही उसने मेरे गालों पर एक ज़ोर का तमाचा मारा… मैं माँ की तरफ ही गाल पर हाथ रख कर देख रहा था। लेकिन तुरन्त ही उसने मेरे गालों को चूमा और अचानक उसने उसके होंठ मेरे होंठों पर लगा कर मुझे चूमना चालू कर दिया… मैं थोड़ा हैरान था लेकिन मैंने भी माँ की वो बड़ी-बड़ी चूचियाँ देखीं थीं और माँ के साथ मेरे विचार गन्दे हो चुके थे। चूमते-चूमते उसने फिर से मेरी ओर देखा, वो रुक गई… फिर अपनी पूरी ताकत लगा कर उसने अपनी ही ड्रेस फाड़ डाली। फिर तुरन्त उसने मेरी कमीज़ भी खोल दी।</p>
  619. <p>जब उसने अपनी ड्रेस फाड़ी… ओओओहहह… मैं तो सोच भी नहीं सकता था कि माँ की चूचियाँ इतनी बड़ी होंगीं। वो तो उसकी ब्रा से बाहर आने के लिए आतुर दिख रहीं थीं। फिर वो मुझे चूमने-चाटने लगी..</p>
  620. <p>उसने मुझे चड्डी उतारने को कहा… ‘साले, अपनी चड्डी तो उतार!’</p>
  621. <p>मैंने अपनी चड्डी उतार दी, और मैं अपनी माँ पर चढ़ गया… मैं भी उसकी चूचियों को चाटने लगा-चूमने लगा और ज़ोरों से दबाने लगा… मैंने भी माँ की ब्रा फाड़ डाली। मैं भी एकदम पागलों की तरह माँ की चूचियाँ दबाने लगा.<br />
  622. माँ के मुँह से आहें निकलने लगीं… ‘आआआ ओओओ ईईईमम ओओओ… साआआआलेएए आआआ… ओओओईईईएए’</p>
  623. <p>इतने में उसने मुझे धक्का दिया और एक कोने में छोटी बोतल पड़ी थी उसमें उसने साबुन का पानी बनाया और शावर चालू किया और कहा- मैं जैसा बोलती हूँ… वैसा ही कर!<br />
  624. वह पूरी तरह से ज़मीन पर झुकी और दोनों हाथों से अपनी गांड को फैलाया और कहा- वो पानी मेरी गांड में डाल।</p>
  625. <p>मैंने वैसा ही किया। साबुन का पानी माँ की गांड में डाला। माँ उठी और मेरे लंड को पकड़ा और साबुन लगाया। दीवार की तरफ मुँह करके खड़ी हुई और कहा- साले, भड़वे, चल तेरा लंड अब मेरी गांड में घुसा।<br />
  626. जैसा आप पहले पढ़ चुके हैं कि मेरी माँ कभी-कभी गालियाँ बहुत देती है। मैंने मेरा लंड माँ की गांड पर रखा और जोर का झटका मार दिया।</p>
  627. <p>माँ चिल्लाई- आआआआ म्म्म्मउऊऊ… आआआआ, साले भँड़वे बता तो सही तू डाल रहा है!</p>
  628. <p>साबुन की वज़ह से मेरा लंड पहले ही आधे से अधिक घुस गया, और मैं भी माँ को ज़ोरों के झटके देने लगा। माँ चिल्लाई… ‘साले, भड़वे… आआआ… उउऊऊऊ… उईईई… आआआ’<br />
  629. मैं भी थोड़ा रुक गया।<br />
  630. माँ बोली- दर्द होता है, इसका मतलब यह नहीं कि मजा नहीं आताआआआआआ… मार और ज़ोर से मार… बहुत मजा आता है… भँड़वे बहुत सालों के बाद मैं आज चुदाई के मज़े ले रही हूँ… आआआईईई आआईईई… आआउऊऊ… मार… मार… मार… आआआ’</p>
  631. <p>वो भी ज़ोरों से कमर हिला कर मुझे साथ दे रही थी और मेरे झटके एकदम तूफ़ानी हो रहे थे। मेरा क़द 5.5 और माँ का 5… हम खड़े-खड़े ही चोद रहे थे… उसकी गांड मेरी तरफ, मैं उसकी गांड मार रहा था… उसका मुँह उस तरफ और हाथ दीवार पर थे… मैं एक हाथ की उंगली उसकी चूत में डाल रहा था.. और दूसरी ओर दूसरे हाथ से उसकी चूचियाँ दबा रहा था।</p>
  632. <p><a href="https://snehaoswal.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-389 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Beta-Sex-Story-1024x442.webp" alt="Maa Ki Chudai Kahani" width="640" height="276" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Beta-Sex-Story-1024x442.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Beta-Sex-Story-300x129.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Beta-Sex-Story-768x331.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Beta-Sex-Story-850x367.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Beta-Sex-Story.webp 1398w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  633. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai Kahani</strong></p>
  634. <p>तभी उसने मेरी तरफ मुँह किया और एक हाथ से मेरे गाल पकड़े और मेरे होंठों पर उसके होंठ लगाए। हम कामसूत्र के एक आसन में खड़े थे। वह भी मेरे होंठों को चूम कर बोली… ‘तू… थोड़ी देर पहले मेरी चूचियाँ देख रहा था ना… मादरचोओओओद… हाय रे तू… मैं अभी तुझे पूरा मादरचोद बनाऊँगीईईई… .आआआ…’</p>
  635. <p>तभी मैं माँ को बोला… ‘आज इतने गुस्से में क्यों हो?’<br />
  636. माँ बोली… ‘साले… सब मर्द एक जैसे ही होते हैं। आआईईई उउओओओउऊऊ… जानता है… जब हम फार्म-हाऊस पर गए… ओओईईईई… मैंने क्या देखा… खिड़कीईईईई…ईईई सेएएए…’<br />
  637. मैं एक तरफ झटके दे रहा था इसलिए माँ बीच-बीच में ऐसी आवाज़ें निकालती हुई बात कर रही थी।<br />
  638. मैंने पूछा ‘क्या देखा तूने?’<br />
  639. माँ ने कहा- तेरा बाप किसी और औरत को चोद रहा था। ईईई ओओओओओ… आआआआ… मैं हमेशा इन्तज़ार करती थी… अब मुझे समझ आया… वो बाहर चोद लेता है… आआआ… ईईईई… ओओओओओओ’</p>
  640. <p><a href="https://jawanitales.com/maa-ki-chudai-kahani/"><strong>Maa Ki Chudai Kahani</strong></a> <strong>&#8211; </strong>मैं रुक गया। वह बोली ‘तू रुक मत… चोद मुझे भँड़वे… अपनी माँ को चोद। आज से तेरी माँ… हमेशा के लिए तेरी हो गई है। आज़…’<br />
  641. मैंने चोदना चालू कर दिया, माँ कहती रही- ‘ओओआआईईम्म तू ही मेरा सामान है… आआओओ ओईईम्म्म… अच्छा लग रहा है।’<br />
  642. तभी मैंने माँ की गांड में ओर ज़ोर का झटका मारा… वो भी उसकी गांड ज़ोरों से आगे-पीछे हिला रही थी… आख़िर में मैंने ज़ोर का झटका दिया और मेरे लंड का पानी माँ की गांड में डाल दिया… माँ चिल्लाई… ‘आआओओओम्म्म ईईई… कितना पानी है तेरे में… खत्म ही नहीं हो रहा है। आआउउऊऊ… क्या मस्त लग रहा है… साआआआला मादरचोद… सही चोदा तूने मुझे।’</p>
  643. <p>थोड़ी देर हम एक-दूसरे से ऐसे ही चिपके रहे और फिर पलंग पर चले गए और सो गए।</p>
  644. <p>थोड़ी देर के बाद मेरी नींद खुली… माँ मेरे पास ही सोई थी। हम दोनों अभी भी नंगे ही थे। मैं माँ की चूत में उंगली देने लगा।<br />
  645. तभी माँ की नींद खुली और वो बोली- क्या फिर से चोदेगा?<br />
  646. मैंने कहा- मुझे तेरी चूत चाहिए, तेरी गांड तो मिल गई, लेकिन तेरी चूत चाहिए…<br />
  647. और फिर से उसकी चूत में उंगली डालने लगा, उसे सहलाने लगा।</p>
  648. <p>मुझसे नियंत्रण नहीं हुआ, मैंने माँ के दोनों पाँव ऊपर किए और मेरा लंड माँ की चूत पर रखा और ज़ोर से धक्का मारने लगा। मैंने झटके देना चालू किया। तभी माँ भी कमर हिला कर मुझे साथ देने लगी।<br />
  649. मेरे झटके बढ़ने लगे… माँ चिल्लाने लगी… ‘आआहह चोद.. और चोद.. फाड़ डाल मेरी चूत… तेरे बाप ने तो कभी चोदा नहीं… लेकिन तू चोद… और चोद… मज़े ले मेरीईईई चूत के… आआओउऊ… ईईईई… और तेज़…, और तेज…, आआआईईई मईईईओओआ… आआआ… ओओओ…’</p>
  650. <p>माँ भी ज़ोरों से कमर हिलाने लगी और मैं माँ की चूचियों और ज़ोरों से दबा रहा था। माँ बोली ‘चोद रे… मादरचोद, और चोद… दबा मेरी चूचियाँ… और दबा… और चाट और काट मेरी चूचियों को… और उन्हें बड़े कर दे, ताकि वे मेरी ब्लाऊज़ से बाहर आ जाएँ। दबा और दबा… चल डाल पानी अब… भर डाल अपनी माँ की चूत… पानी से… आआओओ… तेरे गरम पानी से… आआओओ…’</p>
  651. <p>तभी मैंने ज़ोर का झटका दिया और मेरे लंड का पानी माँ की चूत में डाल दिया। माँ चिल्लाई… ‘आआआ… ईईई… क्याआआआ गरम पानी है… जैसे असली जवानी… आज से तू मेरा बेटा नहीं… मेरा ठोकया है… आज से तू मुझे ठोकेगा… आआओओईई… क्या पानी है… सालों बाद मिलाआ… आज के बाद अच्छी हो गई… तेरे पाप उस रण्डी के साथ गए… लेकिन उनकी ही वज़ह से मुझे मेरा ठोकया मिल गया…’ आज से तू ही मुझे ठोकेगा…</p>
  652. <p><a href="https://jawanitales.com/"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-367 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-1024x534.webp" alt="Baap Beti Ki Chudai Kahani" width="640" height="334" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-1024x534.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-300x156.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-768x400.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-1536x801.webp 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-850x443.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani.webp 1734w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  653. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai Kahani</strong></p>
  654. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><strong>Bangalore Escorts</strong></a></p>
  655. <p><strong><a href="https://www.angelsharma.in/" target="_blank" rel="noopener">Delhi Escorts</a></strong></p>
  656. <p><a href="https://www.angelsharma.in/mahipalpur-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Mahipalpur Escorts</strong></a></p>
  657. <p><a href="https://www.angelsharma.in/aerocity-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Aerocity Escorts</strong></a></p>
  658. ]]></content:encoded>
  659. </item>
  660. <item>
  661. <title>मां को स्कूटी चलाना सिखाया &#8211; Maa Beta Hindi Sex Story</title>
  662. <link>https://jawanitales.com/maa-beta-hindi-sex-story/</link>
  663. <dc:creator><![CDATA[Jawani Tales]]></dc:creator>
  664. <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 10:58:20 +0000</pubDate>
  665. <category><![CDATA[Antarvasna Sex Stories]]></category>
  666. <category><![CDATA[Family Sex Story]]></category>
  667. <category><![CDATA[Hindi Sex Story]]></category>
  668. <category><![CDATA[Mother Son Sex]]></category>
  669. <guid isPermaLink="false">https://jawanitales.com/?p=439</guid>
  670.  
  671. <description><![CDATA[Maa Beta Hindi Sex Story &#8211; मेरा नाम नीरज है। यह कहानी मेरे कॉलेज के दिनों की है। लगभग मेरी उम्र 21 साल की थी, और मेरी मां लगभग 42 साल की। मैं आपको मेरी मां के बारे में बताता हूं। मेरी मां दिखने में एक-दम गोरी और चिकनी है। बड़े-बड़े बूब्स, बड़ी-बड़ी जांघें, और...]]></description>
  672. <content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://jawanitales.com/maa-beta-hindi-sex-story/"><strong>Maa Beta Hindi Sex Story</strong></a> <strong>&#8211;</strong> मेरा नाम नीरज है। यह कहानी मेरे कॉलेज के दिनों की है। लगभग मेरी उम्र 21 साल की थी, और मेरी मां लगभग 42 साल की। मैं आपको मेरी मां के बारे में बताता हूं। मेरी मां दिखने में एक-दम गोरी और चिकनी है। बड़े-बड़े बूब्स, बड़ी-बड़ी जांघें, और बड़ी कमर।</p>
  673. <p>मेरे पापा काम से बाहर ही रहते है। उनका ऑफिस में वर्क है, तो वह ऑफिस से घर बहुत लेट आते हैं, लगभग 10-11 बजे तक। वो आते ही सीधे सो जाते हैं। उनको अपनी वाइफ के लिए टाइम ही नहीं है।</p>
  674. <p>एक बार की बात है। हम सब बैठ कर खाना खा रहे थे, और मेरे पापा बोले कि, “मुझे ऑफिस के काम से कुछ दिनों के लिए बाहर जाना है।” तो मेरी मम्मी बोली, “तुम तो हमेशा बाहर ही रहते हो। तुमको फैमिली के लिए टाइम ही नहीं रहता।” तो मेरे पापा बोले, “अब क्या करूं? काम तो करना ही पड़ेगा।”</p>
  675. <p>मॉम: आप बाहर चले जाते हो, और नीरज उसके कॉलेज चला जाता है, और मुझे कुछ काम होता है तो मैं कुछ कर नहीं पाती। मार्केट आना-जाना पड़ता है। सब काम रह जाते हैं।</p>
  676. <p>Are You looking for &#8220;<a href="https://bangalorestreetgirl.com/" target="_blank" rel="noopener"><b>Bangalore Escorts</b></a>&#8221; ?</p>
  677. <h2 style="text-align: center;">मां को स्कूटी चलाना सिखाया &#8211; Maa Beta Hindi Sex Story</h2>
  678. <p><a href="https://jhescorts.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-406 size-full" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-beta-hindi-sex-stories.webp" alt="Maa Beta Hindi Sex Story" width="870" height="480" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-beta-hindi-sex-stories.webp 870w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-beta-hindi-sex-stories-300x166.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-beta-hindi-sex-stories-768x424.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-beta-hindi-sex-stories-850x469.webp 850w" sizes="(max-width: 870px) 100vw, 870px" /></a></p>
  679. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Beta Hindi Sex Story</strong></p>
  680. <p>पापा: बेटा तुम मॉम को बाहर ले जाया करो।</p>
  681. <p>मैं: पापा मैं शाम को आता हूं कॉलेज से।</p>
  682. <p>पापा: तुम एक काम क्यों नहीं करती, तुम स्कूटी सीख लो। फिर तुम जब चाहे तब मार्केट जा सकती हो।</p>
  683. <p>मॉम: स्कूटी कौन सिखाएगा मुझे? और मेरे पास टाइम नहीं रहता। मैं सुबह ही फ्री रह पाती हूं।</p>
  684. <p>पापा: बेटा, तुम मम्मी को स्कूटी सिखा दो। वैसे भी तुमको तो स्कूटी आती ही है। तुम सिखाओगे तो सही रहेगा।</p>
  685. <p>मैं: ठीक है मैं सिखा दूंगा।</p>
  686. <p>पापा: वैसे भी मैं सात-आठ दिन के लिए बाहर जा रहा हूं। इतने में तो स्कूटी आ जाएगी तेरी मम्मी को।</p>
  687. <p>मॉम: तो फिर ठीक है। सुबह मैं तुझे उठा दूंगी 7:00 तक। फिर अपन चलेंगे।</p>
  688. <p>रात हो गई थी। रात को मेरे पापा की ट्रेन थी, तो मैं उन्हें छोड़ने रेलवे स्टेशन चला गया। वह रात को निकल गए थे‌। मॉम मेरा इंतजार घर पर कर रही थी। मैं वापस आया तो वो‌ बोली-</p>
  689. <p>मॉम: इतनी देर कहां हो गई?</p>
  690. <p>मैं: ट्रेन लेट हो गई थी थोड़ी, तो वहीं खड़े हुए थे।</p>
  691. <p>मॉम: तो चल अब सो जा, सुबह अपने को जाना भी है। मैं तुझे उठा दूंगी।</p>
  692. <p>मैं: ठीक है, मैं सो जाता हूं।</p>
  693. <p>सुबह 6 बजे मॉम मेरे कमरे में आती है। मैं अक्सर चड्डी पहन कर ही सोता हूं, और आज तक मॉम मुझे कभी उठाने नहीं आई। आज यह कितने सालों में पहली बार हुआ था।</p>
  694. <p>मॉम: चल अब उठ जा, लेट हो जाएंगे। फिर तुझे आकर कॉलेज भी जाना है।</p>
  695. <p>मैं: हां उठ रहा हूं। थोड़ी देर रुक जाओ।</p>
  696. <p><a href="https://jawanitales.com/maa-beta-hindi-sex-story/"><strong>Maa Beta Hindi Sex Story</strong></a> <strong>&#8211; </strong>मॉम इतने में मेरा ऊपर से कंबल हटा देती है, और सुबह-सुबह मेरी चड्डी के अंदर से मॉम को मेरा खड़ा उभरता हुआ दिख जाता है। मुझे पता था कि मॉम ने मेरा लंड देख लिया था, पर मॉम अपनी निगाहें उससे हटा लेती है।</p>
  697. <p>वो मुझे बोलती है कि: चल जल्दी रेडी होकर नीचे आजा।</p>
  698. <p>फिर मैं रेडी होकर नीचे जाता हूं।‌ फिर मैं स्कूटी चलाता हूं मॉम मेरे पीछे बैठ जाती है। सुबह-सुबह ठंडा रहती है, तो मॉम मुझसे एक-दम चिपक कर बैठ जाती है। इससे उनके बूब्स मुझे टच हो रहे थे, और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था। फिर मैं खाली ग्राउंड देखता हूं जहां कोई नहीं था एक-दम सुनसान। मैं वहां जा कर स्कूटी खड़ी कर देता हूं।</p>
  699. <p>मॉम: अब बता कैसे स्कूटी चलानी है?</p>
  700. <p>फिर मैंने स्कूटी के बारे में पूरा बताया, और मॉम के हाथों में स्कूटी दी। जैसे ही मैंने मॉम को स्कूटी दी, उन्होंने एक-दम से रेस दे दी, और उनका बैलेंस बिगड़ गया। स्कूटी आगे जाकर गिर गई। मॉम को ज्यादा चोट नहीं आई, ना स्कूटी को कुछ हुआ।</p>
  701. <p>मैं: अरे मॉम कैसे स्कूटी चला रहे हो?</p>
  702. <p>मॉम: अरे बेटा वह तो एक-दम से हो गया, पता नहीं चला कुछ।</p>
  703. <p>मैं: आप स्कूटी चलाओ मैं आपके पीछे बैठता हूं।</p>
  704. <p>मॉम: ठीक है‌।</p>
  705. <p>मॉम आगे बैठ गई और मैं उनके पीछे बैठ गया। अब मॉम धीरे-धीरे स्कूटी को रेस दे रही थी। ऐसे ही धीरे-धीरे मॉम स्कूटी चला रही थी, और मैं उनके पीछे बैठा हुआ था।<br />
  706. आगे जाकर थोड़ा रोड खराब था, तो पीछे से मैं भी हैंडल पकड़ लिया।</p>
  707. <p>मेरे दोनों हाथ मॉम के पेट पर टच हो रहे थे। मैं भी कुछ ऐसा सोचा नहीं, पर मुझे अच्छा लग रहा था। पर मॉम स्कूटी खुद ही चल रही थी।</p>
  708. <p>मॉम: तू हाथ छोड़ दे, मैं खुद ही चला लूंगी अब।</p>
  709. <p>आगे जाकर दो-तीन स्पीड ब्रेकर थे। मॉम ने स्कूटी तो संभाली, पर में उछल कर थोड़ा आगे आ गया था, जिससे मैं मॉम से बिल्कुल चिपक चुका था। अब मॉम की बड़ी गांड मेरे लंड पर थी, और मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा था। मैंने बहुत कंट्रोल करने की कोशिश करी, पर मेरा लंड आउट ऑफ कंट्रोल हो चुका था। थोड़ा आगे चलने के बाद मैं फुल मूड में था।</p>
  710. <p>शायद मॉम को भी यह महसूस होने लगा था कि मैंने अंदर कुछ नहीं पहना था, और मेरा लंड बिल्कुल खड़ा हो चुका था। ऐसे ही मॉम स्कूटी धीरे-धीरे चला रही थी। फिर आगे अचानक से खराब रोड आ चुका था, जिसमें बहुत सारे गड्ढे थे। मैंने एक हाथ ब्रेक पर रख दिया था। ब्रेक लगाने के बहाने मेरे हाथ मॉम के बूब्स पर टच हो रहे थे।फिर मैं जान-बूझ कर थोड़ी-थोड़ी देर में ब्रेक लगने लगा।</p>
  711. <p>जैसे मैं हाथ आगे लेता ब्रेक पर, मेरा हाथ मॉम के बूब्स पर टच हो जाता। ऐसा मैंने 4-5 बार किया। मॉम को भी शायद पता चल गया था। सुबह का समय था, तो आगे नाश्ते की दुकान आ रही थी। मैं थोड़ा पीछे होकर बैठ गया, और मैं सोचा थोड़ा नाश्ता कर लेते हैं। मैं मॉम को बोला चलो नाश्ता कर लेते हैं</p>
  712. <p><a href="https://neharikapatel.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-401 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/hindi-sex-story-mom-1024x436.webp" alt="" width="640" height="273" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/hindi-sex-story-mom-1024x436.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/hindi-sex-story-mom-300x128.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/hindi-sex-story-mom-768x327.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/hindi-sex-story-mom-850x362.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/hindi-sex-story-mom.webp 1397w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  713. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Beta Hindi Sex Story</strong></p>
  714. <p>मॉम: हां ठीक है बेटा।</p>
  715. <p>हमने गाड़ी रखी, और हम नाश्ता करने लगे।</p>
  716. <p>मैं: आप तो बहुत अच्छी तरह से चल रही हो, क्या बात है!</p>
  717. <p>मॉम: तू सिखा भी तो अच्छा रहा है ना।</p>
  718. <p>मैं: मैं तो रोज सिखाऊंगा।</p>
  719. <p>मॉम: हां-हां सब पता है तुझे क्यों सिखाना है रोज।</p>
  720. <p>मॉम: मतलब? मैं समझा नहीं?</p>
  721. <p>मॉम: बदमाश। सब पता है मुझे तू क्या कर रहा था पीछे, और बार-बार ब्रेक क्यों मार रहा था।</p>
  722. <p><a href="https://jawanitales.com/maa-beta-hindi-sex-story/"><strong>Maa Beta Hindi Sex Story</strong></a> <strong>&#8211; </strong>मैं एक-दम सकपका गया, और मुझे शर्म आने लगी थी। मुझे लगा मॉम को कुछ पता नहीं चलेगा, पर वो तो सब कुछ समझ गई थी। नाश्ता खत्म होने के बाद हम दोनों वापस स्कूटी पर बैठने लगे। मम्मी फिर से स्कूटी अपने हाथों में ली, और मैं एक-दम पीछे हो कर बैठ गया। थोड़ा आगे चले हम। फिर मॉम बोली-</p>
  723. <p>मॉम: बेटा क्या हुआ? इतना पीछे क्यों बैठा है? मुझे सिखा ना सही से।</p>
  724. <p>मैं: आप सही तो चला रही हो। सीख तो गए हो आप।</p>
  725. <p>मॉम: नहीं बेटा, पहले जैसे सिखा ना मुझे पकड़ के।</p>
  726. <p>मुझे समझ नहीं आ रहा था, कि मॉम ऐसा क्यों बोल रही थी। पर मैं तो इसलिए पीछे बैठा था, कि मुझे बहुत शर्म आ रही थी, कि मॉम को सब कुछ पता चल गया था।</p>
  727. <p>मॉम: बेटा तू पहले जैसे बैठा था ना, मुझे अच्छा लग रहा था। प्लीज ऐसे बैठ ना।</p>
  728. <p>मैं थोड़ा सा आगे आया और बोला: बस?</p>
  729. <p>मॉम: नहीं और आगे।</p>
  730. <p>मैं: बस ठीक है?</p>
  731. <p>मॉम: नहीं और आगे।</p>
  732. <p>मैं मॉम से चिपक गया। उनकी गांड मेरे लंड पर आ गई थी फिर से।</p>
  733. <p>मॉम: हां अब ठीक है (फिर मॉम हंसने लगी)।</p>
  734. <p>मैं: क्या हुआ मॉम?</p>
  735. <p>मॉम: आराम से बैठ ना बेटा।</p>
  736. <p>मैं: आराम से ही तो बैठा हूं।</p>
  737. <p>मॉम: अरे मतलब मुझे अच्छे से पकड़ कर बैठ कि गाड़ी इधर-उधर ना गिर जाए।</p>
  738. <p><a href="https://jawanitales.com/maa-beta-hindi-sex-story/"><strong>Maa Beta Hindi Sex Story</strong></a> <strong>&#8211; </strong>मैं भी समझ चुका था कि मॉम भी मूड में थी, और उनको कोई दिक्कत नहीं थी। मैं यह भी समझ चुका था कि मॉम मुझे किस तरह से बैठने को बोल रही थी। फिर मैंने भी मॉम को कस कर पकड़ लिया। मैंने दोनों हाथों से मॉम के पेट को पकड़ लिया, और चिपक कर बैठ गया। मेरा लंड वापस फिर से खड़ा होने लगा, और मॉम की गांड में घुसने लगा। अब मैं भी अपना लंड मॉम की गांड में लग रहा था। उसके बाद हम थोड़ी देर में घर आ चुके थे।</p>
  739. <p>जैसे ही मैं घर आया, मेरा मॉम को देखने का नजरिया बदल चुका था। क्योंकि पहले मैं मेरी मॉम को बड़ी इज्जत से देखता था, पर अब मैं मेरी मॉम को चोदना चाहता था। और यही अच्छा मौका था, क्योंकि मेरे पापा भी 5 दिन के लिए बाहर गए हुए थे, और मॉम को भी मुझसे कोई दिक्कत नहीं थी।</p>
  740. <p><a href="https://pbescorts.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-308 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-ki-Kahani-1024x533.webp" alt="Chudai ki Kahani" width="640" height="333" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-ki-Kahani-1024x533.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-ki-Kahani-300x156.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-ki-Kahani-768x400.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-ki-Kahani-850x443.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-ki-Kahani.webp 1532w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  741. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Beta Hindi Sex Story</strong></p>
  742. <blockquote class="wp-embedded-content" data-secret="IkTdNevZt4"><p><a href="https://jawanitales.com/baap-beti-sex/">सॉरी अब्बू, वो गर्मी लग रही थी &#8211; Baap Beti Sex</a></p></blockquote>
  743. <p><iframe class="wp-embedded-content" sandbox="allow-scripts" security="restricted"  title="&#8220;सॉरी अब्बू, वो गर्मी लग रही थी &#8211; Baap Beti Sex&#8221; &#8212; Jawani Tales" src="https://jawanitales.com/baap-beti-sex/embed/#?secret=rRx92uFVQ5#?secret=IkTdNevZt4" data-secret="IkTdNevZt4" width="600" height="338" frameborder="0" marginwidth="0" marginheight="0" scrolling="no"></iframe></p>
  744. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><strong>Bangalore Escorts</strong></a></p>
  745. <p><strong><a href="https://www.angelsharma.in/" target="_blank" rel="noopener">Delhi Escorts</a></strong></p>
  746. <p><a href="https://www.angelsharma.in/mahipalpur-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Mahipalpur Escorts</strong></a></p>
  747. <p><a href="https://www.angelsharma.in/aerocity-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Aerocity Escorts</strong></a></p>
  748. ]]></content:encoded>
  749. </item>
  750. <item>
  751. <title>माँ बेटे ने टॉयलेट में डर्टी सेक्स किया &#8211; Maa Ki Chudai</title>
  752. <link>https://jawanitales.com/maa-ki-chudai/</link>
  753. <dc:creator><![CDATA[Jawani Tales]]></dc:creator>
  754. <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 10:41:47 +0000</pubDate>
  755. <category><![CDATA[Antarvasna Sex Stories]]></category>
  756. <category><![CDATA[Desi Sex Story]]></category>
  757. <category><![CDATA[Mother Son Sex]]></category>
  758. <guid isPermaLink="false">https://jawanitales.com/?p=434</guid>
  759.  
  760. <description><![CDATA[Maa Ki Chudai :- मैं हूँ साक्षी उमर 36 साल है. मैं मुम्बई में रहती हूँ ?. और मेरे बेटे का नाम संजय है उसकी उमर 18 साल.. कि है और वो 12th में पड रहा है. मेरे पति मरचैन्ट नेवी में है जहाज पर.. मेरी हाइट लगभग 5’7″ कि है और मेरे मम्मे का...]]></description>
  761. <content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://jawanitales.com/maa-ki-chudai/"><strong>Maa Ki Chudai</strong></a> <strong>:-</strong> मैं हूँ साक्षी उमर 36 साल है. मैं मुम्बई में रहती हूँ ?. और मेरे बेटे का नाम संजय है उसकी उमर 18 साल.. कि है और वो 12th में पड रहा है. मेरे पति मरचैन्ट नेवी में है जहाज पर.. मेरी हाइट लगभग 5’7″ कि है और मेरे मम्मे का साइज है 34″ मेरी कमर कि नाप है 34″ और, मेरी गाण्ड का साइज है 36″. मेर रन्ग थोडा गेहुआं है.</p>
  762. <p>मेरे बेटे कि हाइट 5’11″ है उसके लण्ड का साइज 8 ” है ?.उसके बदन पर बाल है.. और हाँ मेरी चूत पर बहुत घने बाल है और बगलों में भी बहुत बाल है. मैंने यह सच्ची कहानी आप लोगों के साथ इस्लिये शेयर करने वाली हूँ के आप अपनी माँओ को देख कर कभी डरो मत के वो नहीं करने देगी अपने साथ.. लेकिन अगर आप उसे समझाकर कर सको.. तो वो माँ दुनिया कि सबसे खुश नसिब माँ होगी..</p>
  763. <p>आज जब मैं टोइलेट में पिशाब करने गई तो सुसु निकलते टाइम मैंने अपनी चूत को रगडा… और एक टाइम पर तो उसे निकलने से ही रोक दिया था. मुझे बहुत मज़ा आया जब मैंने अपनी उन्गलियां निकाली अपनी चूत में से तो क्या जोर से पिशाब निकला था?. म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्.</p>
  764. <p>Are You looking for &#8220;<a href="https://bangalorestreetgirl.com/" target="_blank" rel="noopener"><b>Bangalore Escorts</b></a>&#8221; ?</p>
  765. <h2 style="text-align: center;">माँ बेटे ने टॉयलेट में डर्टी सेक्स किया &#8211; Maa Ki Chudai</h2>
  766. <p><a href="https://diyaoswal.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-154 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.12.15-AM-1024x561.png" alt="Sexbaba" width="640" height="351" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.12.15-AM-1024x561.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.12.15-AM-300x164.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.12.15-AM-768x421.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.12.15-AM-1536x842.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.12.15-AM-850x466.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-25-at-3.12.15-AM.png 1868w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  767. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai</strong></p>
  768. <p>मज़ा आ गया था.. थोडा सा हाथ में मैंने ले कर के अपना पिशाब टेस्ट भी किया था. फ़िर उसके बाद मैं फ़िर पोटी करने लगी थी. मैंने वैसे ही उसको भी ब्लोक किया और वैसे ही वो एक दम जोर से निकली मेरी पोटी जैसे पिशाब निकला था. मैंने वो खाया तो नहीं पर उसकी स्मैल्ल ने मुझे बहुत ठरकी औरत बना दिया था..</p>
  769. <p>मेरे बेटे के हाथ में फ़ैक्चर था, तब मुझे उसे नहलाना पडता था. क्योंकि वो खुद कोई काम नहीं कर पाता था हाथ में चोट कि वजह से. मैं उसे काफ़ी दिनो से नहला रही थी एक दिन (मुझे याद है वो दिन 22th जून. था)? उस दिन मेड अपना काम खत्म करके गई थी तब मैंने संजय (मेरा बेटा) को कहा के वो नहा ले जल्दी.</p>
  770. <p>तो वो तैयार हो गया, वो अपना टी-शर्ट और शोर्टस ले कर बाथ-रूम में आ गया था और मैंने उसके लिये कुन्कुना पानी तैयार कर दिया था. मैंने उस दिन गहरे नीले रन्ग कि शिफ़ोन कि साडी पहनी हुइ थी पैन्टी और ब्रा नहीं पहनी हुइ थी.. (मैं अक्सर घर में अन्ड्रर गारमैन्ट नहीं पहनती हूँ)..</p>
  771. <p>मैंने संजय को कहा के तुम अपने कपडे उतार दे जल्दी से और नीचे बैठ जाओ और मैंने उसके प्लास्टर वाले हाथ पर प्लास्टिक बान्ध दिया था. वो नन्गा हो कर बैठ गया नीचे ज़मीन पर, मैं उसके साइड में आ कर घुटनो के बल बैठ गई थी. उस पर मैंने पानी डाला और अपने हाथों से साबुन मलने लगी.</p>
  772. <p>उस पर सर से ले कर पैर तक मैंने उसे मला और जब मैं उसके लण्ड के पास वाली जगह पर आयी तो वो थोडा असहज हो गया.. तब मैंने उसकी टान्गो और उसके घुटनो पर साबुन लगा दिया और मैंने उससे कहा कि वो अपनी टान्गे खोले दे ताकी मैं साइड में साबुन लगा सकूं. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.</p>
  773. <p>तो उसने अपनी टान्गे खोल दी. मैंने उस पर साबुन लगाया और फ़िर मैंने उसकी झान्टो और उसके टट्टों पर और उसके लण्ड पर साबुन लगाया (यकिन किजिए यह सब करने में मुझे कोई उत्तेजना महसूस नहीं हो रही थी.) उसका लण्ड एक दम कडक हो गया जब मैंने उसके लण्ड पर साबुन लगाया…</p>
  774. <p><a href="https://preetykaur.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-165 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-1024x561.png" alt="Baba Sex Story" width="640" height="351" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-1024x561.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-300x164.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-768x421.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-1536x842.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story-850x466.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/06/Baba-Sex-Story.png 1868w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  775. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai</strong></p>
  776. <p>मैं यह देख कर हैरान रह गयी कि मेरा बेटा मेरे हाथ लगने से उत्तेजना महसूस कर रहा था… संजय ने फ़िर मेरा हाथ पकड लिया था और जब कि मेरा हाथ उसके लण्ड को ही पकडे हुए था. फ़िर अचानक क्या हुआ कि उसने मेरे गले पर हल्के से किस्स किया था.. मैं एक दम ठरक गई थी (यह मेरे लिए हैरान कर देने वाला था).</p>
  777. <p>हम दोनो कि एसे एक दूसरे को सन्नाटे में खडे देख रहे थे मैंने उसके लण्ड पर फ़िर अपनी पकड टाइट कर दी?? मैं एक दम ठरकी हुइ औरत हो गई थी.. फ़िर मैंने अगला कदम उठाया, मैंने उसके होन्ठो पर अपने होन्ठ रख दिये थे और उसे पहले आहिस्ता से फ़िर एक दम से टाइट सेक्सी किस्स दिया था…</p>
  778. <p>उसके लण्ड पर इस टाइम मैं अपना हाथ रगडने लगी थी. फ़िर उसने मेरे कान में कहा कि मम्मी I love you मैंने भी जवाब दिया कि बेटे मैं भी तुम्हें बहुत प्यार करती हूँ. मैं फ़िर खडी हुइ और मैंने कहा कि वो मेरी साडी निकाले और फ़िर उसने साडी निकाली और मेरा ब्लाउज जल्दी जल्दी में लगभग फाड दिया था..</p>
  779. <p>इस बीच में उसने मेरे पूरे बदन पर किस्स भी किया था और मेरे मम्मे दबाए और मेरी गाण्ड भी दबाई उसने फ़िर मेरा पैटिकोट भी निकाल दिया. और हम दोनो माँ बेटे एक दम नन्गे हो गए और इसे देख कर वो मेरे नन्गे जिस्म से लिपट गया था फ़िर मैंने उसे नहला कर साबुन पूरे जिस्म से निकाल दिया.</p>
  780. <p>मैंने उसे खडे होने के लिये कहा और उसके मुन्ह में ज़ोर से सेक्सुअली ठरका देने वाला किस्स दिया और फ़िर नीचे बैठ कर उसका लण्ड अपने हाथ में लिया और उसके लण्ड पर किस्स किया. फ़िर धीरे धीरे मुन्ह में लिया अन्दर मैंने उसका लण्ड पुरा अच्छी तरह से ले लिया और उसने 5 मिनट में ही मेरे मुन्ह में अपना माल छोड दिया..</p>
  781. <p>मैंने उसका सारा माल खा लिया सच में यकिन किजिए बहुत आया था उसका वीर्य खा कर के. म्म्म्म्म्म्… फ़िर मैंने उसको पलट कर उसकी गाण्ड चाटी उसके होल में अपनी जीभ डाल के चुम्मा लिया मैंने. उसकी गाण्ड के होल में उन्गली भी डाली मैंने. उसने अपनी टान्गे चौडी कर दी..</p>
  782. <p>अपनी उन्गली से उसकी गाण्ड मली मैंने और अब उसको कहा कि वो उन्गली सुन्घे और उसे चाटे.. उसके बाद उसने मेरे मम्मे, चूत, और गाण्ड चाटी. मेरा रस उसके मुन्ह में हि निकल गया. इस सब में मुझे बहुत मजा आ रहा था, उसके बाद उसने मुझे बहुत अच्छी तरह से चोदा था.. सब पोजीशन में (लिटा कर, घोडी बना कर, मुझे अपने उपर बैठा के, बिस्तर पर टान्गे फ़ैला कर के) मैंने पता क्या किया.</p>
  783. <figure id="attachment_134" aria-describedby="caption-attachment-134" style="width: 640px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://puneescortspage.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="wp-image-134 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/naukrani-ke-sath-sex-1024x509.png" alt="naukrani ke sath sex" width="640" height="318" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/naukrani-ke-sath-sex-1024x509.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/naukrani-ke-sath-sex-300x149.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/naukrani-ke-sath-sex-768x382.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/naukrani-ke-sath-sex-1536x763.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/naukrani-ke-sath-sex-850x422.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/naukrani-ke-sath-sex.png 1888w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a><figcaption id="caption-attachment-134" class="wp-caption-text"><strong>Maa Ki Chudai</strong></figcaption></figure>
  784. <p>मैंने उसके बाल्स पर एक छोटा सा कप बान्ध दिया जिससे कि वो जल्दी अपन माल ना झाड दे. अगले दिन मैं टोइलेट में थी पोटी कर रही थी मैं. संजय ने दरवाजा खटखटाया पर मैंने उससे कहा ये क्या कर रहे हो. उसने कहा कि उसे ज़ोर से पिशाब आ रहा है और बहुत ज़ोर से मुतने का है. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.</p>
  785. <p>मैंने तब टोइलेट का दरवाजा खोला और मैंने उसे कहा कि उसे 5—10 मिनट वैट करना पडेगा जब तक मैं फ़्री न हो जाऊं. तब उसने कहा उसे बहुत ज़ोर से लगी है… तब उसने मेरे से पूछा कि किया वो बाथरुम में पिशाब कर सकता है क्या? ये क्या बचपना है क्या तुम थोडी देर रुक नहीं सकते हो?</p>
  786. <p>उसने कहा वो अब और ज्यादा नहीं रुक सकता. अगर मैंने उसे वहाँ करने नहीं दिया तो वह वहीं पैशाब कर देगा. मैंने उसे मज़ाक में ऐसे हि कहा कि वो इधर ही पिशाब कर दे, और उसने वहाँ पर हि चड्डी के अन्दर से लण्ड निकाला और पोटी पर अपनी पिशाब कि धार मारने लगा. मैंने उस टाइम कुच्छ कपडे नहीं पहने हुए थे और मैं बिलकुल नन्गी थी एक दम से. पहले उसने अपनी धार मेरी चूत पर मारी और फ़िर मेरे पेट पर और फ़िर मेरे मम्मे पर फ़िर मेरे मुन्ह पर मैंने एक दम से अपना मुन्ह खोल दिया और बहुत सारा उसका पिशाब मेरे मुन्ह में आया था.</p>
  787. <p>यह सब कुच्छ चन्द सैकिन्ड में हो गया. तब वो मुझे कहने लगा क्या मुझे ये सब पंसद आया? तो मैंने कहा कि मुझे बहुत मज़ा आया था और मैंने बहुत एन्जोय किया था. उस दिन से अब तक हम लोग रोज़ एक दूसरे का पिशाब पीते है और पोटी भी सुन्घा करते है. वो मेरे पिरियड के टाइम पर मेरी चूत से निकले हुए खून को भी चाटता है और मेरी चूत को अपनी ज़बान से साफ़ करता है.. हम दोनो एक दम गन्दा और डर्टी सेक्स करने में यकिन करते है और उसे करते भी है.</p>
  788. <p><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-476 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai-1024x342.webp" alt="Maa Ki Chudai" width="640" height="214" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai-1024x342.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai-300x100.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai-768x256.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai-850x284.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai.webp 1397w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
  789. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai</strong></p>
  790. <blockquote class="wp-embedded-content" data-secret="BTMlnL2Bo8"><p><a href="https://jawanitales.com/bap-beti-sex/">मम्मी के जाने के बाद पापा ने चोदा &#8211; Bap Beti Sex</a></p></blockquote>
  791. <p><iframe class="wp-embedded-content" sandbox="allow-scripts" security="restricted"  title="&#8220;मम्मी के जाने के बाद पापा ने चोदा &#8211; Bap Beti Sex&#8221; &#8212; Jawani Tales" src="https://jawanitales.com/bap-beti-sex/embed/#?secret=3MYvmN9vb4#?secret=BTMlnL2Bo8" data-secret="BTMlnL2Bo8" width="600" height="338" frameborder="0" marginwidth="0" marginheight="0" scrolling="no"></iframe></p>
  792. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><strong>Bangalore Escorts</strong></a></p>
  793. <p><strong><a href="https://www.angelsharma.in/" target="_blank" rel="noopener">Delhi Escorts</a></strong></p>
  794. <p><a href="https://www.angelsharma.in/mahipalpur-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Mahipalpur Escorts</strong></a></p>
  795. <p><a href="https://www.angelsharma.in/aerocity-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Aerocity Escorts</strong></a></p>
  796. ]]></content:encoded>
  797. </item>
  798. <item>
  799. <title>माँ को बस में गरम करके गांव लेजाकर चोदा &#8211; Maa Ko Choda</title>
  800. <link>https://jawanitales.com/maa-ko-choda/</link>
  801. <dc:creator><![CDATA[Jawani Tales]]></dc:creator>
  802. <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 09:13:39 +0000</pubDate>
  803. <category><![CDATA[Antarvasna Sex Stories]]></category>
  804. <category><![CDATA[Desi Sex Story]]></category>
  805. <category><![CDATA[Hindi Sex Story]]></category>
  806. <category><![CDATA[Mother Son Sex]]></category>
  807. <guid isPermaLink="false">https://jawanitales.com/?p=424</guid>
  808.  
  809. <description><![CDATA[Maa Ko Choda &#8211; मेरा नाम सौरभ है। आपने मेरी मॉम को देख कर कोई नहीं कह सकता कि वो 46 साल की हैं। उनकी चौड़ी गांड और उभरी हुई चूचियाँ किसी जवान औरत से कम नहीं लगतीं। मोहल्ले के मर्द उनकी तरफ उसी तरह देखते हैं, जैसे मैं भाभी या दीदी को देखता था।...]]></description>
  810. <content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://jawanitales.com/maa-ko-choda/"><strong>Maa Ko Choda</strong></a> <strong>&#8211;</strong> मेरा नाम सौरभ है। आपने मेरी मॉम को देख कर कोई नहीं कह सकता कि वो 46 साल की हैं। उनकी चौड़ी गांड और उभरी हुई चूचियाँ किसी जवान औरत से कम नहीं लगतीं। मोहल्ले के मर्द उनकी तरफ उसी तरह देखते हैं, जैसे मैं भाभी या दीदी को देखता था। और सच कहूँ तो, मैं खुद भी मॉम की गांड को कई बार ललचाई नजरों से देख चुका था।</p>
  811. <p>यह बात तब की है जब परिवार में गांव जाने का कार्यक्रम बना था। मॉम ने कहा –</p>
  812. <p>“सौरभ, कल गांव चलना है। पूजा-पाठ है चाचा के यहाँ।”</p>
  813. <p>मैंने मन ही मन सोचा कि गांव जाकर क्या करूंगा। भाभी और दीदी तो यहीं रुक रही थीं। लेकिन फिर मैंने कहा –</p>
  814. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  815. <p>“प्रीति दीदी को भी साथ ले चलो, मॉम।”</p>
  816. <p>मॉम ने साफ मना कर दिया –</p>
  817. <p>“उसके एग्जाम चल रहे हैं। तुम ही चलो।”</p>
  818. <p>उस वक्त मुझे समझ नहीं आया कि मॉम के साथ इस सफर में मुझे क्या मिलने वाला था। मैंने बस हामी भर दी।</p>
  819. <p>रात को मैंने दीदी के कमरे में जाकर उसे बताया कि हम मॉम के साथ गांव जा रहे हैं। दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा –</p>
  820. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  821. <p>“तुम मॉम की गांड घूरते हो, मैंने देखा है। तो क्यों न गांव जाकर उसी को पटाने की कोशिश करो?”</p>
  822. <p>पहले तो मैं चौंक गया लेकिन फिर यह सोचकर मुस्कुराया कि दीदी की बात गलत भी नहीं थी।</p>
  823. <p>शाम को हम लोग डिपो पहुँच गए। 8 बजे वाली बस से हमें गांव जाना था। मैं और मॉम बस में चढ़े।</p>
  824. <p>Are You looking for &#8220;<a href="https://bangalorestreetgirl.com/" target="_blank" rel="noopener"><b>Bangalore Escorts</b></a>&#8221; ?</p>
  825. <h2 style="text-align: center;">माँ को बस में गरम करके गांव लेजाकर चोदा &#8211; Maa Ko Choda</h2>
  826. <p><a href="https://sweetysharma.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-476 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai-1024x342.webp" alt="Maa Ko Choda" width="640" height="214" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai-1024x342.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai-300x100.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai-768x256.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai-850x284.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Ki-Chudai.webp 1397w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  827. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ko Choda</strong></p>
  828. <p>मॉम ने पीली रंग की साड़ी पहनी थी, जो उनके भारी चूतड़ को और उभार रही थी। उन्होंने नीचे पिंक ब्लाउज पहन रखा था। मैं पीछे वाली सीटों की तरफ गया और मॉम को खिड़की के पास बैठा दिया। मैं खुद उनके बगल में बैठ गया।</p>
  829. <p>बस में ज्यादा भीड़ नहीं थी। कुछ यात्री आगे की सीटों पर थे और कुछ लोग सीट पकड़ कर सोने की तैयारी कर रहे थे। ड्राइवर और कंडक्टर आपस में हंसी-मज़ाक कर रहे थे।</p>
  830. <p>“आज तो आधी बस ही खाली है, लगता है आराम की सवारी होगी,” कंडक्टर ने ड्राइवर से कहा।</p>
  831. <p>मैंने धीरे से मॉम के कान में कहा –</p>
  832. <p>“आराम से तो मैं करूंगा आज।”</p>
  833. <p>मॉम ने मेरी तरफ देखा और हल्की मुस्कान दी। उन्होंने शायद मेरी बात का मतलब नहीं समझा था, या समझकर भी अनदेखा कर दिया था।</p>
  834. <p>बस धीरे-धीरे चलने लगी और लाइट बंद कर दी गई।</p>
  835. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  836. <p>जब बस ने पहला गड्ढा लिया, तो मैं झटका खाकर मॉम के करीब आ गया। मेरा हाथ उनकी जांघ पर टिक गया। मैंने जानबूझकर अपना हाथ वहीं रखा।</p>
  837. <p>मॉम ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बस की हलचल के बीच मेरा हाथ धीरे-धीरे उनकी जांघों पर ऊपर नीचे खिसकने लगा।</p>
  838. <p>“बस ध्यान से बैठ, हाथ मत मार इधर-उधर,” मॉम ने हँसते हुए कहा।</p>
  839. <p>लेकिन उनकी आवाज़ में विरोध नहीं था।</p>
  840. <p>कुछ समय बाद मैंने अपना सिर मॉम के कंधे पर रख दिया और आँखें बंद कर लीं, जैसे मैं थका हुआ हूँ।</p>
  841. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  842. <p>बस में हल्की-हल्की खड़खड़ाहट हो रही थी। आगे बैठे एक आदमी ने कंडक्टर से पूछा –</p>
  843. <p>“भाई, ये बस कितने बजे तक पहुंचेगी गांव?”</p>
  844. <p>कंडक्टर ने जवाब दिया –</p>
  845. <p>“रात 12 बजे तक पहुँच जाएंगे, कोई रुकावट न हुई तो।”</p>
  846. <p>मैंने धीरे-धीरे अपना हाथ खिसकाया और मॉम की साड़ी के ऊपर से उनकी जांघों को दबाया। इस बार मॉम ने मेरी तरफ देखा, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा।</p>
  847. <p>जब बस ने फिर झटका खाया, तो मेरा हाथ उनकी चूत के और करीब पहुँच गया। मैंने हल्के से अपनी उंगलियां उनकी जांघों के बीच घुसा दीं। मॉम ने धीरे से मेरा हाथ हटाया, लेकिन उनकी पकड़ बहुत ढीली थी।</p>
  848. <p>मुझे समझ आ गया कि खेल शुरू हो चुका है।</p>
  849. <p>करीब आधे घंटे बाद बस ने किसी ढाबे के पास ब्रेक लिया। ड्राइवर और कंडक्टर दोनों बाहर चाय पीने चले गए।</p>
  850. <p><a href="https://ishadas.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-406 size-full" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-beta-hindi-sex-stories.webp" alt="" width="870" height="480" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-beta-hindi-sex-stories.webp 870w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-beta-hindi-sex-stories-300x166.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-beta-hindi-sex-stories-768x424.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-beta-hindi-sex-stories-850x469.webp 850w" sizes="(max-width: 870px) 100vw, 870px" /></a></p>
  851. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ko Choda</strong></p>
  852. <p>मॉम ने भी खिड़की से बाहर झाँका, लेकिन वो कहीं नहीं उतरीं।</p>
  853. <p>मैंने धीरे से उनके कान में कहा –</p>
  854. <p>“मॉम, बाहर चाय नहीं पीनी?”</p>
  855. <p>मॉम ने हंसते हुए कहा –</p>
  856. <p>“नहीं”</p>
  857. <p>बस फिर से चल पड़ी। इस बार मैंने मॉम की साड़ी के अंदर हाथ डाल दिया। मेरी उंगलियां उनकी नंगी जांघों तक पहुँच चुकी थीं। मैंने महसूस किया कि उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी।</p>
  858. <p>मॉम ने धीरे से मेरी तरफ देखा और हल्की आवाज़ में कहा –</p>
  859. <p>“सौरभ, कुछ मत कर, लोग देख लेंगे।”</p>
  860. <p>मैंने बस मुस्कुराते हुए अपना सिर उनके गोद में रख लिया। अब मेरी नाक उनके ब्लाउज के पास थी, और उनकी खुशबू मुझे और उत्तेजित कर रही थी।</p>
  861. <p>मैं मॉम की गोद में सिर रखे हुए था, और उनकी भीनी खुशबू मुझे और पागल कर रही थी। बस की लाइट अब पूरी तरह बंद थी, सिर्फ खिड़की से आती हल्की चांदनी सीटों पर पड़ रही थी।</p>
  862. <p>मॉम ने धीरे से मेरी पीठ पर हाथ फेरा, जैसे मैं सच में थक कर सो गया हूँ। लेकिन मेरी सांसों की रफ़्तार बता रही थी कि मैं सोने का नाटक कर रहा था।</p>
  863. <p>बस के अगले झटके के साथ मैं और करीब खिसक गया, मेरा चेहरा अब उनकी चूचियों के ठीक नीचे था। मैंने धीरे से अपनी नाक उनके ब्लाउज के पास घुमाई। मॉम ने हल्की करवट बदली लेकिन मुझे हटाया नहीं।</p>
  864. <p>“सौरभ… ठीक से बैठो,” उन्होंने धीरे से कहा, लेकिन उनकी आवाज में नर्मी थी, कोई सख्ती नहीं।</p>
  865. <p>मैंने हल्के से उनकी जांघों पर हाथ रखा और उंगलियां उनकी साड़ी के अंदर घुसा दीं। मेरी उंगलियां अब उनके चिकने बदन को छू रही थीं।</p>
  866. <p>मॉम की सांसें तेज होने लगी थीं, लेकिन उन्होंने फिर भी मुझे रोका नहीं।</p>
  867. <p>बस के एक और झटके के साथ मैंने अपनी उंगलियां उनकी चूत के और करीब कर दीं। अब मैं साफ-साफ महसूस कर सकता था कि मॉम पूरी तरह भीग चुकी थीं।</p>
  868. <p>“सौरभ… मत कर… कोई देख लेगा…” मॉम ने धीरे से मेरा हाथ पकड़ लिया, लेकिन उन्होंने उसे हटाया नहीं।</p>
  869. <p><a href="https://lovetonights.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-366 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-1024x534.webp" alt="" width="640" height="334" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-1024x534.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-300x156.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-768x400.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-1536x801.webp 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-850x443.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex.webp 1734w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  870. <p><strong>Maa Ko Choda</strong></p>
  871. <p>मैंने और करीब खिसकते हुए उनके कान में फुसफुसाया –</p>
  872. <p>“मॉम… आप बहुत सुंदर हो… मुझे रोक क्यों रही हो?”</p>
  873. <p>उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, बस हल्की सांसें लेती रहीं।</p>
  874. <p>आगे की सीट पर बैठे दो आदमी आपस में हंसी-मजाक कर रहे थे।</p>
  875. <p>“भाई, ये ड्राइवर बड़ा आलसी है। हर ढाबे पर रुक जाता है,” एक ने कहा।</p>
  876. <p>“अरे, रुकने दो, आराम से पहुँचना है,” दूसरे ने जवाब दिया।</p>
  877. <p>उनकी बातें सुनकर मैं मुस्कुराया। मॉम ने मेरी हंसी महसूस की और धीरे से मेरी तरफ देखा।</p>
  878. <p>“क्या चल रहा है तेरे दिमाग में?” मॉम ने पूछा।</p>
  879. <p>मैंने उनकी जांघ पर उंगलियां फेरते हुए कहा –</p>
  880. <p>“बस यही सोच रहा हूँ कि आज की रात बहुत लंबी है।”</p>
  881. <p>मॉम ने हल्की मुस्कान दी और बाहर देखने लगीं, लेकिन मैंने देखा कि उनकी नजरें अब बार-बार मुझपर पड़ रही थीं।</p>
  882. <p>थोड़ी देर बाद बस फिर गड्ढे से गुजरी, और इस बार मैंने मॉम के ब्लाउज के ऊपर से उनकी चूचियों को हल्के से दबा दिया। मॉम के शरीर में हल्का झटका लगा लेकिन उन्होंने कोई विरोध नहीं किया।</p>
  883. <p>“सौरभ… मत करो…” उन्होंने फिर धीरे से कहा, लेकिन उनकी आवाज में वह मजबूती नहीं थी जो होनी चाहिए थी।</p>
  884. <p>मैंने धीरे-धीरे उनके ब्लाउज के अंदर हाथ डाल दिया और उनकी निप्पल को छू लिया।</p>
  885. <p>“आह…” मॉम के मुंह से हल्की आवाज निकली, लेकिन उन्होंने मुंह पर हाथ रख लिया ताकि कोई सुन न सके।<br />
  886. मैंने धीरे से उनके कान में कहा –</p>
  887. <p>“मॉम, आज कोई रोकने वाला नहीं है।”</p>
  888. <p>मॉम ने धीरे से मेरी ओर देखा, उनकी आँखों में एक अलग सा नशा था।</p>
  889. <p>अब मेरा हाथ मॉम के ब्लाउज के अंदर था, और मैं उनकी निप्पल को हल्के-हल्के मसल रहा था। मॉम ने अपनी टांगें थोड़ी और फैला दीं, जिससे मेरा हाथ उनकी चूत के और करीब आ गया।</p>
  890. <p>मुझे साफ महसूस हुआ कि मॉम पूरी तरह तैयार थीं।</p>
  891. <p>“बस ध्यान रखना… कोई देख न ले,” उन्होंने धीरे से कहा और अपनी आंखें बंद कर लीं।</p>
  892. <p>अब बस में हल्की आवाजें आ रही थीं, लेकिन मैं और मॉम अपनी ही दुनिया में थे।</p>
  893. <p>करीब आधे घंटे बाद बस फिर एक ढाबे पर रुकी। इस बार ड्राइवर ने कहा –</p>
  894. <p>“यहाँ आधे घंटे का ब्रेक है। चाय पानी कर लो।”</p>
  895. <p>मैंने मॉम की तरफ देखा और मुस्कुराया –</p>
  896. <p>“उतरें क्या?”</p>
  897. <p>मॉम ने हल्का सिर हिलाते हुए कहा –</p>
  898. <p>“नहीं… यहीं ठीक हूँ।”</p>
  899. <figure id="attachment_287" aria-describedby="caption-attachment-287" style="width: 640px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://midnightfinder.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="wp-image-287 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-1024x457.webp" alt="Chudai Ki Hindi Kahani" width="640" height="286" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-1024x457.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-300x134.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-768x342.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-1536x685.webp 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani-850x379.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Chudai-Ki-Hindi-Kahani.webp 1812w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a><figcaption id="caption-attachment-287" class="wp-caption-text"><strong>Maa Ko Choda</strong></figcaption></figure>
  900. <p>बस में अब सिर्फ हम दोनों थे, बाकी सारे लोग ढाबे पर चाय-सिगरेट पीने बाहर निकल गए थे। हल्की पीली रोशनी में बस की सीटों के बीच सन्नाटा पसरा हुआ था। खिड़की से आती चांदनी मॉम के चेहरे पर पड़ रही थी, जिससे उनका चेहरा और ज्यादा निखर रहा था।</p>
  901. <p>मैं मॉम के और करीब सरक गया। मेरा हाथ अब उनकी साड़ी के अंदर था और उनकी नंगी जांघों को सहला रहा था। मॉम ने मेरी तरफ देखा, लेकिन उनकी आँखों में कोई विरोध नहीं था।</p>
  902. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  903. <p>“सौरभ… कोई आ गया तो?” मॉम ने धीरे से कहा, लेकिन उनकी आवाज में कोई सख्ती नहीं थी।</p>
  904. <p>मैंने मुस्कुराते हुए कहा –<br />
  905. “कोई नहीं आएगा मॉम, सब लोग बाहर हैं… और अगर कोई आ भी गया तो हम संभाल लेंगे।”</p>
  906. <p>मॉम ने मेरी तरफ देखा और हल्की सांस भरकर खिड़की के बाहर देखने लगीं। मैं धीरे-धीरे उनकी साड़ी को ऊपर खिसकाने लगा। अब उनकी पूरी जांघें मेरी आँखों के सामने थीं।</p>
  907. <p>“तू बहुत बदल गया है सौरभ… पहले ऐसा नहीं था,” मॉम ने धीरे से कहा।</p>
  908. <p>मैंने उनके निप्पल को हल्के से दबाते हुए फुसफुसाया –<br />
  909. “मॉम, आप भी तो बहुत खूबसूरत हो… खुद को देखो ज़रा।”</p>
  910. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  911. <p>मॉम ने कुछ नहीं कहा, बस हल्का सा मुस्कुराईं।</p>
  912. <p>अब मेरी उंगलियां उनकी चूत के करीब पहुंच चुकी थीं। मैंने महसूस किया कि वो पूरी तरह गीली हो चुकी थीं। मॉम ने अपनी टांगें थोड़ा और फैला दीं।</p>
  913. <p>मैंने धीरे-धीरे उनकी चूत पर उंगलियां फेरनी शुरू कर दीं। मॉम की सांसें तेज हो गई थीं, लेकिन वो चुपचाप सीट पर बैठी थीं।</p>
  914. <p>तभी बस में ड्राइवर और कंडक्टर की हंसी की आवाज आई, जो बाहर खड़े होकर किसी मजाक पर हंस रहे थे। मॉम एकदम चौक गईं और मेरी उंगलियों को अपनी चूत से हटाने लगीं।</p>
  915. <p>“सौरभ… बस कर, कोई देख लेगा,” मॉम ने धीरे से कहा, लेकिन उनकी पकड़ ढीली थी।</p>
  916. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  917. <p>मैंने मॉम की तरफ देखा और उनके कान में फुसफुसाया –<br />
  918. “कोई नहीं देखेगा मॉम… सब बाहर हैं।”</p>
  919. <p>मॉम ने हल्के से सिर हिलाया और मेरी उंगलियों को फिर से चूत के पास आने दिया।</p>
  920. <p>मैंने धीरे से मॉम की साड़ी और ऊपर कर दी, जिससे उनकी चूत साफ दिखाई देने लगी। मॉम ने पैंटी नहीं पहनी थी, और उनकी चिकनी चूत मुझे और पागल कर रही थी।</p>
  921. <p>मैंने हल्के से उनके होंठों को चूमा। मॉम ने कुछ सेकंड तक कुछ नहीं किया, फिर धीरे से मेरी पीठ पर हाथ फेरने लगीं।</p>
  922. <p>अब मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था, और मॉम भी इसे महसूस कर रही थीं।</p>
  923. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  924. <p>“तू पागल है सौरभ…” मॉम ने मुस्कुराते हुए कहा।</p>
  925. <p>मैंने उनकी चूत पर धीरे से उंगली घुमाते हुए कहा –<br />
  926. “हाँ मॉम… और इसके लिए सिर्फ आप ज़िम्मेदार हो।”</p>
  927. <p>मॉम ने हल्की सिसकारी ली, लेकिन उन्होंने मुझे रोकने की कोशिश नहीं की।</p>
  928. <p>तभी अचानक बस के अंदर लाइट जल गई।</p>
  929. <p>ड्राइवर और कुछ यात्री बस में वापस आ रहे थे। मॉम ने तेजी से अपनी साड़ी ठीक की और बैठ गईं, जैसे कुछ हुआ ही न हो। मैं भी सीधा बैठ गया, लेकिन मेरी आँखें अब भी मॉम की तरफ ही थीं।</p>
  930. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  931. <p>ड्राइवर ने बस चलानी शुरू की, और मॉम ने मेरी तरफ देखा।</p>
  932. <p>“अभी नहीं सौरभ… गांव पहुँचकर बात करेंगे,” मॉम ने फुसफुसाकर कहा और मुस्कुराईं।</p>
  933. <p>मैंने सिर हिलाया, लेकिन मेरी नजरें उनकी चूचियों पर ही टिकी थीं।</p>
  934. <figure id="attachment_120" aria-describedby="caption-attachment-120" style="width: 640px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://zarakhaan.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="wp-image-120 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-1024x509.png" alt="Naukrani Sex" width="640" height="318" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-1024x509.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-300x149.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-768x382.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-1536x763.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex-850x422.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Naukrani-Sex.png 1888w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a><figcaption id="caption-attachment-120" class="wp-caption-text"><strong>Maa Ko Choda</strong></figcaption></figure>
  935. <p>बस धीमे-धीमे आगे बढ़ रही थी। अब तक सभी यात्री वापस अपनी सीटों पर आ चुके थे। बस के भीतर हल्की फुसफुसाहट और सीटों की चरमराहट के अलावा कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। लेकिन मेरे लिए माहौल कुछ और ही था – मॉम की गर्म सांसें, उनके उभार और उनका स्पर्श अब तक मेरे बदन में एक अजीब सी सिहरन पैदा कर रहे थे।</p>
  936. <p>इसे भी पढ़ें ये दिल चूत चुदाई का हुआ आशिकी<br />
  937. मॉम खिड़की के बाहर देख रही थीं, लेकिन मैं उनकी ओर ही देख रहा था। मेरी नजरें बार-बार उनकी साड़ी के नीचे झांकने की कोशिश कर रही थीं। वो अब भी शांत बैठी थीं, लेकिन उनकी सांसों की हल्की आवाज़ मुझे सुनाई दे रही थी।</p>
  938. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  939. <p>थोड़ी देर बाद मैंने धीरे से मॉम के हाथ पर अपना हाथ रख दिया। मॉम ने मेरी तरफ देखा लेकिन उन्होंने हाथ नहीं हटाया।</p>
  940. <p>“गांव पहुंचने में कितना समय और लगेगा?” मैंने धीरे से पूछा।</p>
  941. <p>मॉम ने हल्की मुस्कान के साथ जवाब दिया –<br />
  942. “अभी दो घंटे बाकी हैं… आराम से बैठ जा।”</p>
  943. <p>लेकिन मैं आराम से बैठने के मूड में नहीं था।</p>
  944. <p>मैंने मॉम के हाथ को सहलाते हुए उनकी उंगलियों को अपने हाथ में ले लिया। मॉम ने मेरी उंगलियों को हल्के से दबाया लेकिन कुछ कहा नहीं। बस के एक और झटके के साथ मैंने अपनी उंगलियां उनके ब्लाउज के पास रख दीं।</p>
  945. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  946. <p>“सौरभ, ये ठीक नहीं है…” मॉम ने धीमे से कहा, लेकिन उनकी आवाज़ में वो सख्ती नहीं थी जो विरोध को दर्शाए।</p>
  947. <p>मैंने उनकी ओर झुकते हुए फुसफुसाया –<br />
  948. “मॉम, कोई देख नहीं रहा… ”</p>
  949. <p>मॉम ने मेरी ओर देखा और हल्का सिर झुका लिया। उन्होंने मेरी बात का जवाब नहीं दिया, लेकिन उनकी आंखों में एक अलग सी चमक दिखी जो मुझे आगे बढ़ने का इशारा कर रही थी।</p>
  950. <p>अब बस में हल्की खामोशी थी, लेकिन मेरे और मॉम के बीच एक अलग ही खेल चल रहा था।</p>
  951. <p>मैंने धीरे से मॉम की साड़ी के ऊपर से उनकी जांघों पर हाथ रखा। मॉम ने एक पल के लिए मेरी ओर देखा लेकिन उन्होंने विरोध नहीं किया।</p>
  952. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  953. <p>मैंने हल्के-हल्के उनकी जांघों को सहलाना शुरू कर दिया।</p>
  954. <p>“सौरभ… बस ध्यान रखना, कोई देख न ले,” मॉम ने धीरे से कहा।</p>
  955. <p>मैंने सिर हिलाया और अपना हाथ धीरे-धीरे उनकी साड़ी के नीचे सरकाने लगा। मॉम ने धीरे-धीरे अपनी टांगों को थोड़ा सा फैला लिया, जिससे मेरे हाथ के लिए जगह बन गई।</p>
  956. <p>मुझे साफ महसूस हुआ कि मॉम की चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी।</p>
  957. <p>मेरा लंड अब पूरी तरह खड़ा हो चुका था और लोवर के अंदर मुझे चुभ रहा था।</p>
  958. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  959. <p>मैंने धीरे से मॉम के कान में फुसफुसाया –<br />
  960. “मॉम, देखो न… मेरा लंड कितना सख्त हो गया है।”</p>
  961. <p>मॉम ने मेरी तरफ देखा और हल्का मुस्कुराई।</p>
  962. <p>“तू तो पागल है सौरभ… अपने बेटे के साथ ये सब ठीक नहीं है,” उन्होंने कहा, लेकिन उनके होंठों की मुस्कान ने साफ कर दिया कि वो खुद भी पीछे हटने के मूड में नहीं थीं।</p>
  963. <p>बस के अगले झटके के साथ मैंने अपनी उंगलियां उनकी चूत के और करीब कर दीं।</p>
  964. <p>अब मेरी उंगलियां मॉम की चूत को सहला रही थीं। मॉम ने धीरे से अपनी आँखें बंद कर लीं और सीट के कोने की तरफ झुक गईं, ताकि कोई हमारी हरकतें न देख सके।</p>
  965. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  966. <p>“आह… सौरभ… बस धीरे,” मॉम ने हल्के से कराहते हुए कहा।</p>
  967. <p>मैंने उनकी चूत को हल्के-हल्के मसलते हुए उनकी निप्पल को भी ब्लाउज के ऊपर से दबा दिया। मॉम का पूरा बदन सिहर उठा था।</p>
  968. <p>आगे बैठे कुछ यात्री हंसते हुए बात कर रहे थे।</p>
  969. <p>“गांव पहुँचते ही पंडित जी की दावत मिल जाएगी,” एक आदमी ने कहा।</p>
  970. <p>“हां, और उनकी बेटी भी खूब प्यारी है,” दूसरे ने मजाक में कहा।</p>
  971. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  972. <p>उनकी बातें सुनकर मैं मुस्कुराया और मॉम के कान में फुसफुसाया –<br />
  973. “मॉम, क्या आपके गांव की औरतें भी इतनी प्यारी हैं?”</p>
  974. <p>मॉम ने मेरी ओर देखा और हल्की हंसी के साथ कहा –<br />
  975. “मुझे नहीं पता, लेकिन तू अब भी उन्हीं औरतों में दिलचस्पी ले रहा है?”</p>
  976. <p>मैंने उनके निप्पल को हल्का सा दबाया और कहा –<br />
  977. “नहीं मॉम, मुझे सिर्फ आपसे मतलब है।”</p>
  978. <p>थोड़ी देर बाद बस गांव के करीब पहुँचने लगी थी।</p>
  979. <p>मॉम ने धीरे से अपनी साड़ी ठीक की और बालों को समेटने लगीं।</p>
  980. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  981. <p>“अब बस करो सौरभ, घर पहुंचकर देख लेंगे,” मॉम ने धीमे स्वर में कहा।</p>
  982. <p>मैंने उनकी चूत पर एक आखिरी बार हाथ फेरा और मुस्कुराते हुए कहा –<br />
  983. “ठीक है मॉम, लेकिन रात को मेरे कमरे में आना मत भूलना।”</p>
  984. <p>मॉम ने हल्का सिर हिलाया और खिड़की से बाहर देखने लगीं।</p>
  985. <p>जब हम गांव पहुंचे तो रात के 12 बज रहे थे। चाचा बोलेरो लेकर हमें लेने पहुंचे थे।</p>
  986. <p>गाड़ी में बैठते समय मैंने मॉम के हाथ पर हल्का सा दबाव डाला और उन्होंने मेरी ओर देखा। उनकी आँखों में वही चमक थी जो बस में थी।</p>
  987. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  988. <p>“कल का दिन लंबा होगा मॉम… आप तैयार रहना,” मैंने कहा और मॉम हल्की मुस्कान के साथ गाड़ी में बैठ गईं।</p>
  989. <p>गांव का सफर खत्म हो चुका था, लेकिन हमारी कहानी अब शुरू हो रही थी।</p>
  990. <p>जब चाचा की बोलेरो घर के आंगन में रुकी, तो पूरा घर नींद में डूबा हुआ था। सिर्फ आंगन में हल्की रोशनी का एक बल्ब जल रहा था, जो घर की चौखट पर पड़े सामान और दीवारों पर हल्का सा अंधेरा फैला रहा था। चाचा ने धीरे से आवाज दी –</p>
  991. <p>“भाभी, सामान यहीं रख दो। सुबह देख लेंगे। अंदर चलिए, सब सो रहे हैं।”</p>
  992. <p>मॉम ने सिर हिलाया और मैं चुपचाप उनके पीछे चलते हुए सामान अंदर रखने लगा। चाचा ने हमें एक कमरे में ठहराया, जो आंगन के ठीक बगल में था।</p>
  993. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  994. <p>“आप आराम करो भाभी, मैं बाहर बरामदे में सो जाऊंगा।” चाचा ने कहा और बाहर चला गया।</p>
  995. <p>मॉम ने दरवाजा बंद कर दिया। कमरे में एक पुराना पंखा छत से लटक रहा था, जो धीमे-धीमे घूम रहा था। मैं चटाई बिछाकर लेट गया, लेकिन मेरी नजरें मॉम पर टिकी थीं।</p>
  996. <p>मॉम धीरे-धीरे अपनी साड़ी के पल्लू को ठीक कर रही थीं। उनका बदन सफर से थका हुआ था, लेकिन उनकी आंखों में जो गर्मी थी, वो मुझे साफ नजर आ रही थी।</p>
  997. <p>“अभी भी घूर रहा है?” मॉम ने मेरी ओर देखा और हल्की मुस्कान दी।</p>
  998. <p>“आप बहुत सुंदर लग रही हो मॉम… थक गई हो क्या?” मैंने धीरे से पूछा।</p>
  999. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  1000. <p>मॉम ने बिना जवाब दिए तकिए पर सिर रख लिया। उनके पल्लू का एक सिरा नीचे गिर गया, जिससे उनकी उभरी हुई चूचियां साफ दिखाई दे रही थीं।</p>
  1001. <p>मुझे अब और रुकना मुश्किल लग रहा था। मैं चुपचाप उनके पास गया और धीरे से उनके बालों को सहलाने लगा।</p>
  1002. <p>इसे भी पढ़ें होटल में देखी जापानी माँ बेटे की चुदाई<br />
  1003. “सौरभ… क्या कर रहा है?” मॉम ने हल्की आवाज में कहा, लेकिन उन्होंने मुझे हटाया नहीं।</p>
  1004. <p>मैं उनके गालों पर हल्का सा चुंबन दिया और उनकी साड़ी के पल्लू को एक ओर कर दिया।</p>
  1005. <p>“मॉम… आपको पता है न कि मैं खुद को रोक नहीं पा रहा?”</p>
  1006. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  1007. <p>मॉम ने अपनी आँखें बंद कर लीं और हल्की आवाज में फुसफुसाईं –<br />
  1008. “दरवाजा अंदर से बंद कर दे… कोई आ गया तो मुश्किल होगी।”</p>
  1009. <p>मैंने दरवाजे की कुंडी चढ़ा दी और वापस उनके पास आ गया।</p>
  1010. <p>कमरे में सिर्फ पंखे की आवाज थी। मैंने धीरे-धीरे मॉम की साड़ी को ऊपर खिसकाना शुरू किया। उनकी जांघें मेरे हाथों के नीचे थीं, गर्म और मुलायम।</p>
  1011. <p>मॉम ने अपनी टांगें हल्की फैला दीं, जिससे मेरे लिए रास्ता और आसान हो गया।</p>
  1012. <p>“सौरभ… तू सच में पागल हो गया है,” मॉम ने हल्की मुस्कान के साथ कहा, जब मैंने उनके ब्लाउज के हुक खोलने शुरू किए।</p>
  1013. <p><a href="https://bangalorerussianescorts.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-16 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-1024x561.png" alt="Couple Sex Story in Hindi" width="640" height="351" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-1024x561.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-300x164.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-768x421.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-1536x841.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi-850x466.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Couple-Sex-Story-in-Hindi.png 1884w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  1014. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ko Choda</strong></p>
  1015. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  1016. <p>मैंने कोई जवाब नहीं दिया, बस उनके होंठों को चूम लिया।</p>
  1017. <p>अब मेरा लंड लोवर के अंदर खड़ा हुआ था और मुझे तकलीफ दे रहा था। मॉम ने धीरे से हाथ बढ़ाकर मेरा लंड सहलाना शुरू किया।</p>
  1018. <p>“मॉम… आज मैं आपको पूरी तरह से अपना बना लूंगा,” मैंने उनके कान में कहा।</p>
  1019. <p>मॉम ने धीरे-धीरे मेरे लोवर को नीचे खींचा और मेरा लंड उनके चेहरे के करीब आ गया। उन्होंने हल्के हाथों से उसे पकड़ा और अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया।</p>
  1020. <p>“आह… मॉम… यही… ऐसे ही,” मैंने सिसकारी भरते हुए कहा।</p>
  1021. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  1022. <p>उनकी जीभ मेरे लंड के हर हिस्से को छू रही थी। मैं उनके बालों में हाथ फेरते हुए उनकी चूचियों को सहला रहा था।</p>
  1023. <p>कुछ मिनट तक चूसने के बाद मैंने मॉम को बिस्तर पर लेटा दिया। उनकी चूत पहले से ही गीली थी।</p>
  1024. <p>“अभी मत करना… धीरे-धीरे,” मॉम ने फुसफुसाते हुए कहा, जब मैंने अपना लंड उनकी चूत के पास लगाया।</p>
  1025. <p>मैंने धीरे-धीरे लंड उनकी चूत के अंदर डालना शुरू किया। मॉम ने अपनी आँखें बंद कर लीं और अपनी टांगें मेरी कमर के चारों ओर लपेट लीं।</p>
  1026. <p>“आह… सौरभ… धीरे…” मॉम ने कहा, जब मेरा लंड पूरी तरह उनकी चूत में घुस गया।</p>
  1027. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  1028. <p>मैं अब लगातार उनकी चूत को चोद रहा था। मॉम ने अपनी चूचियों को खुद पकड़ लिया और अपने निप्पल मसलने लगीं।</p>
  1029. <p>“तेरा लंड बहुत बड़ा है सौरभ… आह…” मॉम कराहते हुए बोलीं।</p>
  1030. <p>मैंने उनकी टांगें अपने कंधे पर रखीं और जोर-जोर से चुदाई करने लगा।</p>
  1031. <p>करीब 15 मिनट तक लगातार चुदने के बाद मैंने मॉम की चूत के अंदर ही अपना पानी छोड़ दिया। मॉम ने भी तेज सिसकारी ली और मुझे अपनी ओर खींच लिया।</p>
  1032. <p>हम दोनों पसीने से भीगे हुए थे। मैंने मॉम के होंठों को चूमा और उनके बगल में लेट गया।</p>
  1033. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  1034. <p>“सौरभ… तू अब मेरा बेटा नहीं, मेरा मर्द है,” मॉम ने मुस्कुराते हुए कहा और मेरे सीने पर हाथ फेरने लगीं।</p>
  1035. <p>सुबह चाचा ने दरवाजे पर दस्तक दी, जिससे हमारी नींद खुल गई। मॉम ने जल्दी से साड़ी ठीक की और दरवाजा खोलने चली गईं।</p>
  1036. <p>लेकिन मेरी नजरें मॉम की गांड पर टिकी थीं…</p>
  1037. <p>जब चाचा दरवाज़े से लौट गए, मॉम ने दरवाज़ा धीरे से बंद किया और मेरी ओर देखा। उनकी आंखों में रात की गर्मी अभी भी बाकी थी। वो हल्के कदमों से मेरे पास आईं और मेरे बगल में लेट गईं।</p>
  1038. <p>मैंने उनके बालों को सहलाते हुए कहा,<br />
  1039. “मॉम, आपको पता है… आप अकेली नहीं हो जिसके साथ मैंने ये सब किया है।”</p>
  1040. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  1041. <p>मॉम ने मेरी तरफ देखा, उनकी भौंहें हल्की सी उठीं।<br />
  1042. “मतलब?” मॉम ने पूछा।</p>
  1043. <p>मैंने उनकी चूचियों को धीरे से सहलाते हुए कहा,<br />
  1044. “आपको नहीं लगता कि भाभी और दीदी भी बहुत सेक्सी हैं?”</p>
  1045. <p>मॉम का चेहरा हल्का सा लाल हो गया, लेकिन उन्होंने विरोध नहीं किया।<br />
  1046. “सौरभ… तू क्या कहना चाहता है?”</p>
  1047. <p>मैं मॉम के निप्पल को अपनी उंगलियों से मसलते हुए मुस्कुराया।<br />
  1048. “भाभी और दीदी को भी मैंने कई बार चोदा है… और भाभी तो खुद चाहती थी कि मैं दीदी को पटाऊं।”</p>
  1049. <p>मॉम के होंठ हल्के से फड़फड़ाए, लेकिन उनकी सांसें तेज हो गई थीं।<br />
  1050. “क्या सच में? प्रीति और प्रिया के साथ?”</p>
  1051. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  1052. <p>मैंने मॉम के होंठों को चूमते हुए कहा,<br />
  1053. “हां मॉम… प्रिया भाभी ने खुद मुझे सिखाया कि कैसे औरत को खुश किया जाता है।”</p>
  1054. <p>मॉम ने अपनी आँखें बंद कर लीं और हल्की सिसकारी ली जब मेरी उंगली उनकी चूत के अंदर गई।<br />
  1055. “प्रीति… तेरी अपनी बहन है… और तूने उसे भी चोदा?”</p>
  1056. <p>मैंने हल्के से उनके कान में फुसफुसाया,<br />
  1057. “हाँ मॉम… पहली बार प्रिया भाभी ने मुझे बहन के कमरे में भेजा था। प्रीति भी चुदने को तैयार थी। उसने खुद अपनी पैंटी उतारी थी।”</p>
  1058. <p>मॉम का बदन धीरे-धीरे मचलने लगा था। मैंने उनकी चूत पर उंगली तेज़ी से घुमाई और कहा,<br />
  1059. “आपको पता है मॉम… प्रीति की चूत भी उतनी ही टाइट है जितनी आपकी है।”</p>
  1060. <p>मॉम ने मेरी ओर देखा, उनकी आँखों में जलन और उत्तेजना दोनों दिख रही थीं।<br />
  1061. “तूने सच में अपनी बहन को भी चोदा है सौरभ…?”</p>
  1062. <p><a href="https://bestescortsinbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-30 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Cheating-Girlfriend-Sex-Story-1024x561.png" alt="Cheating Girlfriend Sex Story" width="640" height="351" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Cheating-Girlfriend-Sex-Story-1024x561.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Cheating-Girlfriend-Sex-Story-300x164.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Cheating-Girlfriend-Sex-Story-768x421.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Cheating-Girlfriend-Sex-Story-1536x841.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Cheating-Girlfriend-Sex-Story-850x466.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/01/Cheating-Girlfriend-Sex-Story.png 1884w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  1063. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ko Choda</strong></p>
  1064. <p><em>आप यह <strong>Maa Ko Choda</strong> हमारी वेबसाइट <strong>jawanitales.com</strong> पर पढ़ रहे है।</em></p>
  1065. <p>मैंने हल्की मुस्कान दी और कहा,<br />
  1066. “हां मॉम… और आज आप मेरी आखिरी औरत होंगी। अब इस परिवार में कोई ऐसा नहीं बचा जिसे मैंने चोदा न हो।”</p>
  1067. <p>मॉम ने मेरी ओर देखा और धीरे-धीरे मेरे लंड को अपने हाथ में लिया।<br />
  1068. “फिर तो मुझे देखना पड़ेगा कि तू कितना मर्द बना है,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा।</p>
  1069. <p>मैंने मॉम को पलट दिया और पीछे से उनकी गांड पर कसकर पकड़ बनाई।<br />
  1070. “आज आपको दिखाऊंगा कि भाभी और दीदी ने मुझे क्या सिखाया है,” मैंने कहा और अपना लंड उनकी चूत में धकेल दिया।</p>
  1071. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><strong>Bangalore Escorts</strong></a></p>
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  1073. <p><a href="https://www.angelsharma.in/mahipalpur-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Mahipalpur Escorts</strong></a></p>
  1074. <p><a href="https://www.angelsharma.in/aerocity-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Aerocity Escorts</strong></a></p>
  1075. ]]></content:encoded>
  1076. </item>
  1077. <item>
  1078. <title>गलतफहमी में माँ ने मुझसे चुदाई करवा &#8211; Mom Hindi Sex Story</title>
  1079. <link>https://jawanitales.com/mom-hindi-sex-story/</link>
  1080. <dc:creator><![CDATA[Jawani Tales]]></dc:creator>
  1081. <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 09:07:29 +0000</pubDate>
  1082. <category><![CDATA[Hindi Sex Story]]></category>
  1083. <category><![CDATA[Mother Son Sex]]></category>
  1084. <category><![CDATA[Sex Stories]]></category>
  1085. <guid isPermaLink="false">https://jawanitales.com/?p=420</guid>
  1086.  
  1087. <description><![CDATA[आजका यह काहानी Mom Hindi Sex Story​ इतना रोमांचक है की आप लंड हिलाने पर मजबूर हो जाओगे। इस कहानी मे मेने एक ऐसे माँ और बेटे की चुदाई के बारे मे बताया है जो असली है। Mom Hindi Sex Story काहनी की शुरुवात अभी शादी का मौसम चल रहा है और हर घर मे...]]></description>
  1088. <content:encoded><![CDATA[<p>आजका यह काहानी <a href="https://jawanitales.com/mom-hindi-sex-story/"><strong>Mom Hindi Sex Story​</strong></a> इतना रोमांचक है की आप लंड हिलाने पर मजबूर हो जाओगे। इस कहानी मे मेने एक ऐसे माँ और बेटे की चुदाई के बारे मे बताया है जो असली है।</p>
  1089. <p><strong>Mom Hindi Sex Story</strong> काहनी की शुरुवात</p>
  1090. <p>अभी शादी का मौसम चल रहा है और हर घर मे कोई ना कोई शादी मे जरूर जा रहा है। ऐसे मे मेरे ही घर के पास एक लड़का का शादी था तो उन्होंने हमें बुलाया था।</p>
  1091. <p>शाम को पाओ मैं और माँ पास के घर मे गए थे। कुछ समय बाद पटा चला की वो लोग शादी घर मे नहीं वल्कि कहीं और करेंगे। उन्होंने कहीं और हॉल बुकिंग किआ था।</p>
  1092. <p>इस चक्कर मे हम सबको जाना पड़ा लेकिन माँ घर पर आई और थोड़ा अच्छे से सजधज कर बाहार निकली। जाली वाला साड़ी पहनी हुई थी और आधा कटा हुआ ब्लाउज।</p>
  1093. <p>हाथ ऊपर करती थी तो बगल का कला रंग दिखाई दे रहा था और मेरा लंड उसे देख कर खड़ा हो रहा था। मेने जेसे तैसे खुद को काबू किआ। और गाडी मे बैठ कर हॉल केलिए निकले।</p>
  1094. <p>बगल मे माँ बैठी हुई थी और उनका चूचियाँ मेरे हाथ मे घिस रहे थे। मेरे लंड से धीरे धीरे पानी निकल रहा था और मैं मदहोस हो रहा था। मेने जानबूझ कर अपना हाथ को जोर से दबा देता था और माँ कुछ बोली नहीं।</p>
  1095. <p>हलाकि यह सब एक बाहाना था और गाडी मे यह सब होता ही है। लेकिन मेरे अंदर क्या आग लगी है वो तो किसीको पता ही नहीं था। कुछ समय बाद हॉल आ गया और हम सब अपने अपने कमरे मे चले गए।<br />
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  1097. <h2 style="text-align: center;">गलतफहमी में माँ ने मुझसे चुदाई करवा &#8211; Mom Hindi Sex Story</h2>
  1098. <p><a href="https://nehamari.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-481 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Mom-Hindi-Sex-Story-1024x438.webp" alt="Mom Hindi Sex Story" width="640" height="274" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Mom-Hindi-Sex-Story-1024x438.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Mom-Hindi-Sex-Story-300x128.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Mom-Hindi-Sex-Story-768x328.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Mom-Hindi-Sex-Story-850x363.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Mom-Hindi-Sex-Story.webp 1397w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  1099. <p style="text-align: center;"><strong>Mom Hindi Sex Story</strong></p>
  1100. <p>Mom Hindi Sex Story आगे की काहानी</p>
  1101. <p>अब हर पतिवार को एक कमरा दिआ गया था और लड़कों केलिए एक अलग से कमरा दिआ गया था। माँ और पापा दोनों कमरे मे चले गए और मैं अपने दोस्तों के साथ अलग कमरे मे गया।</p>
  1102. <p>करीब दो घंटे बाद मैं अपने वाले कमरे मे आया तो माँ अकेली थी। और थोड़ी उदास भी थी। मेने उनसे पूछा तो उन्होंने बताया की पापा और उनके दोस्त मिल कर दारु पिने गए हैँ।</p>
  1103. <p>मुझे पता था दारु पिने के बाद पापा कभी कमरे मे आएंगे ही नहीं। इसलिए मेने सोचा क्यों ना आज ही वो चीज किआ जाए जो मैं कई दिनों से करना चाहता था।</p>
  1104. <p>मेने बोला:- तो क्या हुआ माँ आ जायेंगे परेशान क्यों हो?</p>
  1105. <p>माँ:- वो तो आ जाएंगे लेकिन उन्हें संभालेगा कौन!</p>
  1106. <p>मैं:- कोई बात नहीं आएंगे और सो जाएंगे।</p>
  1107. <p>माँ:- अगर दारु होता ना मैं भी पीकर आज दिखाती तेरे पापा को।</p>
  1108. <p>मैं:- सच मे पीना है तो मैं ले आता हूँ दारु!</p>
  1109. <p>माँ:- बेहूड़ा का बेटा बेहूड़ा ही होगा, तू भी पी कर आया है ना।</p>
  1110. <p>मैं:- थोड़ी सी पी है माँ, आपको पीना है तो bolo लाके देता हूँ।</p>
  1111. <p>माँ:- लेकिन तेरे पापा को पता चलेगा तो गुसा करेंगे।</p>
  1112. <p>मैं:- कैसे पता चलेगा आज तो वो भी पी कर टुल है। आप बैठो मैं लेके आता हूँ।</p>
  1113. <p>मैं बाहार गया और एक आधा बोतल दारु लेकर आ गया। अब बारी थी दारु पिने की। तो मेने दरवाजा बंद किआ और ग्लास मे दारु डाल कर पिने लगे।</p>
  1114. <p>कुछ देर बाद मेने देखा की माँ हंस रही थी और अपना साड़ी का पल्लू निचे गिरा दी थी। सिर्फ ब्लाउज मे वो किसी रण्डी की तरह लग रही थी। मन कर रहा था की अभी सब कुछ ले लूं।</p>
  1115. <p>और मुझे खुद पर भी काबू नहीं राहा, इसलिए मेने माँ की साड़ी को उठाया और बाहाना करके चूचि को दबा दिआ। फिर बाहना करके ब्लाउज के साइड से ऊँगली घुसा दिआ।</p>
  1116. <p>माँ:- क्या कर राहा है रहने दे ना।</p>
  1117. <p>मैं:- अरे साड़ी गिरी हुई है सही तो कर लो।</p>
  1118. <p>माँ:- साड़ी गिरी हुई है क्या छोडो खोल देती हूँ कमरे मे क्या साड़ी पेहेनना।</p>
  1119. <p>मैं:- लेकिन क्यों पहनी रहो ना।</p>
  1120. <p>माँ:- अरे गर्मी लग रही है तुझे क्या प्रॉब्लम है।</p>
  1121. <p>मैं:- ठीक है जो करना है करो और क्या।</p>
  1122. <p>Mom Hindi Sex Story​ माँ ने अपनी साडी खुला</p>
  1123. <p>मेने देखा की माँ ने अपनी साड़ी खोल दी और लाल रंग का पेटीकोट सामने दिख गया। आधा कटा हुआ ब्लाउज और लाल रंग का पेटीकोट। ऊपर से दोनों के बिच मे पेट क़यामत ढा रही थी।</p>
  1124. <p><a href="https://rentadolls.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-465 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Story-1024x508.webp" alt="" width="640" height="318" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Story-1024x508.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Story-300x149.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Story-768x381.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Story-850x422.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Story.webp 1284w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  1125. <p style="text-align: center;"><strong>Mom Hindi Sex Story</strong></p>
  1126. <p>और मैं यह भी समझ गया था की माँ अभी नशे मे है उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है। तो मेने हिम्मत दिखाया और माँ को पकड़ना शुरू किआ। बाहने से मेने माँ को बोला।</p>
  1127. <p>मैं:- आपको नशा हो गया है सो जाओ।</p>
  1128. <p>माँ:- नशा मुझे? अभी तो कुछ नहीं हुआ है।</p>
  1129. <p>मैं:- आप गलत बातें कर रही हो।</p>
  1130. <p>माँ:- क्या बात किआ मेने?</p>
  1131. <p>मैं:- आप नंगी हो रही हो मेरे सामने।</p>
  1132. <p>माँ:- सच मे मेने सब दिखा दिआ क्या?</p>
  1133. <p>मैं:- हाँ सब देख लिआ मेने आपका सो जाई अब।</p>
  1134. <p>माँ:- किसीको बताना नहीं प्लीज यह सब नशे मे हुआ बेटा।</p>
  1135. <p>मैं:- हाँ नहीं बताऊँगा लेकिन मेरा क्या जो दिखाई हो उसे देख कर तो…..</p>
  1136. <p>माँ:- क्या हुआ खड़ा हो गया क्या?</p>
  1137. <p>मैं:- हाँ कैसे बात कर रही हो आप मैं बेटा हूँ.</p>
  1138. <p>माँ:- अरे छोड़ ना आज़ा मेरे पास दिखा तो क्या हुआ है मेरे बेटे को।</p>
  1139. <p>मैं:- रहने दो माँ यह गलत है।</p>
  1140. <p>माँ:- अरे चुप बचपन से देखा है तुझे नंगा अभी लंड दिखाने मे शर्मा रहा है, दिखा चल।</p>
  1141. <p>मैं:- यह लो देख लो।</p>
  1142. <p>मेने अपना लंड निकाला और माँ के सामने रख दिआ। मुझे पता था अब चुदाई बिना आजका रात नहीं काटने वाला। इसलिए मैं नाटक करता गया।</p>
  1143. <p>माँ:- अरे यह तो काफी बड़ा है।</p>
  1144. <p>मैं:- हाँ तो सबका होता है।</p>
  1145. <p>माँ:- बहुत अच्छा है चल तेरी मदत जर देती हूँ।</p>
  1146. <p>इतना केहे कर माँ ने मेरा लंड को अपने मुंह मे ले लिआ और चूसने लगी। मुझे एक ही पल मे जन्नत मिल गया था। हलाकि मुझे बहुत मजा आ रहा था लेकिन मैं नाटक करता गया।</p>
  1147. <p>कुछ देर माँ ने मेरा लंड को चूसा और मेने धीरे धीरे अपना हाथ को उनकी चूची मे फेरता राहा।</p>
  1148. <p>माँ:- क्या ऊपर से पकड़ रहा है सही से दबा ना।</p>
  1149. <p>मैं:- सही मे पकड़ लूं?</p>
  1150. <p>माँ:- हाँ बेटे दबा इन्हे तभी तेरा पानी निकलेगा।</p>
  1151. <p>मैं:- पानी ऐसे थोड़ी निकलेगा।</p>
  1152. <p>माँ:- तो जो तू सोच रहा है वो नहीं होने वाला, ऐसे ही निकाल।</p>
  1153. <p>मैं:- अच्छा अभी नाटक कर रही हो अब तो मैं चुदे बिना नहीं जाऊंगा।</p>
  1154. <p><a href="https://elizadarling.biz/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-398 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Chudai-Ki-Kahani-1024x514.webp" alt="Maa Bete Ki Chudai Ki Kahani" width="640" height="321" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Chudai-Ki-Kahani-1024x514.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Chudai-Ki-Kahani-300x150.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Chudai-Ki-Kahani-768x385.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Chudai-Ki-Kahani-850x426.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Chudai-Ki-Kahani.webp 1280w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  1155. <p style="text-align: center;"><strong>Mom Hindi Sex Story</strong></p>
  1156. <p>Mom Hindi Sex Story​ मेने अपना लंड झटके से घुसा दिया</p>
  1157. <p>मेने जबरदस्ती माँ को Bed पर धकेल दिआ और पेटीकोट उठा कर चड्डी के ऊपर से लंड को चुत मे पेल दिआ।</p>
  1158. <p>माँ:- आहे आए आअह्ह्ह ससससससस।</p>
  1159. <p>मैं:- केसा लगा माँ उम्म्म्म?</p>
  1160. <p>माँ:- क्या बात है आज बहुत प्यार आ रहा है माँ पर।</p>
  1161. <p>मैं:- आप ने शुरू किआ यह सब।</p>
  1162. <p>माँ:- अब घुसा दिआ है तो चोद अच्छे से।</p>
  1163. <p>मैं:- किसीको पता नहीं चलेगा ना?</p>
  1164. <p>माँ:- कर ना अभी जोर जोर से पेल शशि हम्म्म्म, मेरी चूची दबा ले बेटे।</p>
  1165. <p>मेने समय का जरुरत को समझा और अपना काम जारी रखा। बिना कुछ कहे बस चोदता गया।</p>
  1166. <p>माँ की चुत इतना मस्त थी की मेरा लंड उसमे खो गया था। पूरी चुत पानी पानी हो रखा था। और मैं उसमे जोर दार पेलाई करें जा रहा था।</p>
  1167. <p>माँ:- सुन तू निचे आजा मैं चोदना सिखाती हूँ।</p>
  1168. <p>मैं:- ठीक है माँ (मैं निचे आ गया)</p>
  1169. <p>माँ:- लंड बहुत बड़ा है तेरा ले अब मार जोर जोर से (अपनी चुत मे लंड डाल कर बोली)</p>
  1170. <p>मैं:- यह लो मजा आया ससस हम्म्म्म हहह हहह हहह।</p>
  1171. <p>माँ:- आआआआ ऊऊऊऊऊ ससससस हम्म्म्म हा हाँ बेटे और जोर से।</p>
  1172. <p>मैं:- मस्त चुत है तेरी हाँ हाँ हाँ हाँ।</p>
  1173. <p>माँ:- मुझे रण्डी की तरह चोद बेटे तेरी रखेल बना दे चुत फाड़ डाल मेरी।</p>
  1174. <p>मैं:- गांड मरूंगा आज तेरी साली रण्डी।</p>
  1175. <p>माँ:- यह ले गांड मार मेरी लगा जोर फाड़ दे सब।</p>
  1176. <p>मैं:- आआह आआआह निकलने वाला है मेरा।</p>
  1177. <p>माँ:- अंदर छोड़ देना प्रेग्नेंट बना दे मुझे बेटे।</p>
  1178. <p>मैं:- यह लो चूची खा जाऊंगा आज तेरी….</p>
  1179. <p>माँ:- और जोर से पेल चोद मदारचोद अपनी माँ की चुत पसंद आया, आआआ ससससस उईईई।</p>
  1180. <p>फिर मेने देखा की मेरे लंड ने पानी छोड़ दिआ। और फिर क्या था मैं कमजोर हो गया। लेकिन माँ की चुत अभी शांत नहीं हुई थी। तो वो मेरे लंड को जगाने केलिए फिर से डाटू पिने लगी।</p>
  1181. <p><a href="https://girlseeker.biz/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-366 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-1024x534.webp" alt="" width="640" height="334" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-1024x534.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-300x156.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-768x400.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-1536x801.webp 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex-850x443.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bap-Beti-Sex.webp 1734w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  1182. <p style="text-align: center;"><strong>Mom Hindi Sex Story</strong></p>
  1183. <p>हम दोनों ने फिर से दारु पिया और जैसे ही मेरा लंड खड़ा हुआ माँ फिर उसे खुद ही अपनी चुत मे डाल ली। उस रात हम दोनों ने करीब 7 बार चुदाई किआ।</p>
  1184. <p>और सुभा हुआ तो मैं माँ के सामने आंख नहीं मिला पा रहा था। शर्म आरहा था। घर आया तो माँ मेरे कमरे मे आई और मुझे समझाने लगी। मेरा लंड को चूस कर मुझे मनाई।</p>
  1185. <p>फिर कुछ दिन तक हम लोगों ने चुदाई का भरपूर आनंद लिआ। फिर पता नहीं क्यों वो अब यह सब करने नहीं देती और मुझे भी अब ज्यादा मजा नहीं आता।</p>
  1186. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><strong>Bangalore Escorts</strong></a></p>
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  1188. <p><a href="https://www.angelsharma.in/mahipalpur-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Mahipalpur Escorts</strong></a></p>
  1189. <p><a href="https://www.angelsharma.in/aerocity-escorts.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Aerocity Escorts</strong></a></p>
  1190. ]]></content:encoded>
  1191. </item>
  1192. <item>
  1193. <title>माँ बेटे की चुदाई की सेक्सी कहानियाँ &#8211; Maa Ki Chudai Story</title>
  1194. <link>https://jawanitales.com/maa-ki-chudai-story/</link>
  1195. <dc:creator><![CDATA[Jawani Tales]]></dc:creator>
  1196. <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 07:46:31 +0000</pubDate>
  1197. <category><![CDATA[Hindi Sex Story]]></category>
  1198. <category><![CDATA[Mother Son Sex]]></category>
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  1200.  
  1201. <description><![CDATA[Maa Ki Chudai Story &#8211; दरअसल पुणे में चाचा और चाची देखभाल के मामले में मां-पापा की कमी महसूस ही नहीं होने देते थे. वो मुझे अपने बेटे की तरह रख रहे थे. फिर भी मां की याद तो आती ही थी. 2 साल हो गये थे मैं अपनी मां से नहीं मिला था. कुछ...]]></description>
  1202. <content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://jawanitales.com/maa-ki-chudai-story/"><strong>Maa Ki Chudai Story</strong></a> <strong>&#8211;</strong> दरअसल पुणे में चाचा और चाची देखभाल के मामले में मां-पापा की कमी महसूस ही नहीं होने देते थे. वो मुझे अपने बेटे की तरह रख रहे थे. फिर भी मां की याद तो आती ही थी. 2 साल हो गये थे मैं अपनी मां से नहीं मिला था. कुछ दिन का समय निकाल कर मैं मां से मिलने गांव चला गया.</p>
  1203. <p>मेरी मां का नाम मेघा है. मेरी मां ने काफी दिनों तक मेकअप आर्टिस्ट का काम किया है. उसके बाद वो घर की जिम्मेदारियों में उलझ गयीं और फिर मेकअप का काम बंद कर दिया. अब वह एक हाउसवाइफ है. मगर मेकअप करना उसे बहुत पसंद है.</p>
  1204. <p>दोस्तो, मेरा गांव काफी छोटा है. वहां पर न तो घूमने के लिहाज से कोई अच्छी जगह है और न ही कोई मार्केट या मॉल। जब मैं गांव पहुंचा तो मैंने मां और पापा को भी नहीं बताया था कि मैं आ रहा हूं.</p>
  1205. <p>जैसे ही मैं घर पहुंचा तो मां मुझे देख कर चौंक गयी. मुझे देखते ही उसकी आँखों में पानी भर आया. उसने मुझे अपने सीने से लगा लिया और मेरे बालों को प्यार से सहलाने लगी.</p>
  1206. <p>Are You looking for &#8220;<a href="https://bangalorestreetgirl.com/" target="_blank" rel="noopener"><b>Bangalore Escorts</b></a>&#8221; ?</p>
  1207. <h2 style="text-align: center;">माँ बेटे की चुदाई की सेक्सी कहानियाँ &#8211; Maa Ki Chudai Story</h2>
  1208. <p><a href="http://avirash.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-484 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-ki-chudai-story-1-1024x440.webp" alt="Maa Ki Chudai Story" width="640" height="275" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-ki-chudai-story-1-1024x440.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-ki-chudai-story-1-300x129.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-ki-chudai-story-1-768x330.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-ki-chudai-story-1-850x365.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/maa-ki-chudai-story-1.webp 1398w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  1209. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai Story</strong></p>
  1210. <p>उसका गला भर आया और वो मुझे रोते हुए हल्का डांटने लगी. वो बोली- इतने दिन से तुझे मेरी याद नहीं आई क्या? एक ही तो बेटा है मेरा और वो भी इतनी दूर रहता है मुझसे। चल अंदर आ जा. हाथ मुंह धो ले. मैं तेरे लिए खाना लगा देती हूं.</p>
  1211. <p>मां जज्बातों में मुझे दुलार रही थी और मेरा ध्यान मेरी मां के जिस्म पर जा रहा था. जब मैं गांव से पुणे गया था तो उस समय मां काफी सिम्पल और सादे कपड़ों में रहती थी. मगर आज तो उसका रूप ही बदला हुआ लगा मुझे.</p>
  1212. <p>वो काफी मॉडर्न हो चुकी थी. उसने एक पीले रंग की जालीदार साड़ी पहनी हुई थी जिसका ब्लाउज काफी डीप गले का था. ब्लाऊज वैसे तो मां ने अपने दूधों को छुपाने के लिए डाला हुआ था लेकिन वो मेरी मां के स्तनों को संभाल नहीं पा रहा था.</p>
  1213. <p>मैं घर के अंदर चला गया और मैंने बैग एक तरफ रख दिया. मैं हाथ मुंह धोने बाथरूम में चला गया. फिर फ्रेश होकर कपड़े चेंज किये और खाना खाने किचन में गया.</p>
  1214. <p>पिछले दो सालों में घर में कई नई चीजें दिखाई दे रही थीं. नया फ्रिज, नया एसी, नयी डाइनिंग टेबल. मैं तो सोच में पड़ गया था कि दो साल में ऐसा क्या हो गया कि इतनी सारी नयी चीजें खरीद ली गयीं?</p>
  1215. <p>मैंने मां से पूछा- मां, ये सब नयी चीजें कैसे? पापा की दुकान से तो इतनी आमदनी नहीं है, फिर ये सब कैसे मां?<br />
  1216. वो बोली- नहीं, दुकान अब काफी बढ़ गयी है. मैं भी कई लड़कियों को मेकअप का काम सिखा रही हूं. इसलिए घर की आमदनी भी बढ़ गयी है।</p>
  1217. <p>दोस्तो, जब से मैं घर में दाखिल हुआ था तब से मैं मां को ही घूर रहा था. आज वो बहुत सुंदर लग रही थी. मेरी मां का साइज भी 36 – 30 – 34 का हो गया था. जालीदार पीली साड़ी में क्या कमाल लग रही थी वो आज!</p>
  1218. <p>हम डायनिंग टेबल पर खाना खाने बैठ गए. मां मेरे आगे की तरफ बैठ गई. हम खाना खाने लगे. मेरा ध्यान खाने में कम और मां की ओर ज्यादा था. 2 साल बाद मिले थे इसलिए बातों का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था.</p>
  1219. <p>मेरी मां का सेक्सी फिगर मुझे बार बार उनकी ओर देखने पर मजबूर कर रहा था. बढ़ते बढ़ते वासना इतनी बढ़ गयी कि मेरा मन मां के बारे में सोच कर मुठ मारने का करने लगा.</p>
  1220. <p><a href="http://ditpivarma.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-470 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Sex-Story-1024x508.webp" alt="" width="640" height="318" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Sex-Story-1024x508.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Sex-Story-300x149.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Sex-Story-768x381.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Sex-Story-850x422.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Sex-Story.webp 1280w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  1221. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai Story</strong></p>
  1222. <p>इसके लिए मेरे दिमाग में एक आइडिया आया. मैंने मां से कहा कि मैं उसके साथ एक सेल्फी लेना चाहता हूं. मां भी तैयार हो गयी. जब मैं मां के साथ सेल्फी ले रहा था तो मैंने खुद का फ्रेम काट दिया और मां को ज्यादा फ्रेम में लिया.</p>
  1223. <p>सेल्फी में मां का सेक्सी फिगर और उसके स्तनों की घाटी साफ साफ दिख रही थी. सेल्फी लेकर मैं बाथरूम में चला गया. वहां पर मोबाइल निकाला और मां की फोटो को जूम करके देखने लगा. मैंने उसके स्तनों पर जूम किया और पैंट की चेन खोल कर लंड को बाहर निकाल लिया.</p>
  1224. <p>मां के स्तनों को देखते हुए मैं लंड की मुठ मारने लगा. मुठ मारते हुए मेरे मुंह से हल्की कामुक आवाजें आने लगीं- आह्ह … मेघा … आह्ह … सेक्सी … आई लव यू … आह्ह … स्सस … आह्ह।</p>
  1225. <p>मेरी उत्तेजना बहुत बढ़ गयी थी और मैं तेजी से लंड पर हाथ चला रहा था.</p>
  1226. <p>दो-तीन मिनट में ही मेरे लंड से वीर्य छूट पड़ा. कई पिचकारी निकाल कर मेरा लंड धीरे धीरे शिथिल होता चला गया. बहुत दिनों के बाद वीर्य छोड़कर मजा आ रहा था. बहुत अच्छा लग रहा था.</p>
  1227. <p>फिर मैं बाथरूम से बाहर आ गया. शाम के 7 बज गये थे और मैं काफी थका हुआ महसूस कर रहा था. मैं आराम करने के लिए अपने रूम की ओर चला. मैंने मां से कह दिया कि मैं सोने जा रहा हूं. जब पापा आ जायेंगे तो मुझे उठा देना.</p>
  1228. <p>रूम में जाकर मोबाइल चलाते हुए मुझे कब नींद लग गयी मुझे पता नहीं चला. जब मेरी नींद खुली तो रात के 2 बज रहे थे. मैं पानी पीने के लिए उठा और किचन की तरफ बढ़ा.</p>
  1229. <p>मैंने देखा कि मां के रूम की लाइट अभी भी ऑन थी. मैंने सोचा कि मां और पापा की चुदाई चल रही होगी. मेरा मन भी करने लगा कि मैं मां और पापा को सेक्स करते हुए देखूं. मैंने रूम में झांका तो अंदर केवल मां ही थी.</p>
  1230. <p>मां कोई किताब पढ़ रही थी और चादर ओढ़ कर बैठी हुई थी.<br />
  1231. फिर उसको शायद गर्मी महसूस हुई और एकदम से मां ने वो चादर हटा दी. मैं सामने का नजारा देख कर स्तब्ध रह गया. मां ने केवल ब्लाउज ही पहना हुआ था.</p>
  1232. <p>उसके स्तनों को छोड़ कर बदन का बाकी हिस्सा पूरा नंगा था. न साड़ी और न पेटीकोट और न ही पैंटी. उसने अपनी टांगों को फैला रखा था जिसमें जांघों के बीच वाले भाग में कुछ बाल दिख रहे थे और उनके पीछे छुपी थी मेरी मां की चूत।</p>
  1233. <p>चूत देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया और मैं वहीं पर लंड को सहलाने लगा. मैंने मन ही मन ठान ली थी कि अबकी बार पुणे जाने से पहले मां की चुदाई करके ही जाऊंगा. फिर मैंने किचन में जाकर पानी पीया और मेरी उत्तेजना थोड़ी शांत हुई.</p>
  1234. <p>उसके बाद मैं अपने रूम में जाकर सो गया.</p>
  1235. <p>अगली सुबह मां ने मुझे उठाया. उसने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी जो काफी सुंदर लग रही थी.</p>
  1236. <p>उठने के बाद मैंने नाश्ता किया और फिर मां के साथ गप्पें मारने लगा.<br />
  1237. मैंने पूछा- रात को पापा नहीं आये क्या?<br />
  1238. वो बोली- रात में देर से आये थे और फिर बाहर टीवी देखते देखते ही सो गये. आज शायद जल्दी आ जायेंगे तुम्हारे लिये।</p>
  1239. <p>मैं खुश हो गया. फिर ऐसे ही बातों ही बातों में दिन ढल गया और रात हो गई. आज भी पापा जल्दी नहीं आए. इसलिए मैं और मां खाना खाकर अपने अपने रूम में सोने चले गए.</p>
  1240. <p>रात को 11:30 बजे मेरी नींद खुल गई. मैं बाहर आ गया. बाहर हॉल में देखा तो पापा सो गए थे और मां के रूम की लाइट भी ऑफ थी. शायद आज मां जल्दी सो गई थी। मैं धीरे से मां के रूम की तरफ बढ़ा।</p>
  1241. <p><a href="https://in.cgbangalore.in/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-468 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani-1024x525.webp" alt="" width="640" height="328" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani-1024x525.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani-300x154.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani-768x394.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani-850x436.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/12/Maa-Bete-Ki-Sex-Kahani.webp 1277w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  1242. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai Story</strong></p>
  1243. <p>मैंने धीरे से रूम का दरवाजा खोला. मां दूसरी तरफ मुंह करके सो रही थी. मैं धीरे से अंदर चला गया और रूम का दरवाजा लगा दिया. फिर आहिस्ता से मां के बेड पर लेट गया और सो गया. लेटे हुए पांच मिनट ही हुए थे कि लाइट चली गयी. इतने में ही मां ने करवट बदल ली और मेरे बदन पर हाथ रख दिया.</p>
  1244. <p>मां ने नींद के नशे में बड़बड़ाया- आप कल बाहर ही सो गये … आज भी आपने आने में इतनी देर कर दी … राहुल भी घर में है और आप बाहर सो जाते हैं. उसके रहते बाहर सेक्स कैसे कर सकते हैं? थोड़ा जल्दी आ जाया करो ना जान!</p>
  1245. <p>ऐसा बोलते हुए मां ने मेरी पैंट का बटन खोलना शुरू कर दिया. मेरे सीने में धक धक हो रही थी. मैं बुरी तरह से फंस गया था. फिर भी मैं चुपचाप शांति से लेटा रहा. मां मेरी पैंट उतारने लगी और मैंने गांड उठा कर उनको जगह दे दी पैंट खींचने के लिए।</p>
  1246. <p>पैंट नीचे करके मां ने मेरी अंडरवियर में हाथ दे दिया और मेरे लंड को पकड़ लिया. डर के मारे मेरा लंड खड़ा भी नहीं हो रहा था.<br />
  1247. मेरा सोया हुआ लंड हाथ में लेकर मां बोली- क्या बात है, आप बात भी नहीं करते हो, आपका लंड भी खड़ा नहीं हो रहा है?</p>
  1248. <p>मैंने कोई जवाब नहीं दिया. सांस रोक कर शांति से लेटा रहा.<br />
  1249. मां बोली- ठीक है, जैसा आप चाहो, अब मैं इसको खुद ही खड़ा कर लूंगी और अपनी चूत में ले लूंगी.</p>
  1250. <p>मां ने मेरे लंड को हिलाना और सहलाना शुरू कर दिया. अब मुझे भी उत्तेजना होने लगी और मेरे लंड खड़ा होने लगा. कुछ पल के अंदर ही मेरा लंड बड़ा होकर 7 इंच का हो गया और सलामी देने लगा.</p>
  1251. <p>वो मेरे लंड को कस कर भींचते हुए बोली- आह्हह … आज तो ये बड़ा बड़ा सा लग रहा है … काफी सख्त भी है. इसको तो मैं अपने मुंह में लेकर चूस लूंगी.</p>
  1252. <p>मां ने झट से मेरे लंड को अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगी. मेरा लंड मां अपने मुंह में अंदर तक ले रही थी. मुझे बहुत मजा आ रहा था. फिर अचानक से मां रुक गयी.</p>
  1253. <p>मुझे लगा कि मां को शायद ये पता न चल गया हो कि बेड पर उनके पति नहीं बल्कि उनका बेटा है. तभी अचानक मेरे दूसरी बगल में किसी ने पांव रख दिया. जब वो उठ कर मेरे ऊपर आयी तो मुझे तब पता लगा कि वो मां ही है.</p>
  1254. <p>मां ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और अपनी चूत के मुंह पर लगा दिया. उसकी चूत के होंठ मेरे लंड के सुपारे को छू रहे थे और मेरे बदन में सेक्स की एक आग लगी जा रही थी. मन कर रहा था कि मां की चूत में लंड घुसा कर उसे पटक पटक कर चोद दूं.</p>
  1255. <p>फिर अचानक से वो मेरे लंड पर बैठ गयी और मेरा लंड मेरी मां की चूत को फाड़कर अंदर घुस गया. मां चिल्लाई और उठने लगी लेकिन मैंने मां को पकड़ लिया. उसकी कमर से पकड़ कर मैंने उसे फिर से नीचे की ओर दबाकर बिठा लिया.</p>
  1256. <p>अब मेरा लंड पूरा मेरी मां की चूत के अंदर था. धीरे धीरे वो शांत हो गयी. दर्द के मारे शायद उसको होश भी नहीं था और वो शरीर को छूकर भी नहीं पहचान पा रही थी कि मैं उसका पति नहीं हूं.</p>
  1257. <p>फिर वो अपनी गांड को हिलाते हुए मेरे लंड पर आगे पीछे होने लगी. मुझे मजा आने लगा. मां भी चुदाई का मजा लेने लगी. हिम्मत करके मैंने मां के स्तनों को पकड़ लिया.</p>
  1258. <p>मुझे नहीं मालूम था कि पापा मेरी मां की चुदाई कैसे करते हैं. उस वक्त मैं केवल एक दांव खेल सकता था, सो मैंने खेला. वो ब्लाउज में थी और मैंने उसके स्तनों को सहलाते हुए उसके ब्लाउज को खोलने की कोशिश की.</p>
  1259. <p>पहले मैंने एक हुक खोला, फिर दूसरा और फिर तीसरा. ऐसे करके मैंने पांचों हुक खोल दिये. मैंने ब्लाउज निकाल दिया. उसने नीचे से जालीदार ब्रा पहनी हुई थी. मैंने उसकी ब्रा में अंदर दो उंगली डाल कर उसके निप्पल को मसल दिया.</p>
  1260. <p>मां ने झट से मेरा हाथ निकाला और अपनी चूची को बाहर करके बिना हुक खोले ही मेरे मुंह पर रख दिया. मैं तो जैसे जन्नत में पहुंच गया. मां के बदन की खुशबू लेते हुए मैं उसकी चूची को जोर जोर से चूसने लगा.</p>
  1261. <p>उसके स्तन को चूसते हुए मैं इतनी उत्तेजना में आ गया कि मैंने उसकी दूसरी चूची को भी ब्रा के ऊपर से ही खींचकर बाहर निकाल लिया और दोनों स्तनों के साथ चूस चूस कर खेलने लगा. ऊपर से मैं स्तनों को चूस रहा था और नीचे से मां अपनी गांड हिला कर मेरे लंड को और तेज धक्के लगाने पर मजबूर कर रही थी.</p>
  1262. <p>अपनी गांड हिलाते हिलाते ही वो एकदम से मेरे लंड को सुपारे तक अपनी चूत के बाहर तक लाती और फिर गच्च से अंदर कर लेती. मां की योनि बहुत ज्यादा गर्म थी. जितना मजा मुझे उस वक्त आ रहा था वो मैं यहां शब्दों में नहीं बता सकता.</p>
  1263. <p>आधे घंटे तक चोदने के बाद मुझे लगने लगा कि अब मैं किसी भी वक्त झड़ जाऊंगा. मगर मैंने मां को नहीं रोका और न ही उनको अपने से अलग किया. मां मुझे अपना पति समझ कर प्यार किये जा रही थी.<br />
  1264. वो मस्ती में सिसकारते हुए कह रही थी- आह्ह … मुझे रोज ऐसे शांत किया कीजिये. मैं आपके लंड से ऐसे ही चुदा करूंगी. आई लव यू जी।</p>
  1265. <p>इतना सुनते ही मैं मां की चूत में अंदर ही झड़ गया. मां अपने पैरों को चौड़े करके मेरे लंड को और अंदर तक ले जाने की कोशिश कर रही थी.<br />
  1266. फिर वो भी मुझ पर निढाल हो गयी. मैं भी सो गया और मां भी मेरे ऊपर ही सो गयी.</p>
  1267. <p>सुबह के पांच बजे मेरी नींद टूटी. मेरा लंड मां की चूत में ही था. वो मेरे ऊपर लिपट कर सो रही थी. उसके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था. लाइट भी आ गयी थी लेकिन बल्ब छोटा था इसलिए रोशनी बहुत ही कम थी.</p>
  1268. <p>फिर वो आंखें खोलने लगी लेकिन मैंने डर के मारे अपनी आँखें बंद कर लीं और सोने का नाटक करने लगा. मां ने धीरे से मेरा लंड अपनी चूत के बाहर निकाला।</p>
  1269. <p>मां ने मेरा लंड अपनी पैंटी से साफ किया. उस पर थोड़ा थूक लगाया और धीरे से उसे अपने मुंह में ले लिया। हल्का हल्का चूस कर उसे अच्छे से साफ किया और बेड पर से उठ गई।</p>
  1270. <p>उसने मुझे चादर ओढ़ा दी. मुझे फिर से नींद आ गयी. फ्रेश होकर मां ने कपड़े पहने और मेरे रूम में गयी. मैं वहां पर उनको नहीं मिला. उसके बाद ढूंढते हुए हॉल तक आई. उसने सोचा कि मैं हॉल में सो रहा हूं.</p>
  1271. <p>जैसे ही मां ने हॉल की लाइट जलाई तो चौंक गयी. हॉल में पापा सो रहे थे. मेरी आंख 10 बजे खुली और मैंने पाया कि मेरे बदन पर मेरी अंडरपैंट और बनियान थी. मैं उठ कर बाहर आया.</p>
  1272. <p>मैं अपने रूम में नहाने गया और तैयार होकर बाहर आया. मैंने देखा कि मां डाइनिंग टेबल पर बैठ कर रो रही थी. मैंने उसे रोते हुए देखा तो बहुत बुरा लगा. मैं उसके पास गया तो उसने मुझे गुस्से से दूर हटा दिया.</p>
  1273. <p><a href="https://snehaoswal.com/" target="_blank" rel="noopener"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-367 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-1024x534.webp" alt="Baap Beti Ki Chudai Kahani" width="640" height="334" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-1024x534.webp 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-300x156.webp 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-768x400.webp 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-1536x801.webp 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani-850x443.webp 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Baap-Beti-Ki-Chudai-Kahani.webp 1734w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
  1274. <p style="text-align: center;"><strong>Maa Ki Chudai Story</strong></p>
  1275. <p>मुझे डांटते हुए कहने लगी- तुझे शर्म नहीं आयी अपनी मां के साथ ऐसा करते हुए? तूने जो किया है वो एक बहुत बड़ा पाप है. आज तक किसी बेटे को देखा है तूने, जो सारी रात अपनी मां के साथ बिना कपड़ों के सोया हो? लोगों को पता चलेगा तो क्या कहेंगे?</p>
  1276. <p>मैंने मां से शांत होने के लिए कहा और बोला- मां मुझे खुद नहीं पता कि मैं आपके रूम में कैसे आया? शायद मैं नींद में चल कर आ गया था. जब तक मुझे कुछ समझ में आया तब तक आप उछल रही थीं।<br />
  1277. नींद में होने के कारण मैं कुछ नहीं कर पाया लेकिन आपके मुंह से लगातार यह निकल रहा था ‘आह्ह … बहुत मजा आ रहा है … आह्ह … ओह्ह …’ आपके मजे के कारण मैं कुछ नहीं बोला और बस लेटा रहा.</p>
  1278. <p>मां बोली- मगर हमारे बीच जो कुछ हुआ वो कोई नहीं करता. तुम्हारा 7 इंची हथियार रात भर मेरे अंदर था. अब मुझे पाप लगेगा.<br />
  1279. ये कहते हुए मां फिर से रोने लगी.</p>
  1280. <p>मैं मां को समझाने की कोशिश कर रहा था।<br />
  1281. मैंने मां से कहा- आप इतना मत सोचिए. किसी को नहीं पता चलेगा कि आप और मैं कल रात भर बिना कपड़ों के सोए थे. मैं आपका बेटा हूं. बचपन में मैं आपका दूध पीता ही था. वैसे ही कल पी रहा था. इससे आपको कोई पाप नहीं लगेगा.</p>
  1282. <p>जब मां मेरे समझाने के बाद भी नहीं मानी तो मैं बोला- मां, अब ये बातें शहरों में बहुत नॉर्मल हो गयी हैं. बड़े शहरों में हर कोई अपनी मां के साथ रात भर कपड़े खोल कर सोता है.</p>
  1283. <p>उनको अभी भी मेरी बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था. मैंने झट से अपने मोबाइल पर फेक मां बेटे के कुछ पोर्न वीडियो मां को दिखाए और मां को शांत किया. मां को मैंने तसल्ली दिलाई कि हमने कुछ ग़लत नहीं किया।</p>
  1284. <p>मां को उस दिन मैंने कई सारे पोर्न वीडियो दिखाए। मां और बेटे के बीच चुदाई, बहन और भाई की चुदाई, पापा और बेटी के बीच चुदाई, मां और बेटी का सेक्स आदि।</p>
  1285. <p>उसके बाद मां मुझसे काफी खुल गई थी।<br />
  1286. इसी बीच मैंने मां से पूछा- मां, क्या पापा आपको रोज नहीं चोदते?<br />
  1287. वो थोड़ी शांत होकर बोली- बेटा वो काम करके थक जाते हैं और अब उनकी उम्र भी हो रही है.<br />
  1288. ये कहते हुए मां की आंखें गीली हो रही थीं.</p>
  1289. <p>फिर मैंने मां को अपने गले से लगाया. उसे अपने रूम में लेकर गया। उसको समझाते हुए कहा- आपके लिये मैं हूं ना … मैं आपको कभी छोड़कर नहीं जाऊंगा. आपकी हर खुशी का ख्याल रखूंगा।</p>
  1290. <p>इतना कह कर मैंने मां के ब्लाउज़ में हाथ डाल दिया. मां ने भी विरोध नहीं किया. धीरे धीरे करके मां के सारे कपड़े मैंने उतार दिए। बेड पर लिटाकर उसको चूमा और जो भी वीडियो उसके दिखाये थे वो सारी की सारी की पोज बना कर मैंने मां को चोदा.</p>
  1291. <p>उस पूरे दिन में मैंने मां को कई बार चोदा. अब मां के साथ रोज चुदाई होने लगी. मुझे गांव में आये हुए एक महीना हो गया था और इसी बीच मां को पीरियड हो गया.</p>
  1292. <p>पीरियड के दिनों को छोड़ कर मां इन दो महीनों में मेरे साथ दिनभर नंगी ही सोयी.</p>
  1293. <p>इसी बीच मेरी चाची और मेरी चचेरी बहन भी 3 दिन के लिए गांव आ गये.</p>
  1294. <p>चाची और चचेरी बहन की चुदाई भी शुरू हो गयी. हम चारों ने मिल कर चुदाई के खूब मजे लिये. तीन दिन रुक कर वो चले गये और मैं गांव में ही रुक गया. मैं एक महीना और बाद तक रहा और मां की चुदाई करता रहा.</p>
  1295. <p><a href="https://jawanitales.com/"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-226 size-large" src="http://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bhai-Behan-ki-Sex-Story-1024x468.png" alt="Bhai Behan ki Sex Story" width="640" height="293" srcset="https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bhai-Behan-ki-Sex-Story-1024x468.png 1024w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bhai-Behan-ki-Sex-Story-300x137.png 300w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bhai-Behan-ki-Sex-Story-768x351.png 768w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bhai-Behan-ki-Sex-Story-1536x702.png 1536w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bhai-Behan-ki-Sex-Story-850x389.png 850w, https://jawanitales.com/wp-content/uploads/2025/07/Bhai-Behan-ki-Sex-Story.png 1894w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
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